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दम घुटने और डूबने से हुई थी पिता-पुत्र समेत तीन की मौत
Updated Tue, 18 Sep 2018 01:52 AM IST
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दम घुटने और डूबने से हुई थी पिता-पुत्र समेत तीन की मौत
लोनी। ट्रॉनिका सिटी के दौलत नगर चर्च कालोनी में स्थित अचार फैक्ट्री के टैंक में रविवार को हुई लवकुश, उनके बेटे प्रवीन और पड़ोसी हृदयराज की मौत दम घुटने और डूबने से हुई थी। सोमवार को तीनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। उधर, हृदयराज के परिजनों ने शव कालोनी में रखकर प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है। आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
ट्रॉनिका सिटी थाना एसएचओ श्यामवीर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों की मौत हाईड्रोजन सल्फाइड, कार्बन मोनो आक्साइड गैस की मात्रा ज्यादा बढ़ने के कारण दम घुटने से बताया गया है। पहले तीनों का जहरीली गैस से दम घुटा और इसके बाद वे टैंक के पानी में गिर गए। टैंक में डेढ़ से दो फुट पानी था। उधर, पोस्टमार्टम के बाद हृदयराज का शव सोमवार को दौलत नगर चर्च कालोनी स्थित उनके निवास स्थान पर लाया गया। शव पहुंचते ही घर पर कोहराम मच गया। कालोनी में लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने शव को कालोनी में रखकर प्रशासन से अर्थिक मदद की मांग की। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों से आर्थिक मदद आश्वासन दिया। इसके बाद परिवार के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। एसडीएम सतेंद्र कुमार ने बताया कि मृतक के परिवार को पारिवारिक योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाएगी। बता दें कि
रोहिणी से प्रवीन को खींच लाई मौत
फैक्ट्री मालिक के बेटे प्रवीन (35) को रोहिणी से मौत लोनी खींच लाई। बताया गया है कि प्रवीन रोहिणी में पत्नी हेमलता (30), दो बेटे प्रणव जायसवाल (8) और यश जायसवाल (6) के साथ रहते थे। प्रवीन दिल्ली में ओला कैब चलाते थे। पत्नी रोहिणी में सरकारी अध्यापिका हैं। पत्नी की सरकारी नौकरी के चलते वह कुछ सालों माता पिता से अलग रोहिणी में रहने लगे थे। शनिवार को वह परिवार के साथ अपने पिता के घर दिल्ली स्थित करावल नगर आए थे। पिता के साथ फैक्ट्री सफाई के काम में हाथ बटाने के लिए वह लोनी आया था।
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हादसों के बाद भी नहीं चेता प्रशासन
लोनी। लोनी में लगातार एक के बाद एक बड़े हादसे हुए, लेकिन तब भी प्रशासन नहीं जागा। आज भी लोनी में अवैध फैक्ट्रियां संचालित हैं और अवैध निर्माण जोरों पर चल रहा है। लोनी में 8 जुलाई को नसबंदी तिराहा स्थित जल निगम के सीवरेज पंपिंग स्टेशन के टैंक में सफाई करने उतरे दो कर्मचारियों और एक राहगीर की जहरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई थी। हादसे के बाद प्रशासन ने कुछ अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की थी, लेकिन यह अभियान कुछ दिन बाद ही ठंडे बस्ते में चला गया। 16 जुलाई 2017 में लोनी बॉर्डर आर्यनगर इंडस्ट्रियल एरिया में जींस रंगाई की एक फैक्ट्री के वेस्ट केमिकल टैंक में सफाई करने उतरे दो मजदूरों की मौत हो गई थी। मामले में प्रशासन द्वारा फैक्ट्रियों की सीलिंग की कार्रवाई भी लंबी नहीं चल सकी। आज भी लोनी में बड़ी संख्या में ऐसी अवैध फैक्ट्रियां चल रही हैं जो कार्रवाई से बची हुई है। लोगों का कहना है कि कोई घटना घटने पर प्रशासन हरकत में आता है और घटना के बाद कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर लेता है। मामले में एसडीएम लोनी सतेंद्र कुमार सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि कई टीमों का गठन कर अवैध फैक्ट्रियों को चिन्हित किया जा रहा है। सर्वे