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गाजियाबाद में सांसों पर संकट: पटाखों के धुएं से जहरीली हुई हवा, एक्यूआई 357 पर पहुंचा
Sun, 08 Nov 2026 10:44 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 08 Nov 2026 10:44 PM IST
सार
गाजियाबाद में पटाखों के धुएं से हवा जहरीली हो गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 357 पर पहुंच गया। रात में पटाखे जलने का सिलसिला जारी रहने से एक्यूआई में और बढ़ोतरी की आशंका है।
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ghaziabad pollution
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
दिवाली पर पटाखों के धुएं ने गाजियाबाद शहर की हवा को और जहरीला कर दिया। रविवार शाम चार बजे गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 344 दर्ज किया गया था, जो रात में बढ़कर 357 पर पहुंच गया।
पटाखों से निकले धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, गले में खराश और खांसी जैसी दिक्कतें हो रही हैं। अस्थमा और सांस के मरीजों के लिए स्थिति ज्यादा परेशानी भरी हो सकती है।
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पटाखों से निकले धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, गले में खराश और खांसी जैसी दिक्कतें हो रही हैं। अस्थमा और सांस के मरीजों के लिए स्थिति ज्यादा परेशानी भरी हो सकती है।
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रात में पटाखे जलने का सिलसिला जारी रहने से एक्यूआई में और बढ़ोतरी की आशंका है। हवा की रफ्तार कम रहने पर प्रदूषक कण वातावरण में लंबे समय तक बने रह सकते हैं। ऐसे में रात के साथ सोमवार सुबह भी प्रदूषण का असर अधिक महसूस हो सकता है।
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बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बाहर निकलने पर मास्क का इस्तेमाल और खुले में व्यायाम से बचना बेहतर होगा।