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संक्रमण हुआ कम तो स्कूल चले हम: ऑफलाइन कक्षाएं चालू होते ही सामान्य से 10 फीसदी बढ़ गई उपस्थिति

Thu, 24 Mar 2022 05:08 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 24 Mar 2022 05:08 PM IST
सार

ऑनलाइन कक्षाओं ने विद्यार्थियों को मोबाइल, लैबलेट सहित अन्य तकनीकी गैजेट का आदी बना दिया। ऑफलाइन क्लास शुरू होने के बाद भी तमाम छात्र-छात्राओं का मोबाइल फोन लाने का सिलसिला जारी रहा।

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Corona infection decreasing attendance in schools increasing Amar Ujala Abhiyan Shiksha
अमर उजाला अभियान शिक्षा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना के ओमिक्रॉन स्वरूप के बाद खुले स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सामान्य दिनों की अपेक्षा 10 फीसदी तक बढ़ गई है। नर्सरी हो या फिर बड़ी कक्षाएं, सभी में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता है। पढ़ाई से जुड़ी गतिविधि हो या फिर खेल से जुड़ी, सभी में छात्र-छात्राओं का जोश देखते ही बन रहा है। कोरोना महामारी से पहले स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 से 80 फीसदी तक रहती थी। लगातार दो साल ऑनलाइन के बाद शुरू हुई ऑफलाइन कक्षाओं में उपस्थिति का आंकड़ा 90 फीसदी को पार कर गया है।

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स्कूलों ने मोबाइल लाने पर लगाई रोक, जल्द थकान की शिकायत
ऑनलाइन कक्षाओं ने विद्यार्थियों को मोबाइल, लैबलेट सहित अन्य तकनीकी गैजेट का आदी बना दिया। ऑफलाइन क्लास शुरू होने के बाद भी तमाम छात्र-छात्राओं का मोबाइल फोन लाने का सिलसिला जारी रहा। ऐसे में ऑफलाइन कक्षाओं में व्यवधान और पढ़ाई में एकाग्रता की कमी को देखते हुए स्कूलों ने विद्यार्थियों केमोबाइल सहित अन्य गैजेट लाने पर रोक लगा दी है। दूसरी ओर लंबे समय तक ऑनलाइन क्लास लेने के अब शारीरिक दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। विद्यार्थियों के लगातार बैठने और फिर शारीरिक गतिविधि पर जल्द थकने की शिकायत सामने आ रही है। ऐसे में समस्या के निदान के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ाया गया है।
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कोरोना में अपनों को खोया, स्कूलों ने नहीं छोड़ा साथ
कोरोना की दूसरी लहर ने किसी बच्चे ने अपने पिता तो किसी ने मां को खो दिया। महानगर के स्कूलों ने अपनों को खोने वाले विद्यार्थियों का मुश्किल घड़ी में साथ नहीं छोड़ा है। स्कूलों के कारण नि:शुल्क शिक्षा की लौ जल लगातार जल रही है। नेहरू वर्ल्ड स्कूल में 17 तो ठाकुरद्वारा बालिका विद्यालय में 24 छात्राओं की 12वीं तक की नि:शुल्क शिक्षा का जिम्मा स्कूल ने उठाया है। केडीबी पब्लिक स्कूल में भी अपने माता-पिता को खो चुके नौ बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जा रही है। अधिकांश स्कूलों ने कोविड में नई मिसाल पेश की है।
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छात्र-छात्राओं की उपस्थिति लगभग बराबर
महानगर के स्कूलों में उपस्थिति का ग्राफ बढ़ने के साथ छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का आंकड़ा लगभग बराबर है। अधिकांश स्कूलों में कक्षाओं में छात्रों के मुकाबले छात्राओं की संख्या कुछ कम है। स्कूल ऑफलाइन होने के बाद छात्र-छात्राएं नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं। विज्ञान, कला, खेल सहित अन्य गतिविधियों में प्रतिभाग करने का प्रतिशत लगभग बराबर है।

प्रमुख स्कूलों में छात्र संख्या और उपस्थित छात्र प्रतिशत
स्कूल कुल छात्र उपस्थिति प्रतिशत
डीपीएसजी मेरठ रोड 5200 95
नेहरू वर्ल्ड स्कूल 1600 85
गुरुकुल द स्कूल 2500 90
ठाकुरद्वारा बालिका विद्यालय 2500 90
डीपीएस एचआरआईटी 700 90

कोट प्रिंसिपल
पढ़ाई में बच्चे अधिक दे रहे ध्यान, अभिभावक गंभीर:
1. फरवरी के आखिर तक ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहीं। मार्च से सभी कक्षाएं ऑफलाइन विकल्प से संचालित हो रही हैं। विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ने के साथ बच्चे पढ़ाई में अधिक ध्यान दे रहे हैं। ऑनलाइन कक्षाओं के गैप को पाटने के लिए स्कूल के उठाए जा रहे कदमों के प्रति अभिभावक भी गंभीर हैं। -अरुणाभ सिंह, निदेशक, नेहरू वर्ल्ड स्कूल

ऑनलाइन ने बदली आदत, लाया जा रहा पटरी पर
2. ऑफलाइन कक्षाओं में उपस्थिति जरूर बढ़ी है, लेकिन ऑनलाइन क्लास के प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। छात्राओं को जल्दी थकान की शिकायत देखने को मिल रही है। कुछ छात्राएं लगातार स्कूल आने के बाद एक-दो अनुपस्थित हो जाती हैं। ऐसे में जल्द स्थिति पटरी पर आ जाएगी। शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाया गया है।- पूनम शर्मा, प्रिंसिपल, ठाकुरद्वारा बालिका विद्यालय

कोट: अभिभावक
ऑफलाइन स्कूल से दिख रहा बदलाव:
1. ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने से बच्चों की शैक्षिक और शारीरिक दोनों गतिविधियां बढ़ी हैं। उसका सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। -- शैलेंद्र चौधरी, अभिभावक

मोबाइल इस्तेमाल की बच्चों में पड़ गई आदत:
2. ऑनलाइन कक्षाओं में लंबे समय तक विद्यार्थियों ने मोबाइल सहित अन्य गैजेट का इस्तेमाल किया। उसकी आदत छूटने में थोड़ा वक्त लगेगा। -- राहुल पराशर, अभिभावक

कोट: छात्र
पढ़ाई व खेल से जुड़ी गतिविधियां बढ़ीं:
1. ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद शैक्षिक और खेल संबंधी गतिविधियों में इजाफा हुआ है। सभी गतिविधियों में उत्साह से भाग ले रहीं हूूं। -- नित्या, डीपीएसजी मेरठ रोड


अतिरिक्त कक्षाएं हो रहीं संचालित:
2. ओमिक्रॉन के बाद स्कूल खुलने पर हर स्तर पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। लगातार अतिरिक्त कक्षाएं मददगार साबित हो रही हैं। -- अंशुल, सेंट टैरेसा इंदिरापुरम

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