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Ghaziabad News: डिजिटल अरेस्ट कर ठगी रकम को भेजने के लिए मुहैया कराया खाता, गिरफ्तार
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गाजियाबाद। इंदिरापुरम के रत्नाकर मुगशुजी गेडाम से 2.21 करोड़ की साइबर ठगी में शामिल रहे अरविंदर सिंह निवासी तिलक नगर पश्चिमी दिल्ली को पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने दुबई में बैठे अपने रिश्तेदार और मुख्य आरोपी रंजीत के कहने पर साइबर ठगी का पैसा ट्रांसफर कराने के लिए पांच फीसदी कमीशन के लालच में उसको खाता मुहैया कराया था। अरविंदर 12वीं पास है। दिल्ली में ही दुकान चलाता है। पुलिस इस मामले में आरोपी महताब को 17 अगस्त को गिरफ्तार कर चुकी है।
डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि रत्नाकर ने साइबर थाने में डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर उनको डिजिटल अरेस्ट करके 2.21 करोड़ की ठगी की गई थी। शिकायत के बाद साइबर टीम ने तत्काल हरकत में आकर 1.12 करोड़ की रकम फ्रीज कराई और वापस कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि आरोपी अरविंदर ने खाता उपलब्ध कराकर उसमें 1.22 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए। 43 लाख रुपये उस खाते से निकलवाकर उसको दुबई भेजने की फिराक में था। कुछ रुपये भिजवा भी दिया और इसके बदले में उसे 1.20 लाख रुपये मिले थे। बाकी रुपये बाद में देने की बात तय हुई थी। आरोपी के मोबाइल फोन की डिटेल खंगालने पर पता चला कि उसकी इसको लेकर लंबी बातचीत रंजीत से होती थी। इसके साक्ष्य पुलिस ने जुटाए हैं। आरोपी रंजीत को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गिरोह की पूरी श्रृंखला को तोड़ने का प्रयास है। अरविंदर से पूछताछ में दूसरे लोगों को ठगी का शिकार बनाने के साक्ष्य भी मिले हैं।
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डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि रत्नाकर ने साइबर थाने में डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर उनको डिजिटल अरेस्ट करके 2.21 करोड़ की ठगी की गई थी। शिकायत के बाद साइबर टीम ने तत्काल हरकत में आकर 1.12 करोड़ की रकम फ्रीज कराई और वापस कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि आरोपी अरविंदर ने खाता उपलब्ध कराकर उसमें 1.22 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए। 43 लाख रुपये उस खाते से निकलवाकर उसको दुबई भेजने की फिराक में था। कुछ रुपये भिजवा भी दिया और इसके बदले में उसे 1.20 लाख रुपये मिले थे। बाकी रुपये बाद में देने की बात तय हुई थी। आरोपी के मोबाइल फोन की डिटेल खंगालने पर पता चला कि उसकी इसको लेकर लंबी बातचीत रंजीत से होती थी। इसके साक्ष्य पुलिस ने जुटाए हैं। आरोपी रंजीत को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गिरोह की पूरी श्रृंखला को तोड़ने का प्रयास है। अरविंदर से पूछताछ में दूसरे लोगों को ठगी का शिकार बनाने के साक्ष्य भी मिले हैं।
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