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Ghaziabad News: वाॅकर में चलने से टेढ़ी हो रहीं बच्चों की हड्डियां

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2024 03:47 AM IST
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Children's bones are becoming crooked due to walking in walker
आशुतोष यादव
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गाजियाबाद। हमारा 18 महीने का बच्चा चलता है तो एड़ी जमीन पर नहीं होती। पंजे के बल पर ही आगे बढ़ता है..., राजनगर एक्सटेंशन की रहने वाली शिक्षिका ने यह समस्या डाॅक्टर को बताई। जवाब मिला, यह समस्या बेबी वाॅकर की वजह से आई है। डाॅक्टर ने बताया कि यह इस तरह का अकेला मामला नहीं है। रोज तीन से चार अभिभावक इस तरह की समस्या लेकर आ रहे हैं।
संजयनगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में संचालित अर्ली इंटरवेंसन सेंटर में फिजियोथेरेपी से ऐसे बच्चों का उपचार किया जाता है। संजयनगर से ही मंगलवार को एक केस आया। महिला ने बताया कि 11 महीने का बच्चा वाॅकर में तो तेज चल लेता है लेकिन वाॅकर हटाते ही चलने में डरता है। डाॅक्टर ने वाॅकर का प्रयोग बंद कराने के लिए कहा है। डॉक्टर ने बताया कि वाॅकर से चलने के कारण एड़ी की मांसपेशियां कमजोर हो गई हैं। इस कारण से बच्चे को स्वयं चलने में परेशानी हो रही है। निजी अस्पतालों से भी ऐसे बच्चे रेफर होकर सेंटर पर आ रहे हैं। इनकी पांच से सात महीने तक फिजियोथेरेपी करानी पड़ती है।
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सेंटर की फिजियोथेरेपिस्ट मीनाक्षी सिंह ने बताया कि मां का तर्क होता है कि रसोई का काम करने के दौरान बच्चे की देखभाल में परेशानी होती है। वाॅकर में बच्चा खुश भी रहता है और चलने का प्रयास भी करता है। उन्हें यह नहीं पता होता है कि वाॅकर से चलाने के प्रयास में बच्चे के पैर का सिर्फ पंजा फर्श पर पड़ता है। इससे बच्चे की रीढ़ की हड्डी पर जोर पड़ता है। पाचन क्षमता भी प्रभावित हो जाती है। एड़ी की मांसपेशियां कमजोर और संकुचित हो रही हैं। इस कारण से बच्चों का विकास भी समय पर नहीं हो पाता है।
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चोट लगने का भी खतरा

एमएमजी अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. विनयकांत का कहना है कि कुछ सालों में ऐसे मामले काफी ज्यादा सामने आ रहे हैं जिसमें बच्चों को वाॅकर के कारण चोट लगी है। पैरों की हड्डियों पर इसका असर हो रहा है। ओपीडी में रोजाना 15 से 20 बच्चे ऐसे आते हैं जो हड्डियों से जुड़ी बीमारी से परेशान होते हैं। छह से आठ महीने के बच्चों में एडी की समस्या वॉकर की वजह से हो रही है। 11 महीने से पहले बच्चे को वाॅकर में नहीं बैठाना चाहिए। इससे पहले बच्चों के पैरों पर बोझ डालने से ये समस्याएं पैदा हो रही हैं।



चलने की उम्र का करें इंतजार

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनय उपाध्याय का कहना है कि कम उम्र में जब बच्चों को वॉकर में बिठा दिया जाता है और माता-पिता ये सोचने लगते हैं कि इससे हमारा बच्चा जल्दी चलने लगेगा। ये सोच गलत है। बच्चा तभी चलेगा जब उसकी चलने की सही उम्र आएगी। उन्होंने बताया कि बच्चा स्वत: आठ से 12 महीने के बीच चलने लगता है। ऐसे में मां-बाप को चलाने के लिए जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
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