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बैक्टीरियल एंजाइम से खुलेंगे जाम नाले
अमर उजाला ब्यूरो गाजियाबाद
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:46 PM IST
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जाम नाले
- फोटो : amar ujala
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अब नालों के बड़े ब्लाकेज को खोलने के लिए नगर निगम बैक्टीरियल एंजाइम का इस्तेमाल करेगा। एक सामाजिक संस्था से जुड़े लोगों ने महापौर से मुलाकात कर यह प्रस्ताव दिया है। जल्द ही ट्रायल के तौर पर किसी एक नाले में इस एंजाइम को डाला जाएगा। प्रयोग सफल रहा तो शहर के अन्य नालों में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे पहले नगर निगम ने मानसरोवर यात्रा स्थल के लिए चिह्नित जमीन पर जमा कचरे पर इस बैक्टीरियल एंजाइम का छिड़काव कराया था। एक सप्ताह के अंतराल पर दो बार छिड़काव करने के बाद कचरे से दुर्गंध खत्म हो गई थी। बेहतर परिणाम के बाद ही महापौर अशु वर्मा को इस सामाजिक संस्था के लोगों ने नालों में भी बैक्टीरियल एंजाइम डालने का सुझाव दिया है।
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महापौर का कहना है कि संस्था के मुताबिक खुले नालों में तो नगर निगम मशीनों से सफाई करा देता है, लेकिन कई प्वाइंट ऐसे हैं जहां सफाई करने की जगह नहीं है या अतिक्रमण हो चुका है। ऐसे स्थानों पर जाम नालों के ब्लाकेज को इस एंजाइम से खोला जा सकता है। महापौर ने बताया कि बुधवार को संस्था के पदाधिकारी उनसे मिलेंगे और बैक्टीरिया से नाला सफाई पर वार्ता करेंगे।
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गंदगी में पनपेंगे बैक्टीरिया, गंदगी खाकर खोलेंगे ब्लाक
महापौर ने बताया कि संस्था के पदाधिकारियों ने दावा किया है कि नाले या सीवर में जिस जगह पर ब्लाक हो, उससे कुछ दूर पहले इस एंजाइम को डाला जाता है। इसमें मौजूद बैक्टीरिया गंदगी में भी तेजी से पनपते है और गंदगी को ही खाते हैं। यह बैक्टीरिया गंदगी को खाकर उसे भुरभुरी मिट्टी के रूप में तब्दील कर देते हैं। पानी के प्रवाह से यह मिट्टी बह जाती है और ब्लाकेज खुल जाते हैं।
महापौर अशु वर्मा ने बताया कि संस्था ने इस खास एंजाइम की एक लीटर की बोतल की कीमत पांच से साढ़े पांच हजार रुपये बताई है, लेकिन नगर निगम इस प्रयोग पर कोई पैसा खर्च नहीं करेगा।
यहां के नालों पर है अतिक्रमण
गांधी नगर, अशोक नगर, नेहरू नगर, नवयुग मार्केट, पटेल नगर, जीटी रोड, मेरठ रोड, संजय नगर, कैला भट्ठा, वैशाली, वसुंधरा, राजेंद्र नगर, शालीमार गार्डन।