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टीएचए में वाटर हार्वेस्टिंग के हालात बदतर
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टीएचए में वाटर हार्वेस्टिंग के हालात बदतर
साहिबाबाद। टीएचए में लगातार घटते भूजल स्तर पर के बाद भी विभाग चेत नहीं रहे हैं। टीएचए की सोसायटी और कॉलोनियों व पार्कों में लगे वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की हालत बेहद खराब है। जबकि एक वर्ष पहले जीडीए ने सभी जगह पर लगे वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लागू करने की योजना बनाई थी। एक महीने में इसकी रिपोर्ट भी बनाई जानी थी, लेकिन अभी तक इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। टीएचए में बनी सोसायटियों में बरसात के पानी को संरक्षित करने के लिए बिल्डरों द्वारा सोसायटियों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। कई बिल्डरों ने तो सोसायटियों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए लेकिने कुछ बिल्डरों ने इसका निर्माण ही नहीं किया। जिन सोसायटियों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे भी हैं वह भी शोपीस बनकर रह गए हैं। बता दें कि तीन सौ मीटर और उससे ज्यादा क्षेत्रफल के मकानों में भी वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य है लेकिन इसका भी पालन नहीं हो रहा है। टीएचए में करीब एक से डेढ़ लाख मकान हैं। इनमें 40 हजार मकान ऐसे हैं जो 300 मीटर या उससे ज्यादा में बने हैं। इनमे एक प्रतिशत मकान भी नहीं हैं, जिनमें वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हों। जिन सोसायटी में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हुए हैं, वह काम करते तो काफी पानी बचाया जा सकता था। यही नहीं जीडीए ने कॉलोनी बसाने के समय टीएचए के कई पार्कों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए थे लेकिन देखरेख के अभाव में इनकी हालत खराब हो गई है।
2018 में जीडीए वीसी ने लागू करने के दिए थे निर्देश
फेडरेशन ऑफ एओए ने दो जुलाई 2018 को जीडीए वीसी से मिलकर ग्रुप हाउसिंग और 300 सौ स्क्वायर मीटर से ऊपर की सभी इमारतों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सुचारु रूप से संचालित कराए जाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा था। जीडीए ने पहले चरण में संबंधित इंदिरापुरम इलाके में निर्मित ग्रुप हाउसिंग सोसायटी को कार्रवाई के केंद्र में रखा था। जोन में बनी सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है या नहीं इसकी जांच के आदेश दिए थे। इस आदेश के तहत सभी सोसायटी में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को संचालित कराया जाना था। इसके साथ ही सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में एओए अपनी तरफ से एक बोर्ड भी लगवाना था, जिसमें आरडब्ल्यूए को लिखना था कि संबंधित ग्रुप हाउसिंग में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम उपलब्ध है और संचालित भी हो रहा है। यह अभियान एक महीने तक चलना था। इस आदेश का कितना पालन हुआ इसकी रिपोर्ट एक महीने में देनी थी। इस आदेश को अब एक वर्ष हो गए हैं, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
आरडब्ल्यूए का क्या है कहना
कॉलोनी बसाते समय पार्कों में हार्वेंस्टिंग सिस्टम तो बना दिए गए थे, लेकिन इनकी देखरेख के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। जिसकी वजह से आज यह बदहाल पड़े हैं। कैलाश चंद्र शर्मा, ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूए फेडरेशन
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लगातार गिरते भूजल स्तर को वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिए बचाया जा सकता है। जहां जहां भी वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम है उन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त करने की जरूरत है, ताकि बरसात के पानी को संरक्षित किया जा सके। कुलदीप सक्सेना, कंफेडरेशन ऑफ ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूएज
लगातार जीडीए से शिकायत की जा रही है। पिछले वर्ष जीडीए ने प्लान तैयार किया था, लेकिन अभी तक उसे लागू नहीं किया जा सका है। आलोक कुमार, फेडरेशन ऑफ एओए
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साहिबाबाद। टीएचए में लगातार घटते भूजल स्तर पर के बाद भी विभाग चेत नहीं रहे हैं। टीएचए की सोसायटी और कॉलोनियों व पार्कों में लगे वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की हालत बेहद खराब है। जबकि एक वर्ष पहले जीडीए ने सभी जगह पर लगे वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लागू करने की योजना बनाई थी। एक महीने में इसकी रिपोर्ट भी बनाई जानी थी, लेकिन अभी तक इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। टीएचए में बनी सोसायटियों में बरसात के पानी को संरक्षित करने के लिए बिल्डरों द्वारा सोसायटियों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। कई बिल्डरों ने तो सोसायटियों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए लेकिने कुछ बिल्डरों ने इसका निर्माण ही नहीं किया। जिन सोसायटियों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे भी हैं वह भी शोपीस बनकर रह गए हैं। बता दें कि तीन सौ मीटर और उससे ज्यादा क्षेत्रफल के मकानों में भी वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य है लेकिन इसका भी पालन नहीं हो रहा है। टीएचए में करीब एक से डेढ़ लाख मकान हैं। इनमें 40 हजार मकान ऐसे हैं जो 300 मीटर या उससे ज्यादा में बने हैं। इनमे एक प्रतिशत मकान भी नहीं हैं, जिनमें वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हों। जिन सोसायटी में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हुए हैं, वह काम करते तो काफी पानी बचाया जा सकता था। यही नहीं जीडीए ने कॉलोनी बसाने के समय टीएचए के कई पार्कों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए थे लेकिन देखरेख के अभाव में इनकी हालत खराब हो गई है।
2018 में जीडीए वीसी ने लागू करने के दिए थे निर्देश
फेडरेशन ऑफ एओए ने दो जुलाई 2018 को जीडीए वीसी से मिलकर ग्रुप हाउसिंग और 300 सौ स्क्वायर मीटर से ऊपर की सभी इमारतों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सुचारु रूप से संचालित कराए जाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा था। जीडीए ने पहले चरण में संबंधित इंदिरापुरम इलाके में निर्मित ग्रुप हाउसिंग सोसायटी को कार्रवाई के केंद्र में रखा था। जोन में बनी सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है या नहीं इसकी जांच के आदेश दिए थे। इस आदेश के तहत सभी सोसायटी में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को संचालित कराया जाना था। इसके साथ ही सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में एओए अपनी तरफ से एक बोर्ड भी लगवाना था, जिसमें आरडब्ल्यूए को लिखना था कि संबंधित ग्रुप हाउसिंग में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम उपलब्ध है और संचालित भी हो रहा है। यह अभियान एक महीने तक चलना था। इस आदेश का कितना पालन हुआ इसकी रिपोर्ट एक महीने में देनी थी। इस आदेश को अब एक वर्ष हो गए हैं, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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आरडब्ल्यूए का क्या है कहना
कॉलोनी बसाते समय पार्कों में हार्वेंस्टिंग सिस्टम तो बना दिए गए थे, लेकिन इनकी देखरेख के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। जिसकी वजह से आज यह बदहाल पड़े हैं। कैलाश चंद्र शर्मा, ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूए फेडरेशन
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लगातार गिरते भूजल स्तर को वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिए बचाया जा सकता है। जहां जहां भी वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम है उन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त करने की जरूरत है, ताकि बरसात के पानी को संरक्षित किया जा सके। कुलदीप सक्सेना, कंफेडरेशन ऑफ ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूएज
लगातार जीडीए से शिकायत की जा रही है। पिछले वर्ष जीडीए ने प्लान तैयार किया था, लेकिन अभी तक उसे लागू नहीं किया जा सका है। आलोक कुमार, फेडरेशन ऑफ एओए