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हाईटेक सिटी और सनसिटी प्रभावित किसानों ने किया विरोध
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हाईटेक सिटी और सन सिटी से प्रभावित किसानों ने किया विरोध
गाजियाबाद। एनएच-9 से सटी हाईटेक सिटी और सनसिटी योजना के पीड़ित किसानों ने शासन से योजना की अधिसूचना को रद्द करने में हो रही देरी पर विरोध जताया। 18 गांवों के किसानों ने जीडीए उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर बिल्डरों की मनमानी से निजात दिलाने की मांग की। जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने किसानों को इस बाबत शासन स्तर पर जल्द निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया।
बीते माह 18 फरवरी को शासन स्तर पर हाईटेक व सनसिटी योजना की अधिसूचना के बाबत निर्णय होना था। लखनऊ में बैठक स्थगित होने से पीड़ित इकला, नायफल, बनाया, काजीपुर, रघुनाथपुर, महरौली सहित अन्य गांवों के किसानों में रोष दिखाई दिया। हाईटेक सिटी में वेवसिटी और सनसिटी को करीब एक लाख भवनों का निर्माण करना था, लेकिन हाईटेक सिटी के अंतर्गत वेव सिटी में 50 फीसदी और सन सिटी में 80 फीसदी किसानों की जमीन खरीद की प्रक्रिया बिल्डरों ने पूरी नहीं की है। वेव सिटी में 4494 एकड़ जमीन को बिल्डर द्वारा खरीदा जाना था, लेकिन अब तक केवी 2850 एकड़ जमीन की खरीद प्रक्रिया पूरी हो सकी है। दूसरी ओर सन सिटी में काम की प्रगति तो और धीमी है। सन सिटी में बिल्डर को 4312 एकड़ जमीन खरीदनी थी, लेकिन अब तक 671 एकड़ जमीन की खरीदी जा सकी है। जीडीए पहुंच किसान ओमदत्त नागर ने बताया कि बिल्डरों के चलते किसान अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे हैं। नियम के तहत एसी-एसटी की भूमि संबंधी दिक्कतों का अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने योजना की डीपीआर को खत्म करने की मांग की। ताकि उन्हें अपनी जमीन पर निर्माण के साथ किसी अन्य बिल्डर को बेचने की स्वतंत्रता मिल सके। इस दौरान करतार प्रधान, राजबीर नागर, धर्मपाल नागर सहित आदि किसान मौजूद रहे।
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गाजियाबाद। एनएच-9 से सटी हाईटेक सिटी और सनसिटी योजना के पीड़ित किसानों ने शासन से योजना की अधिसूचना को रद्द करने में हो रही देरी पर विरोध जताया। 18 गांवों के किसानों ने जीडीए उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर बिल्डरों की मनमानी से निजात दिलाने की मांग की। जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने किसानों को इस बाबत शासन स्तर पर जल्द निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया।
बीते माह 18 फरवरी को शासन स्तर पर हाईटेक व सनसिटी योजना की अधिसूचना के बाबत निर्णय होना था। लखनऊ में बैठक स्थगित होने से पीड़ित इकला, नायफल, बनाया, काजीपुर, रघुनाथपुर, महरौली सहित अन्य गांवों के किसानों में रोष दिखाई दिया। हाईटेक सिटी में वेवसिटी और सनसिटी को करीब एक लाख भवनों का निर्माण करना था, लेकिन हाईटेक सिटी के अंतर्गत वेव सिटी में 50 फीसदी और सन सिटी में 80 फीसदी किसानों की जमीन खरीद की प्रक्रिया बिल्डरों ने पूरी नहीं की है। वेव सिटी में 4494 एकड़ जमीन को बिल्डर द्वारा खरीदा जाना था, लेकिन अब तक केवी 2850 एकड़ जमीन की खरीद प्रक्रिया पूरी हो सकी है। दूसरी ओर सन सिटी में काम की प्रगति तो और धीमी है। सन सिटी में बिल्डर को 4312 एकड़ जमीन खरीदनी थी, लेकिन अब तक 671 एकड़ जमीन की खरीदी जा सकी है। जीडीए पहुंच किसान ओमदत्त नागर ने बताया कि बिल्डरों के चलते किसान अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे हैं। नियम के तहत एसी-एसटी की भूमि संबंधी दिक्कतों का अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने योजना की डीपीआर को खत्म करने की मांग की। ताकि उन्हें अपनी जमीन पर निर्माण के साथ किसी अन्य बिल्डर को बेचने की स्वतंत्रता मिल सके। इस दौरान करतार प्रधान, राजबीर नागर, धर्मपाल नागर सहित आदि किसान मौजूद रहे।
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