World Thalassemia Day: ओम बिड़ला बोले- भारत से खत्म होगी थैलेसीमिया, अगले 25 साल का रखा लक्ष्य
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नेशनल स्क्रीनिंग द्वारा थैलेसीमिया को रोकने की सख्त आवश्यकता को दोहराया और कार्यक्रम को लागू करने में अपनी मदद का आश्वासन दिया।
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ओम बिरला ने नेशनल स्क्रीनिंग द्वारा थैलेसीमिया को रोकने की सख्त आवश्यकता को दोहराया और कार्यक्रम को लागू करने में अपनी मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि इन रोगियों के लिए सुरक्षित रक्त प्रदान किया जाए। उन्होंने देश के सभी हिस्सों में सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत पर बल दिया। वहीं अर्जुन मुंडा ने राष्ट्रीय मिशन मोड पर रोकथाम और जांच की आवश्यकता पर बल दिया। जैसा कि आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया के लिए किया जा रहा है। हमें इन बीमारियों पर ध्यान देना होगा और अगले 25 सालों में इनका खात्मा करना होगा।
सर गंगा राम हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी डॉ. अनुपम सचदेव ने कहा कि वर्ष 2006 से थैलेसीमिया के लिए सभी गर्भधारण की जांच की जा रही है। हमें यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि अब तक हमने 50,000 से अधिक गर्भधारण की जांच की है। उस समय से कोई थैलेसीमिक बच्चा पैदा नहीं हुआ है। सर गंगा राम अस्पताल में डिपार्टमेंट ऑफ़ पीडियाट्रिक के चेयरमैन डॉ. वी. के. खन्ना ने कहा कि हमारी संस्था में थैलेसीमिक्स का उपचार हड्डी और स्टेम सेल प्रत्यारोपण के रूप में उपलब्ध है और हमने लगभग 200 प्रत्यारोपण किए हैं। लेकिन इस बीमारी को रोकना समय की आवश्यकता है। सर गंगा राम अस्पताल में बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने कहा कि थैलेसीमिया के इलाज की सभी सुविधाएं हमारे अस्पताल में उपलब्ध हैं और हम अन्य संस्थानों के डॉक्टरों और नर्सों को प्रशिक्षित करने के लिए तैयार हैं।