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मेट्रो फेज-3 में मेट्रो कोच देने से डीएमआरसी का इंकार
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मेट्रो फेज-3 में मेट्रो कोच देने से डीएमआरसी का इंकार
गाजियाबाद। नोएडा से मोहननगर फेज-3 मेट्रो कॉरिडोर के वसुंधरा पर प्रस्तावित जंक्शन को साहिबाबाद के रैपिड रेल स्टेशन को स्काई-वे से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। मेट्रो फेज-3 कॉरिडोर में डीएमआरसी ने जीडीए को मेट्रो कोचेज (रोलिंग स्टॉक) देने से इंकार कर दिया है। कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर में इसका कोई जिक्र नहीं है। ऐसे में कॉरिडोर में जीडीए पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
मेट्रो फेज-एक कौशांबी से वैशाली और फेज-2 दिलशाद गार्डन से शहीद स्थल कॉरिडोर में डीएमआरसी की ओर से रोलिंग स्टॉक उपलब्ध कराए गए थे। दोनों प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में इसका जिक्र किया गया था, लेकिन फेज-3 मेट्रो की संशोधित डीपीआर में डीएमआरसी ने रोलिंग स्टॉक को जगह नहीं दी है। नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से मोहन नगर तक प्रस्तावित मेट्रो फेज-3 कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर में लंबाई 5.91 किमी है। प्रोजेक्ट की लागत 1866 करोड़ है। ऐसे में जीडीए पर रोलिंग स्टॉक खरीद का अतिरिक्त भार पड़ेगा। फेज-3 कॉरिडोर में वैभव खंड, इंदिरापुरम, शक्ति खंड, वसुंधरा सेक्टर-5, मोहननगर में से सबसे महत्वपूर्ण वसुंधरा सेक्टर-2 स्टेशन है। यहां वैशाली से साहिबाबाद का मेट्रो फेज-4 कॉरिडोर वसुंधरा सेक्टर-2 मेट्रो स्टेशन से जुड़ना है। जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने बताया कि मेट्रो फेज-3 की संशोधित डीपीआर में रोलिंग स्टॉक को शामिल नहीं किया गया है।
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गाजियाबाद। नोएडा से मोहननगर फेज-3 मेट्रो कॉरिडोर के वसुंधरा पर प्रस्तावित जंक्शन को साहिबाबाद के रैपिड रेल स्टेशन को स्काई-वे से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। मेट्रो फेज-3 कॉरिडोर में डीएमआरसी ने जीडीए को मेट्रो कोचेज (रोलिंग स्टॉक) देने से इंकार कर दिया है। कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर में इसका कोई जिक्र नहीं है। ऐसे में कॉरिडोर में जीडीए पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
मेट्रो फेज-एक कौशांबी से वैशाली और फेज-2 दिलशाद गार्डन से शहीद स्थल कॉरिडोर में डीएमआरसी की ओर से रोलिंग स्टॉक उपलब्ध कराए गए थे। दोनों प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में इसका जिक्र किया गया था, लेकिन फेज-3 मेट्रो की संशोधित डीपीआर में डीएमआरसी ने रोलिंग स्टॉक को जगह नहीं दी है। नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से मोहन नगर तक प्रस्तावित मेट्रो फेज-3 कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर में लंबाई 5.91 किमी है। प्रोजेक्ट की लागत 1866 करोड़ है। ऐसे में जीडीए पर रोलिंग स्टॉक खरीद का अतिरिक्त भार पड़ेगा। फेज-3 कॉरिडोर में वैभव खंड, इंदिरापुरम, शक्ति खंड, वसुंधरा सेक्टर-5, मोहननगर में से सबसे महत्वपूर्ण वसुंधरा सेक्टर-2 स्टेशन है। यहां वैशाली से साहिबाबाद का मेट्रो फेज-4 कॉरिडोर वसुंधरा सेक्टर-2 मेट्रो स्टेशन से जुड़ना है। जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने बताया कि मेट्रो फेज-3 की संशोधित डीपीआर में रोलिंग स्टॉक को शामिल नहीं किया गया है।
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