फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   स्वास्थ्य विभाग में जनरेटर भी बना घोटाला में मददगार

स्वास्थ्य विभाग में जनरेटर भी बना घोटाला में मददगार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2019 12:48 AM IST
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग में जनरेटर भी बना घोटाला में मददगार
मरीजों को भोजन देने में भी हुआ खेल
विज्ञापन


गाजियाबाद। स्वास्थ्य विभाग में हुआ घोटाला आक्सीजन सिलेंडर खरीद तक ही सीमित नहीं है। जनरेटर के लिए डीजल खरीद, मरीजों को भोजन मुहैया कराने से लेकर पोलियो अभियान के नाम पर भी भारी खेल किया गया। शासन को मुहैया कराई गई विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट पूरे विभाग की पोल खोल रही है। रिपोर्ट से पता चलता है कि विभाग में जहां मौका मिल रहा है वहां पर खेल हो रहा है। शहर में औसत 22 घंटे बिजली सप्लाई होती है, लेकिन स्वास्थ्य केंद्रों पर जनरेट आठ से 10 घंटे चालू दिखाकर डीजल खरीद में सरकारी धन को ठिकाने लगाया गया। ऐसी ही कुछ पोलियो व आरआई अभियान के नाम पर किया गया।
महिला अस्पताल में दो लाख 44 हजार से अधिक की डीजल खरीदा गया, लेकिन ऑडिटर के सामने लॉक बुक प्रस्तुत नहीं कर पाए। एमएमजी में 45 लाख 39 हजार 90 रुपये मरीजों को खाना देने पर भुगतान के तौर पर अदा किया गया। ऑडिट के समय अस्पताल 44 लाख 17 हजार 677 रुपये का बिल दे पाया। एक लाख 14 हजार से अधिक की धनराशि कैसे खर्च हुई इसका हिसाब-किताब नहीं दे पाए। ऑडिटर ने सबसे बड़ा सवाल टीकाकरण अभियान पर उठाया है। उसने लिखा है कि विभाग में आरआई और पोलियो अभियान के नाम पर बड़ी संख्या में बिना टेंडर के गाड़ियां ली जाती हैं। उनका पेमेंट भी बिना किसी स्वीकृति के कर दिया गया, लेकिन हैरत की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसा कोई रिकार्ड नहीं था। जिससे यह पता चल सके कि गाड़ी किस रूट पर अभियान के दौरान गई। बताया जा रहा है कि आधी गाड़ियां सिर्फ कागजों में हायर की जाती है और उनका नाम पर किया गया भुगतान विभागीय अधिकारियों को झोली में जाता है।
विज्ञापन


शासन ने भी माना, दाल में है काला
ऑडिट रिपोर्ट आने पर शासन ने भी माना है कि गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग की खरीद में भारी खेल हुआ है, जिसकी विस्तृत जांच जरूरी है। इस संबंध में मंडलायुक्त से लेकर जिलाधिकारी को भी रिपोर्ट भेजी है। साथ ही सीएमओ से स्पष्ट कर दिया है कि प्रकरण के लिए आप, आपके अधीनस्थ और कर्मचारी व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार होंगे, जिन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed