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Ghaziabad News: शेयर ट्रेडिंग में करोड़ों के नुकसान का झांसा देकर 13.23 लाख ठगे
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गाजियाबाद। कविनगर क्षेत्र के एनएच-24 स्थित एसकार्डी ग्रींस गोल्फ लिंक लैंड क्राफ्ट निवासी राजीव शर्मा से साइबर ठगों ने 13 लाख 23 हजार 500 रुपये की ठगी कर ली। पहले शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराकर और फिर कंपनी से सेटलमेंट कराने के नाम पर ठगी की। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि राजीव शर्मा के मुताबिक वह चार वर्षों से एंजेल वन ब्रोकर से जुड़े थे और शेयर ट्रेडिंग में निवेश करके मुनाफा कमा रहे थे। राजीव शर्मा ने बताया कि उनके मोबाइल पर आदित्य नाम के युवक का फोन आया और उनके साथ शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर 20 प्रतिशत मुनाफे का झांसा दिया। साथ ही पंकज नाम के युवक को मोबाइल नंबर भेजा जो भंशावली वैल्यू क्रिएशन से जुड़े थे और अच्छा मुनाफा कमाने का दावा किया। उन्होंने दोनों के साथ शेयर ट्रेडिंग में निवेश किया। कुछ दिनों बाद उन्हें कोफोर्ज कंपनी में निवेश करने पर 2.70 लाख और अल्ट्रासेमकों में 10.23 लाख रुपये का मार्जन बताया गया। पीड़ित ने अनुसार पंकज के कहने पर उन्होंने किआ कार्पोरेशन का ट्रेड दिया। पंकज नाम के युवक ने दावा किया कि उनके नाम से किआ कॉर्पोरेशन से 21.68 करोड़ रुपये का ट्रेड उन्होंने खरीद लिया है। जिसमें उन्हें 47.22 लाख रुपये का नुकसान होने की बात कही। इस नुकसान से वह सदमे में आ गए। जिसके बाद आदित्य नाम के ठग का फोन आया और कंपनी से नुकसान का एडजस्टमेंट कराने के नाम पर लाखों रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कराए। पीड़ित ने रुपये ट्रांसफर करने का विरोध किया तो कंपनी के युवक को घर भेजकर 47.22 लाख रुपये की रिकवरी करने की धमकी दी। पीड़ित ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि एनएसई और बीएसई ने उल्लेख किया है कि किआ कॉर्पोरेशन का शेयर नहीं खरीदा जा सकता क्योंकि यह कोरियाई एक्सचेंज से संबंधित है। बताया कि उन्हें साइबर ठगों के जाल में फंसने का अहसास हुआ। जब तक उनके साथ 13 लाख 23 हजार 500 रुपये की साइबर ठगी हो चुकी थी। पीड़ित ने साइबर ठगों के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्जकर धनराशि वापस कराने की मांग की है। एडीसीपी अपराध ने बताया कि मामले की जांच कर आरोपियों की पहचान की जाएगी।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि राजीव शर्मा के मुताबिक वह चार वर्षों से एंजेल वन ब्रोकर से जुड़े थे और शेयर ट्रेडिंग में निवेश करके मुनाफा कमा रहे थे। राजीव शर्मा ने बताया कि उनके मोबाइल पर आदित्य नाम के युवक का फोन आया और उनके साथ शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर 20 प्रतिशत मुनाफे का झांसा दिया। साथ ही पंकज नाम के युवक को मोबाइल नंबर भेजा जो भंशावली वैल्यू क्रिएशन से जुड़े थे और अच्छा मुनाफा कमाने का दावा किया। उन्होंने दोनों के साथ शेयर ट्रेडिंग में निवेश किया। कुछ दिनों बाद उन्हें कोफोर्ज कंपनी में निवेश करने पर 2.70 लाख और अल्ट्रासेमकों में 10.23 लाख रुपये का मार्जन बताया गया। पीड़ित ने अनुसार पंकज के कहने पर उन्होंने किआ कार्पोरेशन का ट्रेड दिया। पंकज नाम के युवक ने दावा किया कि उनके नाम से किआ कॉर्पोरेशन से 21.68 करोड़ रुपये का ट्रेड उन्होंने खरीद लिया है। जिसमें उन्हें 47.22 लाख रुपये का नुकसान होने की बात कही। इस नुकसान से वह सदमे में आ गए। जिसके बाद आदित्य नाम के ठग का फोन आया और कंपनी से नुकसान का एडजस्टमेंट कराने के नाम पर लाखों रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कराए। पीड़ित ने रुपये ट्रांसफर करने का विरोध किया तो कंपनी के युवक को घर भेजकर 47.22 लाख रुपये की रिकवरी करने की धमकी दी। पीड़ित ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि एनएसई और बीएसई ने उल्लेख किया है कि किआ कॉर्पोरेशन का शेयर नहीं खरीदा जा सकता क्योंकि यह कोरियाई एक्सचेंज से संबंधित है। बताया कि उन्हें साइबर ठगों के जाल में फंसने का अहसास हुआ। जब तक उनके साथ 13 लाख 23 हजार 500 रुपये की साइबर ठगी हो चुकी थी। पीड़ित ने साइबर ठगों के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्जकर धनराशि वापस कराने की मांग की है। एडीसीपी अपराध ने बताया कि मामले की जांच कर आरोपियों की पहचान की जाएगी।
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