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Ghaziabad News: कम नंबर आने पर परिजनों ने डाटा तो 10वीं के छात्र ने दी जान
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साहिबाबाद। मृतक दीपांशु का फाइल फोटो
इंदिरापुरम। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनावनी स्थित चमन कॉलोनी में शनिवार रात 14 वर्षीय छात्र ने परिजनों के डाटने के बाद फंदा लगाकर जान दे दी है। इंदिरापुरम के निजी स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र दिपांशु की सोमवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) थी। इसको लेकर अभिभावकों ने उसे कम नंबर आने पर डाटा था। इसी से नाराज होकर वह कमरे में चला गया और फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने जब देखा तो चीख पुकार मच गई। आसपास के लोग आ गए, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच में जुट गई है।
एसीपी के अनुसार, छात्र दिपांशु माता-पिता और एक भाई के साथ कनावनी की चमन कॉलोनी में रहता था। पास के ही एक निजी स्कूल में कक्षा 10वीं का छात्र था। शुरुआती जानकारी में पता चला कि स्कूल में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) को लेकर छात्र तनाव में था। नंबरों को लेकर अभिभावकों ने उसे डांटा था। बताया जा रहा है कि इसके बाद वह आहत था। शनिवार रात करीब आठ बजे उसका शव फंदे से लटका मिला। एसीपी का कहना है कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है। इस मामले में अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है।
हाल में आत्महत्या करने वाले छात्रों की सूची
1. 26 सितंबर, साहिबाबाद: गुलमोहर ग्रीन सोसायटी में कक्षा सात की 13 वर्षीय छात्रा की दसवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई।
2. 15 सितंबर, विजयनगर: सिद्धार्थ विहार में कक्षा 10 की 16 वर्षीय छात्रा की 15वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई।
3. 24 अगस्त, वैशाली: कक्षा 12 की 17 वर्षीय छात्रा की घर में मौत हुई। परिजनों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया।
4. 21 फरवरी, कविनगर: विवेकानंद नगर में कक्षा 12 के 18 वर्षीय छात्र की फंदे से लटकने से मौत हुई।
6. 4 फरवरी, टीला मोड़: भारत सिटी में तीन नाबालिग बहनों की नौवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई।
मनोचिकित्सक डॉ. संजीव त्यागी का कहना है कि बच्चों पर पढ़ाई और अच्छे नंबर लाने का दबाव उनकी मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की तुलना दूसरों से करने और कम नंबर आने पर डांटने से बचना चाहिए। परीक्षा में कम अंक आना जीवन में असफलता नहीं है। बच्चों से संवाद बनाए रखना, उनकी परेशानी को समझना और उन्हें भरोसा देना जरूरी है। यदि बच्चा लगातार उदास रहे, अकेले रहने लगे या उसके व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे, तो इसे गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।
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एसीपी के अनुसार, छात्र दिपांशु माता-पिता और एक भाई के साथ कनावनी की चमन कॉलोनी में रहता था। पास के ही एक निजी स्कूल में कक्षा 10वीं का छात्र था। शुरुआती जानकारी में पता चला कि स्कूल में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) को लेकर छात्र तनाव में था। नंबरों को लेकर अभिभावकों ने उसे डांटा था। बताया जा रहा है कि इसके बाद वह आहत था। शनिवार रात करीब आठ बजे उसका शव फंदे से लटका मिला। एसीपी का कहना है कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है। इस मामले में अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है।
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हाल में आत्महत्या करने वाले छात्रों की सूची
1. 26 सितंबर, साहिबाबाद: गुलमोहर ग्रीन सोसायटी में कक्षा सात की 13 वर्षीय छात्रा की दसवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई।
2. 15 सितंबर, विजयनगर: सिद्धार्थ विहार में कक्षा 10 की 16 वर्षीय छात्रा की 15वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई।
3. 24 अगस्त, वैशाली: कक्षा 12 की 17 वर्षीय छात्रा की घर में मौत हुई। परिजनों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया।
4. 21 फरवरी, कविनगर: विवेकानंद नगर में कक्षा 12 के 18 वर्षीय छात्र की फंदे से लटकने से मौत हुई।
6. 4 फरवरी, टीला मोड़: भारत सिटी में तीन नाबालिग बहनों की नौवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई।
मनोचिकित्सक डॉ. संजीव त्यागी का कहना है कि बच्चों पर पढ़ाई और अच्छे नंबर लाने का दबाव उनकी मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की तुलना दूसरों से करने और कम नंबर आने पर डांटने से बचना चाहिए। परीक्षा में कम अंक आना जीवन में असफलता नहीं है। बच्चों से संवाद बनाए रखना, उनकी परेशानी को समझना और उन्हें भरोसा देना जरूरी है। यदि बच्चा लगातार उदास रहे, अकेले रहने लगे या उसके व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे, तो इसे गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।
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