गाजियाबाद के एसएसपी हुए लापता, डेढ़ घंटे में तलाश पाई पुलिस, ये था पूरा मामला
- ट्रैफिक कंट्रोल चैनल पर बोले कप्तान- मुझे ढूंढो
- डेढ़ घंटे चली आंख-मिचौली, कप्तान को ढूंढती रही पुलिस
- जिला पुलिस की मुस्तैदी जांचने खुद सड़क पर उतरे कप्तान
विस्तार
गाजियाबाद में नया ट्रैफिक कंट्रोल चैनल शुरू करने के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ने उसका ट्रायल शुरू कर दिया है। एसएसपी ने ट्रायल की शुरूआत खुद से ही की है। शुक्रवार को एसएसपी ने वायरलेस सेट पर खुद को ढूंढने का मैसेज फ्लैश किया, जिसके बाद पुलिस में हड़कंप मच गया और पुलिसकर्मी अपने कप्तान को ढूंढने के लिए जुट गए। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिसकर्मियों और एसएसपी के बीच आंख-मिचौली का खेल चलता रहा।
एसएसपी ने बताया कि अपराधियों को पकड़ने और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों की घेराबंदी करने के लिए जिलेभर में 100 प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं। वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को 100 नए वायरलेस हैंडसेट दिए गए हैं।
इन प्वाइंट्स पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी जांचने का काम शुरू कर दिया गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को वह खुद सड़क पर निकले थे। बंगले से निकलने से पहले एसएसपी ने वायरलेस सेट पर एक मैसेज फ्लैश किया, जिसमें उन्होंने पुलिसकर्मियों से खुद को ढूंढने का आदेश दिया।
हर प्वाइंट पर कप्तान की गाड़ी ट्रेस करती रही पुलिस
एसएसपी ने बताया कि मैसेज फ्लैश होते ही जिला पुलिस हरकत में आ गई थी। हालांकि, उन्होंने अपने रूट के बारे में सेट पर कोई जानकारी पुलिस को नहीं दी थी। जिसके चलते शहर से लेकर देहात तक की पुलिस कप्तान की गाड़ी ट्रेस करने में जुटी रही। करीब डेढ़ घंटे तक कप्तान सड़कों पर घूमते रहे। इस दौरान कई प्वाइंट्स पर पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी को ट्रेस किया और वायरलेस सेट पर इसकी सूचना दर्ज कराई।
कुछ स्थानों पर मिली कमियां, अपडेट होगा प्लान
एसएसपी ने बताया कि उन्होंने हर प्वाइंट्स पर तैनात पुलिसकर्मियों को उनकी गाड़ी गुजरने का टाइम नोट कराने के निर्देश भी दिए थे। कुछ स्थानों पर खामियां मिली हैं, जिसके लिए स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। साथ ही, ट्रायल के दौरान कुछ स्थानों पर दो प्वाइंट्स के बीच में अधिक दूरी होने का भी पता चला, इसके लिए प्लान को अपडेट भी किया जाएगा।
लगातार जांची जाएगी पुलिस की मुस्तैदी
एसएसपी ने बताया कि यह सारा प्रयास अपराधियों और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर भागने वाले लोगों को तुरंत दबोचने के लिए किया जा रहा है। पुलिस की मुस्तैदी जांचने के लिए कई अफसरों को भी इस ट्रायल का हिस्सा बनाया जाएगा। किसी भी गाड़ी का नंबर सेट पर नोट कराकर उसकी लोकेशन पूछी जाएगी। हालांकि, इस दौरान पुलिस को उक्त नंबर की गाड़ी न रोकने के निर्देश रहेंगे।