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म्युकरमायकोसिस: गाजियाबाद में भी मिला काला फंगस का केस
Wed, 12 May 2021 12:46 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 12 May 2021 12:46 AM IST
सार
गाजियाबाद के आरडीसी में स्थित हर्ष अस्पताल में काला फंगस (म्युकरमायकोसिस) होने का मामला सामने आया है। यहां कोरोना संक्रमण से ठीक हुए व्यक्ति को आंख में परेशानी होने लगी। उसकी आंख का ऑपरेशन किया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
गाजियाबाद के आरडीसी में स्थित हर्ष अस्पताल में काला फंगस (म्युकरमायकोसिस) होने का मामला सामने आया है। यहां कोरोना संक्रमण से ठीक हुए व्यक्ति को आंख में परेशानी होने लगी। उसकी आंख का ऑपरेशन किया गया है। अब उसकी हालत ठीक है।
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अस्पताल के डॉ. त्यागी ने बताया कि काला फंगस कोरोना इलाज के दौरान अधिक स्टेरायड लेने से होता है। काला फंगस शुगर व कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों को अपना शिकार बनाता है। इस बीमारी के लक्षणों में चेहरे पर सुन्नापन आना, एक तरफ या दोनों तरफ की नाक का बंद होना, आंखों में कालापन, सूजन, आंख की पुतली का न घूमना, आंख से दो-दो दिखाई देना, तालु की लालिमा का खत्म होना, दांतों का हिलना, खाने में दिक्कत होना, सरदर्द, चक्कर आना, उल्टी आना, बेहोशी छाना व सुस्ती आना है।
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काला फंगस के इलाज में पहले दिन ऑपरेशन करके डॉक्टर हर तीसरे दिन दूरबीन विधि से नाक की सफाई करता है। अच्छा इलाज लेकर 100 में से पांच मरीज ही बच पाते हैं। अगर काला फंगस दिमाग तक पहुंच जाए तो 100 में से सिर्फ एक मरीज ही बच पाता है।
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