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भाजपा मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति विवादों में, सोशल मीडिया पर छाया
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भाजपा मंडल अध्यक्षों कीनियुक्ति विवादों में, सोशल मीडिया पर छाया
गाजियाबाद। भाजपा मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा में मंडल अध्यक्ष की चयन प्रक्रिया में किसी ठेकेदार को जगह नहीं देने और कार्यकर्ता का एक बार सक्रिय सदस्य होना का नियम है। कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति में पार्टी की गाइडलाइन की अनदेखी कर जीडीए में ठेकेदार को एक मंडल अध्यक्ष नियुक्त करने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ दिया है।
वहीं, कई कार्यकर्ताओं के पार्टी का सक्रिय सदस्य न होने का आरोप लगाते हुए मंडल अध्यक्ष नियुक्त करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर भाजपा जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष पद के लिए 20 नवंबर को नामांकन होना है। ऐसे में जिलाध्यक्ष पद के लिए एक ठेकेदार की दावेदारी का मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। खुद को पार्टी का तथाकथित कार्यकर्ता बताने वाले कई लोगों ने भाजपा के संगठन चुनाव में पार्टी की गाइडलाइन का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ा हुआ है।
बीते शनिवार को आरकेजीआईटी में भाजपा संगठन चुनाव की क्षेत्रीय बैठक में प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल ने संगठन चुनाव की चयन प्रक्रिया में पार्टी की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने की बात कही थी। मंडल अध्यक्ष के चयन के लिए पार्टी नियमानुसार दावेदार की उम्र 40 वर्ष होने के साथ उसके ठेकेदार न होने, दो बार पार्टी का सक्रिय सदस्य होने, अनुशासनहीनता का आरोप न होने सहित 13 से अधिक मानक तय किए गए थे। मंडल अध्यक्षों की हुई नियुक्ति में इन्हीं नियमों की अनदेखी करने का विवाद सोशल मीडिया पर तैर रहा है।
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गाजियाबाद। भाजपा मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा में मंडल अध्यक्ष की चयन प्रक्रिया में किसी ठेकेदार को जगह नहीं देने और कार्यकर्ता का एक बार सक्रिय सदस्य होना का नियम है। कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति में पार्टी की गाइडलाइन की अनदेखी कर जीडीए में ठेकेदार को एक मंडल अध्यक्ष नियुक्त करने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ दिया है।
वहीं, कई कार्यकर्ताओं के पार्टी का सक्रिय सदस्य न होने का आरोप लगाते हुए मंडल अध्यक्ष नियुक्त करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर भाजपा जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष पद के लिए 20 नवंबर को नामांकन होना है। ऐसे में जिलाध्यक्ष पद के लिए एक ठेकेदार की दावेदारी का मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। खुद को पार्टी का तथाकथित कार्यकर्ता बताने वाले कई लोगों ने भाजपा के संगठन चुनाव में पार्टी की गाइडलाइन का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ा हुआ है।
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बीते शनिवार को आरकेजीआईटी में भाजपा संगठन चुनाव की क्षेत्रीय बैठक में प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल ने संगठन चुनाव की चयन प्रक्रिया में पार्टी की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने की बात कही थी। मंडल अध्यक्ष के चयन के लिए पार्टी नियमानुसार दावेदार की उम्र 40 वर्ष होने के साथ उसके ठेकेदार न होने, दो बार पार्टी का सक्रिय सदस्य होने, अनुशासनहीनता का आरोप न होने सहित 13 से अधिक मानक तय किए गए थे। मंडल अध्यक्षों की हुई नियुक्ति में इन्हीं नियमों की अनदेखी करने का विवाद सोशल मीडिया पर तैर रहा है।
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