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Ghaziabad News: शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराकर 5.50 लाख रुपये ठगे
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गाजियाबाद।
साइबर ठगों ने विजयनगर थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ विहार की एपेक्स द क्रेमलिन सोसायटी निवासी निशांत टंडन से 5.50 लाख रुपये शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराकर ठग कराए। ठगों ने डी-मैट खाते से रुपये निकालने के बदले 50 हजार रुपये जमा कराकर भुगतान के लिए इंतजार करने का झांसा दिया। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि निशांत टंडन कारोबारी हैं। 31 मई 2025 को फेसबुक पर उन्होंने इक्विटी म्युचुअल फंड निवेश नाम का एक विज्ञापन देखा। जिस पर क्लिक करने पर मैसर्स आनंद राठी शेयर्स स्टॉक ब्रोकर्स ने आनंद राठी इंट्राएज इंसाइट्स नाम के व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा और शेयर बाजार में निवेश करने की बात कही। आठ जून 2025 को अन्य सदस्यों के साथ-साथ निशांत टंडन को भी वीआईपी ट्रेडिंग बताकर ट्रेडमोबी नाम का मोबाइल एप डाउनलोड कराया और पैन कार्ड की ऑनलाइन केवाईसी भी कराई, जिसके बाद साइबर ठगों ने मैसर्स सेफ एंटरप्राइजेज रिटेल फिक्स्चर्स के नाम से पांच हजार शेयर का आवंटन किया। जिसका शुल्क पांच लाख रुपये निवेश कराया। पीड़ित के मुताबिक 26 जून 2025 को पांच लाख रुपये साइबर ठगों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए, जिसकी रिसीविंग उन्हें स्क्रीनशॉट के माध्यम से मिली।
तीन जुलाई 2025 को पीड़ित ने खाते से कुछ धनराशि निकालने का आग्रह किया, जिसकी एवज में साइबर ठगों ने 10 प्रतिशत धनराशि टैक्स के रूप में जमा कराई। 50 हजार रुपये जमा करने के बाद भी उन्हें धनराशि निकालने के लिए इंतजार करने के लिए धमकाया गया। एक सप्ताह बाद भी जब वह धनराशि नहीं निकाल पाए तो साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एडीसीपी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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साइबर ठगों ने विजयनगर थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ विहार की एपेक्स द क्रेमलिन सोसायटी निवासी निशांत टंडन से 5.50 लाख रुपये शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराकर ठग कराए। ठगों ने डी-मैट खाते से रुपये निकालने के बदले 50 हजार रुपये जमा कराकर भुगतान के लिए इंतजार करने का झांसा दिया। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि निशांत टंडन कारोबारी हैं। 31 मई 2025 को फेसबुक पर उन्होंने इक्विटी म्युचुअल फंड निवेश नाम का एक विज्ञापन देखा। जिस पर क्लिक करने पर मैसर्स आनंद राठी शेयर्स स्टॉक ब्रोकर्स ने आनंद राठी इंट्राएज इंसाइट्स नाम के व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा और शेयर बाजार में निवेश करने की बात कही। आठ जून 2025 को अन्य सदस्यों के साथ-साथ निशांत टंडन को भी वीआईपी ट्रेडिंग बताकर ट्रेडमोबी नाम का मोबाइल एप डाउनलोड कराया और पैन कार्ड की ऑनलाइन केवाईसी भी कराई, जिसके बाद साइबर ठगों ने मैसर्स सेफ एंटरप्राइजेज रिटेल फिक्स्चर्स के नाम से पांच हजार शेयर का आवंटन किया। जिसका शुल्क पांच लाख रुपये निवेश कराया। पीड़ित के मुताबिक 26 जून 2025 को पांच लाख रुपये साइबर ठगों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए, जिसकी रिसीविंग उन्हें स्क्रीनशॉट के माध्यम से मिली।
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तीन जुलाई 2025 को पीड़ित ने खाते से कुछ धनराशि निकालने का आग्रह किया, जिसकी एवज में साइबर ठगों ने 10 प्रतिशत धनराशि टैक्स के रूप में जमा कराई। 50 हजार रुपये जमा करने के बाद भी उन्हें धनराशि निकालने के लिए इंतजार करने के लिए धमकाया गया। एक सप्ताह बाद भी जब वह धनराशि नहीं निकाल पाए तो साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एडीसीपी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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