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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के किसानों को राहत
Updated Fri, 19 Jan 2018 01:21 AM IST
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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के किसानों को राहत
गाजियाबाद। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से प्रभावित किसानों व स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलती दिखाई दे रहे है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एक्सप्रेस-वे के किनारे संपर्क को लेकर की जा रही मांग को स्वीकृति दे दी है। पहले चरण के संपर्क मार्ग को लेकर 15 करोड़ रुपया भी जारी कर दिया है। वहीं, दूसरे चरण के संपर्क मार्ग को लेकर वार्ता चल रही है, जिस पर जल्द ही सहमति मिलने के संकेत हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि किसानों के साथ चला आ रहा विवाद सुलझ जाएगा।
हरियाणा के सोनीपत से शुरू होकर बागपत, दुहाई, डासना, नोएडा व फरीदाबाद के रास्ते पलवल तक जाने वाले करीब 135 किमी के एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके दो से तीन महीने में पूरा होने की संभावना है। गाजियाबाद में 16 गांवों के किसानों की 344.58 हेक्टेयर भूमि एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत की गई है। किसान जिला प्रशासन के माध्यम से लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उन्होंने एक्सप्रेस-वे के किनारे कनेक्टिंग (संपर्क) मार्ग दिया जाए। क्योंकि एक्सप्रेस वे की खेतों से ऊंचाई ही 12 से 20 फीट तक है। साथ ही किसानों को अपने खेत-गांव तक जाने का कोई संपर्क नहीं बचा है। एक्सप्रेस-वे के लिए खेतों के साथ सरकारी चकरोड (रास्ते) भी अधिग्रहीत हो गए हैं। ऐसे स्थिति में कोई संपर्क मार्ग नहीं बचा है, जिसे देखते हुए संपर्क मार्ग दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर किसान लंबे समय से मांग कर रहे थे। पिछले हफ्ते सड़क निर्माण कार्य रोककर आंदोलन भी किया था। डीएम रितु माहेश्वरी का कहना है कि एनएचएआई ने एक संपर्क मांग स्वीकृति कर दिया है, जिसका 15 करोड़ रुपया प्राप्त हो गया है। दूसरी तरफ से संपर्क मार्ग को लेकर वार्ता की जा रही है। किसानों की अधिकांश मांगों को मान लिया गया है, ऐसे में विरोध का कोई ठोस आधार नहीं बचता।
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गाजियाबाद। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से प्रभावित किसानों व स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलती दिखाई दे रहे है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एक्सप्रेस-वे के किनारे संपर्क को लेकर की जा रही मांग को स्वीकृति दे दी है। पहले चरण के संपर्क मार्ग को लेकर 15 करोड़ रुपया भी जारी कर दिया है। वहीं, दूसरे चरण के संपर्क मार्ग को लेकर वार्ता चल रही है, जिस पर जल्द ही सहमति मिलने के संकेत हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि किसानों के साथ चला आ रहा विवाद सुलझ जाएगा।
हरियाणा के सोनीपत से शुरू होकर बागपत, दुहाई, डासना, नोएडा व फरीदाबाद के रास्ते पलवल तक जाने वाले करीब 135 किमी के एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके दो से तीन महीने में पूरा होने की संभावना है। गाजियाबाद में 16 गांवों के किसानों की 344.58 हेक्टेयर भूमि एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत की गई है। किसान जिला प्रशासन के माध्यम से लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उन्होंने एक्सप्रेस-वे के किनारे कनेक्टिंग (संपर्क) मार्ग दिया जाए। क्योंकि एक्सप्रेस वे की खेतों से ऊंचाई ही 12 से 20 फीट तक है। साथ ही किसानों को अपने खेत-गांव तक जाने का कोई संपर्क नहीं बचा है। एक्सप्रेस-वे के लिए खेतों के साथ सरकारी चकरोड (रास्ते) भी अधिग्रहीत हो गए हैं। ऐसे स्थिति में कोई संपर्क मार्ग नहीं बचा है, जिसे देखते हुए संपर्क मार्ग दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर किसान लंबे समय से मांग कर रहे थे। पिछले हफ्ते सड़क निर्माण कार्य रोककर आंदोलन भी किया था। डीएम रितु माहेश्वरी का कहना है कि एनएचएआई ने एक संपर्क मांग स्वीकृति कर दिया है, जिसका 15 करोड़ रुपया प्राप्त हो गया है। दूसरी तरफ से संपर्क मार्ग को लेकर वार्ता की जा रही है। किसानों की अधिकांश मांगों को मान लिया गया है, ऐसे में विरोध का कोई ठोस आधार नहीं बचता।
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