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तो खुद जल उठता है ये कचरा: क्यों धधक उठता है गाजीपुर का कूड़े का 'पहाड़', गर्मी बढ़ते ही बढ़ने लगता है खतरा

Mon, 22 Apr 2024 10:30 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 22 Apr 2024 10:30 PM IST
सार

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी बढ़ने के बाद दिल्ली की तीनों लैंडफिल साइट पर आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में वहां आसपास के दमकल केंद्रों को अधिक सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। 

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Flammable gases formed in the garbage heap and as the heat increases it catches fire
गाजीपुर लैंडफिल आग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कूड़े के पहाड़ में ज्वलनशील गैसें बन जाती हैं। इसमें मीथेन की मात्रा ज्यादा होती है। ऐसे में शुष्क मौसम और तेज गर्मी से उसमें आग लग जाती है। हवा के कारण यह तेजी से फैलती है। कूड़े के पहाड़ की ऊंचाई अधिक होने की वजह से आग पर काबू पाने में काफी कठिनाई होती है। वर्ष 2022 में लगी आग पर कई दिन में काबू पाया गया था। उधर, एनजीटी ने सभी लैंडफिल साइटों की ऊंचाई तेजी से घटाने का निर्देश दे रखा है।

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दमकल विभाग ने यह किए इंतजाम
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी बढ़ने के बाद दिल्ली की तीनों लैंडफिल साइट पर आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में वहां आसपास के दमकल केंद्रों को अधिक सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। गाजीपुर लैंडफिल साइट के लिए दल्लूपुरा दमकल केंद्र, भलस्वा के लिए जहांगीरपुरी दमकल केंद्र और ओखला लैंडफिल साइट पर ओखला फेज-1 के दमकल केंद्रों पर गाड़ियां 24 घंटे तैनात रहती हैं। इनको किसी भी समय आग से निपटने के लिए कहा गया है।

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गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग लगने के मामले
2022-छह बार लगी आग
2021-चार बार लगी आग
2020-आठ बार लगी आग
2019-छह बार लगी आग
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गाजीपुर साइट पर 32 ट्रॉमेल मशीनें लगाईं
एमसीडी के अधिकारियों के मुताबिक, गाजीपुर लैंडफिल साइट पर 32 ट्रॉमेल मशीनें कूड़े की छंटाई के लिए लगाई गई हैं। एनजीटी का आदेश है कि कूड़े के ढेर की ऊंचाई कम करनी है, इसलिए जेसीबी मशीनों की सहायता से कूड़े को तेजी से धरातल की ओर फैलाया जा रहा है। संसाधित अपशिष्ट को ट्रकों में लोड करके यहां से लेकर जाने का काम भी तेज किया गया है।

मेयर ने किया लैंडफिल साइट का दौरा
मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने निगम अधिकारियों के साथ सुबह गाजीपुर लैंडफिल साइट का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों से स्थिति का जायजा लिया और बाद में कहा कि आग से जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, वे आसपास में रहने वाले लोगों के संपर्क में हैं। अधिकारियों को तेजी से कूड़े को संसाधित करने का निर्देश भी दिया।

गोपाल राय ने 48 घंटे में मांगी रिपोर्ट
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पर्यावरण व वन विभाग के प्रधान सचिव से गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग लगने की घटना की पूरी रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर देने के लिए कहा है। आग लगने का कारण और आग लगने के बाद इसे काबू करने के लिए विभिन्न एजेंसियों की ओर से किए गए उपाय की विस्तृत जानकारी मांगी है। लैंडफिल साइट का दौरा करने के दौरान उन्होंने पिछले साल में लगी आग को संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों को फिर से आग न लगे इसके लिए कई गाइडलाइंस का पालन करने का निर्देश दिया था। उन्होंने रिपोर्ट में ये भी बताने के लिए कहा है कि इस साल आग न लगे इसके लिए हाल के दिनों में कौन सी गाइडलाइन अपनाई गई।

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