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बिहार संपर्क क्रांति से गाय टकराई,ट्रैक हुआ बाधित
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:46 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नई दिल्ली से दरभंगा जा रही बिहार संपर्क क्रांति से गाजियाबाद में सोमवार को एक गाय टकरा गई। गाय ट्रैक और ट्रेन के बीच में फंस गई। गनीमत रही कि ट्रेन डिरेल नहीं हुई। घटना के बाद ट्रेन को गाजियाबाद में ही रोक दिया गया और फंसी गाय को निकाला गया। बाद में इंजीनियरों के ट्रेन को फिट करार देने के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया।
दोपहर 2:15 बजे नई दिल्ली-दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस नई दिल्ली से रवाना हुई थी। 2:55 बजे यह ट्रेन गाजियाबाद मेन लाइन से पास हो रही थी। इसी दौरान ट्रैक किनारे घास चर रही एक गाय ट्रेन के सामने आ गई।
ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया लेकिन गाय ट्रेन और ट्रैक के बीच फंस गई और मौके पर ही दम तोड़ दिया। गनीमत रही कि ट्रेन डिरेल नहीं हुई। घटना की सूचना पर आरपीएफ और रेलवे ट्रैफिक डिपार्टमेंट, इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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ट्रेन के नीचे फंसी गाय को बाहर निकाला गया। इस दौरान रेलवे इंजीनियरों ने ट्रेन की जांच की। अंदेशा था कि गाय के टकराने से ट्रेन में कोई तकनीकी दिक्कत न आ गई हो। करीब 50 मिनट बाद इंजीनियरों के फिट देने के बाद ट्रेन को बिहार के लिए रवाना किया गया। स्थानीय अधिकारियों ने घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
इंसानों पर कार्रवाई, जानवरों को नहीं रोकती आरपीएफ
ट्रैक पार करने वालों पर आरपीएफ कार्रवाई कर जुर्माना कर देती है, लेकिन जानवरों को नहीं रोका जाता। रेलवे ट्रैक के आसपास घास उग आने से यहां अक्सर गाय, सांड़ और गधे घास चरने आ जाते हैं। इसके अलावा बंदर और कुत्ते भी रेलवे ट्रैक पर घूमते रहते हैं। ऐसे में यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जानवरों के टकराने से ट्रेन के डिरेल होने का खतरा होता है।
मालगाड़ी के पहिए में फ्रेक्चर, रोकी गई ट्रेन
राधाकुंज रेलवे फाटक पर सोमवार की शाम को एक मालगाड़ी की पहिए में फ्रैक्चर आ गया। पहिए के फ्रैक्चर की मरम्मत के लिए राधाकुंज रेलवे फाटक बंद कर दिया गया, जिससे यहां से आने-जाने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
रेलवे की इंजीनियरिंग विंग से पहुंचे कर्मचारियों ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। देर रात तक ही काम पूरा होने की उम्मीद है। राधाकुंज रेलवे फाटक पर सोमवार शाम चार बजे एक मालगाड़ी आकर खड़ी हो गई।
मालगाड़ी के एक कोच के पहिए में फ्रैक्चर आ गया था। लोहे का हिस्सा अलग हो गया था, जिससे चलते मालगाड़ी के पलटने की आशंका थी। इसी वजह से मालगाड़ी को रोककर रेलवे को सूचना दी गई और मरम्मत का काम शुरू हो सका।
रेलवे के इंजीनियरिंग विंग की टीम ने फ्रैक्चर पहिए के कोच को छोड़कर बाकी कोच को दूसरा इंजन मंगाकर अलग किया गया। इसके बाद मरम्मत शुरू की। टैक्रिक इंचार्ज सत्य प्रकाश ने बताया कि देर रात तक काम चलेगा। काम पूरा होने पर ही फाटक खुल सकेगा।
तीन घंटे बंद रहा नासिरपुर फाटक, लगा जाम
तार टूटने से नासिरपुर फाटक सोमवार को तीन घंटे बंद रहा। इसकी वजह से यहां लंबा जाम लग गया। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद फाटक नहीं खुला तो वाहन चालक नेहरू नगर फ्लाईओवर और होली चाइल्ड चौराहे की ओर से गंतव्य तक पहुंचे। इस दौरान रूट डायवर्जन होने से होली चाइल्ड चौराहे पर भी जाम लग गया, जिससे लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ीं।
सोमवार शाम 4:20 बजे दिल्ली की ओर से उत्कल एक्सप्रेस मेरठ की ओर जा रही थी। इसके लिए गेटमैन ने नासिरपुर फाटक को बंद कर दिया। ट्रेन के गुजरने के बाद फाटक खोलने के दौरान तार टूट गया।
इसके चलते फाटक नहीं खोला जा सका। बंद फाटक देख पहले लोगों को लगा कि दूसरी ट्रेन गुजरने के बाद फाटक खुल जाएगा लेकिन काफी देर तक फाटक नहीं खुला तो उन्होंने गेटमैन से जानकारी की।
फाटक खराब होने की जानकारी पर यहां से वाहन डायवर्ट हुए, लेकिन वाहनों की कतार लंबी होने की वजह से यहां जाम लग गया। रिक्शा वाले फाटक पर ही सवारियों को छोड़कर वापस चले गए।