कराकर सभी फैक्ट्रियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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लोनी। ट्रॉनिका सिटी के दौलत नगर चर्च कालोनी में स्थित अचार फैक्ट्री के टैंक में रविवार को हुई लवकुश, उनके बेटे प्रवीन और पड़ोसी हृदयराज की मौत दम घुटने और डूबने से हुई थी। सोमवार को तीनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। उधर, हृदयराज के परिजनों ने शव कालोनी में रखकर प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है। आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
ट्रॉनिका सिटी थाना एसएचओ श्यामवीर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों की मौत हाईड्रोजन सल्फाइड, कार्बन मोनो आक्साइड गैस की मात्रा ज्यादा बढ़ने के कारण दम घुटने से बताया गया है। पहले तीनों का जहरीली गैस से दम घुटा और इसके बाद वे टैंक के पानी में गिर गए। टैंक में डेढ़ से दो फुट पानी था। उधर, पोस्टमार्टम के बाद हृदयराज का शव सोमवार को दौलत नगर चर्च कालोनी स्थित उनके निवास स्थान पर लाया गया। शव पहुंचते ही घर पर कोहराम मच गया। कालोनी में लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने शव को कालोनी में रखकर प्रशासन से अर्थिक मदद की मांग की। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों से आर्थिक मदद आश्वासन दिया। इसके बाद परिवार के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। एसडीएम सतेंद्र कुमार ने बताया कि मृतक के परिवार को पारिवारिक योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाएगी। बता दें कि
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रोहिणी से प्रवीन को खींच लाई मौत
फैक्ट्री मालिक के बेटे प्रवीन (35) को रोहिणी से मौत लोनी खींच लाई। बताया गया है कि प्रवीन रोहिणी में पत्नी हेमलता (30), दो बेटे प्रणव जायसवाल (8) और यश जायसवाल (6) के साथ रहते थे। प्रवीन दिल्ली में ओला कैब चलाते थे। पत्नी रोहिणी में सरकारी अध्यापिका हैं। पत्नी की सरकारी नौकरी के चलते वह कुछ सालों माता पिता से अलग रोहिणी में रहने लगे थे। शनिवार को वह परिवार के साथ अपने पिता के घर दिल्ली स्थित करावल नगर आए थे। पिता के साथ फैक्ट्री सफाई के काम में हाथ बटाने के लिए वह लोनी आया था।
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हादसों के बाद भी नहीं चेता प्रशासन
लोनी। लोनी में लगातार एक के बाद एक बड़े हादसे हुए, लेकिन तब भी प्रशासन नहीं जागा। आज भी लोनी में अवैध फैक्ट्रियां संचालित हैं और अवैध निर्माण जोरों पर चल रहा है। लोनी में 8 जुलाई को नसबंदी तिराहा स्थित जल निगम के सीवरेज पंपिंग स्टेशन के टैंक में सफाई करने उतरे दो कर्मचारियों और एक राहगीर की जहरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई थी। हादसे के बाद प्रशासन ने कुछ अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की थी, लेकिन यह अभियान कुछ दिन बाद ही ठंडे बस्ते में चला गया। 16 जुलाई 2017 में लोनी बॉर्डर आर्यनगर इंडस्ट्रियल एरिया में जींस रंगाई की एक फैक्ट्री के वेस्ट केमिकल टैंक में सफाई करने उतरे दो मजदूरों की मौत हो गई थी। मामले में प्रशासन द्वारा फैक्ट्रियों की सीलिंग की कार्रवाई भी लंबी नहीं चल सकी। आज भी लोनी में बड़ी संख्या में ऐसी अवैध फैक्ट्रियां चल रही हैं जो कार्रवाई से बची हुई है। लोगों का कहना है कि कोई घटना घटने पर प्रशासन हरकत में आता है और घटना के बाद कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर लेता है। मामले में एसडीएम लोनी सतेंद्र कुमार सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि कई टीमों का गठन कर अवैध फैक्ट्रियों को चिन्हित किया जा रहा है। सर्वे कराकर सभी फैक्ट्रियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।