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Ghaziabad News: धमाके के साथ रुकी लिफ्ट, बच्चों और गर्भवती समेत 10 फंसे
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मोती रेजिडेंसी में लिफ्ट फंसी, मौके पर मौजूद लोग।। स्रोत: जागरूक पाठक
गाजियाबाद। हम-तुम रोड स्थित मोती रेजिडेंसी में शनिवार शाम लिफ्ट तेज धमाके के साथ रुक गई। लिफ्ट में गर्भवती और एक साल के बच्चे समेत 10 लोग करीब 20 मिनट तक फंसे रहे। लिफ्ट में इंटरकॉम नहीं होने और सायरन की आवाज नहीं सुनाई देने पर उसमें सवार आर्किटेक्ट ने मेंटेनेंस कर्मचारी को फोन कर मदद मांगी। काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट ऊपर खींचकर लोगों को बाहर निकाला गया। घटना सोसायटी के बी टावर में शाम करीब साढ़े सात बजे हुई।
लिफ्ट में फंसे आर्किटेक्ट रितेश ने बताया कि वह पत्नी के साथ बाजार से लौट रहे थे। उन्हें नौवीं मंजिल पर जाना था। लिफ्ट में उनके अलावा एक गर्भवती और तीन बच्चों समेत कुल 10 लोग सवार थे। लिफ्ट के भूतल से चलने के बाद तेज धमाका हुआ और वह अचानक रुक गई। इससे दो बच्चे डरकर रोने लगे। गर्भवती को परेशानी होने पर लिफ्ट में मौजूद महिलाओं ने संभाला।
रितेश के अनुसार, लिफ्ट में इंटरकॉम नहीं था। सायरन बजाने के बाद भी बाहर किसी को आवाज सुनाई नहीं दीं। इस पर उन्होंने मेंटेनेंस के एक कर्मचारी को फोन कर मदद मांगी। कुछ देर बाद इलेक्ट्रीशियन मौके पर पहुंचा, लेकिन लिफ्ट का गेट अपनी जगह से हट जाने और फंसने के कारण नहीं खुल सका।
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लोगों के अनुसार, लिफ्ट के ऊपर बने दरवाजे से लोग छत पर पहुंचे। इसके बाद लिफ्ट को खींचकर ऊपर किया गया और गेट खोला गया। करीब 20 मिनट बाद सभी लोगों को बाहर निकाला जा सका।
घटना के बाद लिफ्ट में फंसे आर्किटेक्ट ने बिल्डर से लिफ्ट के मेंटेनेंस को लेकर शिकायत की है। अन्य निवासियों ने डीएम को ई-मेल कर मामले की शिकायत की है। उन्होंने सोसायटी की लिफ्टों की तकनीकी जांच, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और आपातकालीन व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।
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लिफ्ट में फंसे आर्किटेक्ट रितेश ने बताया कि वह पत्नी के साथ बाजार से लौट रहे थे। उन्हें नौवीं मंजिल पर जाना था। लिफ्ट में उनके अलावा एक गर्भवती और तीन बच्चों समेत कुल 10 लोग सवार थे। लिफ्ट के भूतल से चलने के बाद तेज धमाका हुआ और वह अचानक रुक गई। इससे दो बच्चे डरकर रोने लगे। गर्भवती को परेशानी होने पर लिफ्ट में मौजूद महिलाओं ने संभाला।
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रितेश के अनुसार, लिफ्ट में इंटरकॉम नहीं था। सायरन बजाने के बाद भी बाहर किसी को आवाज सुनाई नहीं दीं। इस पर उन्होंने मेंटेनेंस के एक कर्मचारी को फोन कर मदद मांगी। कुछ देर बाद इलेक्ट्रीशियन मौके पर पहुंचा, लेकिन लिफ्ट का गेट अपनी जगह से हट जाने और फंसने के कारण नहीं खुल सका।
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लोगों के अनुसार, लिफ्ट के ऊपर बने दरवाजे से लोग छत पर पहुंचे। इसके बाद लिफ्ट को खींचकर ऊपर किया गया और गेट खोला गया। करीब 20 मिनट बाद सभी लोगों को बाहर निकाला जा सका।
घटना के बाद लिफ्ट में फंसे आर्किटेक्ट ने बिल्डर से लिफ्ट के मेंटेनेंस को लेकर शिकायत की है। अन्य निवासियों ने डीएम को ई-मेल कर मामले की शिकायत की है। उन्होंने सोसायटी की लिफ्टों की तकनीकी जांच, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और आपातकालीन व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।