वहीं ठेले वालों ने सामान उतारकर लोगों की मदद से ठेलों को दूसरी ओर पहुंचाया। गेटमैन की सूचना पर पहुंचे रेलवे के तकनीकी स्टाफ ने फाटक को ठीक किया। करीब तीन घंटे बाद यहां यातायात सुचारुहो पाया।
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दोपहर 2:15 बजे नई दिल्ली-दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस नई दिल्ली से रवाना हुई थी। 2:55 बजे यह ट्रेन गाजियाबाद मेन लाइन से पास हो रही थी। इसी दौरान ट्रैक किनारे घास चर रही एक गाय ट्रेन के सामने आ गई।
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ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया लेकिन गाय ट्रेन और ट्रैक के बीच फंस गई और मौके पर ही दम तोड़ दिया। गनीमत रही कि ट्रेन डिरेल नहीं हुई। घटना की सूचना पर आरपीएफ और रेलवे ट्रैफिक डिपार्टमेंट, इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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ट्रेन के नीचे फंसी गाय को बाहर निकाला गया। इस दौरान रेलवे इंजीनियरों ने ट्रेन की जांच की। अंदेशा था कि गाय के टकराने से ट्रेन में कोई तकनीकी दिक्कत न आ गई हो। करीब 50 मिनट बाद इंजीनियरों के फिट देने के बाद ट्रेन को बिहार के लिए रवाना किया गया। स्थानीय अधिकारियों ने घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
इंसानों पर कार्रवाई, जानवरों को नहीं रोकती आरपीएफ
ट्रैक पार करने वालों पर आरपीएफ कार्रवाई कर जुर्माना कर देती है, लेकिन जानवरों को नहीं रोका जाता। रेलवे ट्रैक के आसपास घास उग आने से यहां अक्सर गाय, सांड़ और गधे घास चरने आ जाते हैं। इसके अलावा बंदर और कुत्ते भी रेलवे ट्रैक पर घूमते रहते हैं। ऐसे में यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जानवरों के टकराने से ट्रेन के डिरेल होने का खतरा होता है।
मालगाड़ी के पहिए में फ्रेक्चर, रोकी गई ट्रेन
राधाकुंज रेलवे फाटक पर सोमवार की शाम को एक मालगाड़ी की पहिए में फ्रैक्चर आ गया। पहिए के फ्रैक्चर की मरम्मत के लिए राधाकुंज रेलवे फाटक बंद कर दिया गया, जिससे यहां से आने-जाने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
रेलवे की इंजीनियरिंग विंग से पहुंचे कर्मचारियों ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। देर रात तक ही काम पूरा होने की उम्मीद है। राधाकुंज रेलवे फाटक पर सोमवार शाम चार बजे एक मालगाड़ी आकर खड़ी हो गई।
मालगाड़ी के एक कोच के पहिए में फ्रैक्चर आ गया था। लोहे का हिस्सा अलग हो गया था, जिससे चलते मालगाड़ी के पलटने की आशंका थी। इसी वजह से मालगाड़ी को रोककर रेलवे को सूचना दी गई और मरम्मत का काम शुरू हो सका।
रेलवे के इंजीनियरिंग विंग की टीम ने फ्रैक्चर पहिए के कोच को छोड़कर बाकी कोच को दूसरा इंजन मंगाकर अलग किया गया। इसके बाद मरम्मत शुरू की। टैक्रिक इंचार्ज सत्य प्रकाश ने बताया कि देर रात तक काम चलेगा। काम पूरा होने पर ही फाटक खुल सकेगा।
तीन घंटे बंद रहा नासिरपुर फाटक, लगा जाम
तार टूटने से नासिरपुर फाटक सोमवार को तीन घंटे बंद रहा। इसकी वजह से यहां लंबा जाम लग गया। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद फाटक नहीं खुला तो वाहन चालक नेहरू नगर फ्लाईओवर और होली चाइल्ड चौराहे की ओर से गंतव्य तक पहुंचे। इस दौरान रूट डायवर्जन होने से होली चाइल्ड चौराहे पर भी जाम लग गया, जिससे लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ीं।
सोमवार शाम 4:20 बजे दिल्ली की ओर से उत्कल एक्सप्रेस मेरठ की ओर जा रही थी। इसके लिए गेटमैन ने नासिरपुर फाटक को बंद कर दिया। ट्रेन के गुजरने के बाद फाटक खोलने के दौरान तार टूट गया।
इसके चलते फाटक नहीं खोला जा सका। बंद फाटक देख पहले लोगों को लगा कि दूसरी ट्रेन गुजरने के बाद फाटक खुल जाएगा लेकिन काफी देर तक फाटक नहीं खुला तो उन्होंने गेटमैन से जानकारी की।
फाटक खराब होने की जानकारी पर यहां से वाहन डायवर्ट हुए, लेकिन वाहनों की कतार लंबी होने की वजह से यहां जाम लग गया। रिक्शा वाले फाटक पर ही सवारियों को छोड़कर वापस चले गए।
वहीं ठेले वालों ने सामान उतारकर लोगों की मदद से ठेलों को दूसरी ओर पहुंचाया। गेटमैन की सूचना पर पहुंचे रेलवे के तकनीकी स्टाफ ने फाटक को ठीक किया। करीब तीन घंटे बाद यहां यातायात सुचारुहो पाया।