'50 थार खड़े-खड़े खरीद दूंगी': महिला के साथ पार्टी के आरोपी दरोगाओं पर गिरी गाज, एक निलंबित, दूसरा लाइन हाजिर
मोदीनगर में कार खड़ी करने को लेकर हुए विवाद में महिला का पक्ष ले रहे दो दरोगाओं पर कार्रवाई हुई है। डीसीपी ग्रामीण ने दरोगा जितेंद्र राघव को निलंबित कर दिया, वहीं मुकुल श्रीवास को लाइन हाजिर किया गया है। आरोप है कि दोनों दरोगा गैर थाना क्षेत्र में महिला के साथ शराब पी रहे थे।
विस्तार
गाजियाबाद के मोदीनगर के निवाड़ी मार्ग पर विद्युत सब स्टेशन के समीप स्थित घर के बाहर खड़ी कार हटाने को लेकर हुए विवाद में आरोपी महिला के साथ शामिल दोनों दरोगाओं पर गाज गिरी है। डीसीपी ग्रामीण ने एक आरोपी दरोगा जितेन्द्र राघव को निलबिंत कर दिया जबकि उसके साथी दूसरे दरोगा मुकुल श्रीवास को लाइन हाजिर कर दिया। आरोप है कि दोनों दरोगा गैर थाना क्षेत्र में महिला के साथ दारू पार्टी कर रहे थे। इस दौरान घर के बाहर कार खड़ी करने के लिए उनका युवक अभिषेक नेहरा और उसके साथी से विवाद हो गया था।
इस दौरान महिला ने जमकर बवाल काटा था और दोनों दरोगाओं ने भी युवकों से गाली गलौज करते हुए उन्हें फर्जी मुकदमें में जेल भेजने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं आरोपी महिला की तहरीर पर निवाड़ी थाना में अभिषेक और उसके साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। युवकों ने मामले की शिकायत पुलिस के उच्चाधिकारियों से की थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया था। अमर उजाला ने घटना को बीते सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
यह था मामला
गांव बुदाना निवासी अभिषेक नेहरा का निवाड़ी मार्ग पर विद्युत सब स्टेशन के पास मकान है। बीते 21 दिसंबर की रात वह अपने मकान पर गाड़ी खड़े करने पहुंचे तो वहां रैंप के पास दो गांड़ियां खड़ी हुई थी। अभिषेक का आरोप है कि गाड़ी में निवाड़ी थाने के दो दरोगा और एक महिला दारू पार्टी कर रहे थे। अभिषेक नेहरा ने रैंप से गाड़ी हटाने को कहा तो महिला और दरोगाओं ने कार से बाहर निकलकर अभिषेक और उसके साथी को जमकर हड़काते हुए गाली गलौज की थी।
आरोप है कि दरोगाओं ने वर्दी का रौब गालिब करते हुए उन्हें फर्जी केस लगाकर जेल भेजने की धमकी दी थी। महिला ने भी जमकर हंगामा काटा था। अभिषेक वीडियो बनाने लगा तो दरोगाओं के तेवर ढ़ीले पड़ गए मगर आरोपी महिला फिर भी आक्रामक रही। महिला ने धौंस दी कि मैं जाट हूं और खड़े खड़े ऐसी पचास थार खरीद लूंगी। बवाल के कुछ देर बाद महिला और दरोगा वहां से चले गए थे।
महिला ने दोनों युवकों के खिलाफ निवाड़ी थाने में दर्ज कराई थी रिपोर्ट
घटना की रात ही आरोपी महिला की ओर से निवाड़ी थाने में दोनों युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि बीते 21 दिसंबर की रात वह अपनी दो पुत्रियों के साथ जन्मदिन पार्टी में शामिल होकर मेरठ से लौट रही थी। इसी दौरान मोदीनगर निवाड़ी मार्ग पर पहुंची तो कार सवारों ने दो किलोमीटर तक उनकी गाड़ी पीछा भी किया। जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उनसे मारपीट व अभद्रता की। निवाड़ी पुलिस ने आनन-फानन में अभिषेक नेहरा व शुभम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
अभिषेक ने उच्चाधिकारियों से की मामले की शिकायत, वीडियो हुई मददगार साबित
अभिषेक ने महिला और दोनों दरोगाओं की घनिष्टता के कारण फर्जी मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाते हुए पुलिस के उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत कर उन्हें वीडियो सौंपे। उच्चाधिकारियों ने महिला की ओर से निवाड़ी थाने में आनन-फानन दर्ज मुकदमें के जांच के आदेश दिए। एसीपी मोदीनगर ने मामले की जांच की। जांच में दरोगाओं और महिला का पुराना परिचय होने की बात सामने आई। दोनों दरोगाओं की भूमिका भी संदिग्ध लगी। एसीपी ने आख्या डीसीपी को सौंपी जिसके बाद दरोगा जितेन्द्र राघव को निलबिंत कर दिया और दरोगा मुकुल श्रीवास को लाइन हाजिर कर दिया गया।
आरोपी महिला की तहरीर पर आनन-फानन में दर्ज की रिपोर्ट
पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज करने में टालमटोल करने के आरोप आए दिन लगते है। मगर उक्त प्रकरण में निवाड़ी पुलिस ने बिना समय गंवाए तत्काल रिपोर्ट दर्ज की। इस प्रकरण को लेकर निवाड़ी थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल सिंह और आरोपी दोनों दरोगाओं की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी।
आरोपी महिला और उसके पति पर दर्ज है दस लाख रूपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज
एसीपी ने बताया कि आरोपी महिला मुंद्रेश और उसके पति अमित सिरोही के खिलाफ निवाड़ी थाने में मुनाफे का झांसा देकर दस लाख रूपये की धोखाधड़ी को केस दर्ज है। वर्तमान घटना का वीडियो वायरल होने के बाद महिला के खिलाफ उचित धाराओं में भी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
निवाड़ी थाने में तैनात दरोगा जितेन्द्र राघव को निलंबित व दरोगा मुकुल श्रीवास को लाइन हाजिर कर दिया गया है। दोनों दरोगाओं और एसएचओ निवाड़ी की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद निमयानुसार कार्रवाई की जाएगी। - सुरेन्द्र तिवारी, डीसीपी ग्रामीण