रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता: गाजियाबाद में 300 लोकोमोटिव ‘कवच’ से लैस, जानें यह कैसे करता है काम
गाजियाबाद विद्युत लोको शेड ने 300 लोकोमोटिव में स्वदेशी 'कवच' प्रणाली स्थापित की। इससे ट्रेन दुर्घटनाएं कम होंगी और यात्रियों की सुरक्षा मजबूत होगी। यह रेलवे सुरक्षा में एक बड़ी उपलब्धि है।
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गाजियाबाद विद्युत लोको शेड ने रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में अहम उपलब्धि हासिल की है। यहां अब तक 300 लोकोमोटिव में स्वदेशी ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम ‘कवच’ इंस्टॉल किया जा चुका है। इस कदम से ट्रेन दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, लोको शेड को इस आधुनिक सिस्टम की फिटिंग की जिम्मेदारी दी गई थी और टीम ने लगातार काम करते हुए यह लक्ष्य पूरा किया। हर इंजन में कवच लगाने में लगभग एक दिन का समय लग रहा है।
उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि रेलवे लगातार सुरक्षा और तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में काम कर रहा है। 300 इंजनों में कवच लगना इसी अभियान की एक बड़ी सफलता है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और मजबूत होगी।
ऐसे काम करता है ‘कवच’
‘कवच’ को रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) ने विकसित किया है। यह सिस्टम सिग्नल और ट्रैक डेटा के आधार पर काम करता है और जरूरत पड़ने पर ट्रेन को खुद-ब-खुद रोक सकता है। खासकर तब, जब लोको पायलट समय पर ब्रेक नहीं लगा पाता या किसी वजह से रेड सिग्नल पार होने का खतरा बनता है।