Ghaziabad: कुत्ते के काटने की बात बच्चे ने परिजनों से छिपाई, डेढ़ महीने बाद दर्दनाक मौत
पिता गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल से लेकर दिल्ली के जीटीबी और एम्स अस्पताल में मासूम बच्चे को लेकर इलाज के लिए भटकते रहे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे लाइलाज घोषित कर दिया। बड़े अस्पतालों ने हाथ खड़े कर दिए।
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गाजियाबाद से झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक लड़के को करीब डेढ़ महीने पहले कुत्ते ने काटा था, लेकिन उसने अपने घर वालों से इस बात को छिपा लिया। इस बीच बच्चे के शरीर में इन्फेक्शन इतना बढ़ गया कि उसकी हालत खराब हो गई। पिता गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल से लेकर दिल्ली के जीटीबी और एम्स अस्पताल में उसे लेकर इलाज के लिए भटकते रहे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे लाइलाज घोषित कर दिया। बड़े अस्पतालों ने हाथ खड़े कर दिए। जिसके बाद बच्चे ने पिता की गोद में तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
एसीपी मसूरी, गाजियाबाद निमिष पटेल ने बताया कि 5 सितंबर को हमें सूचना मिली कि एक 14 वर्षीय लड़के की कुत्ते के काटने से मौत हो गई। आगे की जांच करने पर पुलिस को जानकारी मिली कि करीब महीने पहले इस लड़के को एक कुत्ते ने काट लिया था और यह बात उसने अपने परिवार से छिपाई थी। जिससे उसे आवश्यक उपचार नहीं दिया जा सका। कुछ दिन पहले वह संक्रमित हो गया था और रेबीज के लक्षण दिखाई दे रहे थे और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। एक मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच चल रही है।
मूलरूप से बुलंदशहर के ताजपुर निवासी बच्चे के दादा मतलूब अहमद ने बताया कि उनका बड़ा पोता शाहवेज (14) कक्षा 8 में पढ़ता था। एक सितंबर को शाहवेज को पानी से डर लगने लगा और खाना भी बहुत कम कर दिया था। कभी-कभी उसके मुंह से कुत्ते के भौंकने जैसी आवाज भी आती थी। उसे पास में ही एक डॉक्टर को दिखाया तो उसने रेबीज के लक्षण बताते हुए दिल्ली के अस्पताल ले जाने की सलाह दी।#WATCH | Uttar Pradesh: "On September 5 we received information that a 14-year-old boy died due to a dog bite. On further investigation, the police received the information that two months ago this boy was bitten by a dog & hid it from his family due to which he could not be… pic.twitter.com/b2EsUJ4Oj4
विज्ञापन विज्ञापन— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) September 6, 2023
शाहवेज को दिल्ली के जीटीबी ले गए थे। वहां रेबीज की पुष्टि कर लाइलाज बता उपचार करने से इनकार कर दिया। शाहवेज को लेकर एम्स, एलएनजेपी और पंत अस्पताल में लेकर भटकते रहे। सभी अस्पतालों ने इलाज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह बुलंदशहर के ताजपुर में उसे एक वैद्य के पास लेकर गए, लेकिन वह ठीक नहीं हो पाया। सोमवार रात उसकी मौत हो गई। शाहवेज के पिता याकूब फेरी लगाकर कबाड़ी का काम करते हैं, जबकि मां निजी एक्सपोर्ट कंपनी में नौकरी करती है।
डेढ़ माह तक परिजनों से छुपाए रखी कुत्ते काटने की घटना
मतलूब अहमद ने बताया कि शाहवेज ने पूछने पर बताया था कि डेढ़ महीना पहले पड़ोस में रहने वाली महिला के घर के बाहर कुत्ते ने काट लिया था। परिजनों से डांट के डर के कारण उसने घर में किसी को नहीं बताया। एक सितंबर को उसकी हालत बिगड़ने लगी। वह पानी और रोशनी से डरने लगा। अंधेरे में रहता था। कुत्ते के भौंकने जैसी आवाजें निकालने लगा था। इसके बाद डॉक्टरों के पास लेकर गए तो रेबीज के लक्षण का पता चला। अब परिजनों को भी पछतावा हो रहा है कि शाहवेज ने कुत्ते के काटने की जानकारी पहले दे दी होती तो उसे एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवा देते और आज वह जिंदा होता।