फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   FIR filed against AAP Convenor Arvind Kejriwal,

Delhi: आप संयोजक अरविंद केजरीवाल पर एफआईआर दर्ज, दिल्ली पुलिस ने इस मामले के तहत की है कार्रवाई

Fri, 28 Mar 2025 10:46 AM IST
आकाश दुबे एएनआई, दिल्ली
एएनआई, दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 28 Mar 2025 10:46 AM IST
सार

दिल्ली पुलिस ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की और बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी।

विज्ञापन
FIR filed against AAP Convenor Arvind Kejriwal,
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल - फोटो : PTI

विस्तार

दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम (पीपीए) के कथित उल्लंघन की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की और बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी।

विज्ञापन

पढ़ें- Delhi: प्रवेश वर्मा और आतिशी के बाद सतीश उपाध्याय के निर्वाचन को चुनौती, HC पहुंचे सोमनाथ; 8 अप्रैल को सुनवाई
विज्ञापन

 

इससे पहले मामले की सुनवाई में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में तत्कालीन सीएम अरविंद केजरीवाल और मटियाला सीट से विधायक गुलाब सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पुलिस ने शिकायत पर जांच नहीं की ऐसे में होर्डिंग किसने लगाए और क्यों लगाए इसकी जांच जरूरी है। अदालत ने पुलिस को 18 मार्च तक मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए थे। इससे पहले 2022 में द्वारका स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया था। जिसके बाद सत्र न्यायालय ने इसे दोबारा सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेट अदालत में भेज दिया था।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नेहा मित्तल ने अपने आदेश में कहा था कि पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट में लिखा है कि स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की तारीख में बताए गए स्थान पर कोई होर्डिंग या बैनर नहीं दिखाई दिया है। जबकि शिकायत की तारीख पर बैनर होर्डिंग की स्थिति पर पुलिस ने चुप्पी साध ली है। ऐसे में यह जरूरी है कि इस मामले की जांच की जाए कि होर्डिंग बैनर किसने औऱ क्यों लगाए हैं। राज्य की तरफ से पेश अधिवक्ता ने तर्क दिया था कि समय बहुत अधिक हो चुका है और साक्ष्य के तौर पर दाखिल की गई तस्वीरों में होर्डिंग और बैनर बनाने वाली कंपनी या संस्था का नाम नहीं लिखा है। जिसे अदालत ने खारिज करते हुए कहा कि यह जरूरी है कि मामले में शामिल लोगों की पहचान सामने आए। इसके लिए जांच आवश्यक है।



पढ़ें- ब्याज चुकाते-चुकाते दी जान: 50 हजार का कर्ज बन गया 10 लाख, पत्नी के लिए वीडियो बनाकर कहा- यहीं तक का था साथ

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed