पहली से 5वीं कक्षा तक गणित का डर खत्म होगा, शिक्षा निदेशालय ने पाठ्यक्रम में ये किया शामिल
- सरकारी स्कूलों में पहली से 5वीं तक गणित नहीं बनेगा हौव्वा
- विद्यार्थी झाडू की तीली से बनाएंगे कोण, सुतली से करेंगे सीधी रेखा की पहचान
- शिक्षा निदेशालय ने पाठ्यक्रम में आम जीवन की गतिविधियों को शामिल किया
- गणित की कक्षा में इन गतिविधियों को रोजाना कराने के दिए निर्देश
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सरकारी स्कूलों में पहली से 5वीं तक के विद्यार्थी गणित में अब सुतली से सीधी रेखा की पहचान करना, झाडू की तीली से कोण बनाना, झाडू की तीली से बनी आकृति और भुजाओं की पहचान करना सीखेंगे। शिक्षा निदेशालय ने गणित के डर को खत्म कर उसे आसान बनाने के प्रयास शुरू किए हैं। निदेशालय ने गणित के पाठ्यक्रम में विभिन्न वस्तुओं से कराई जाने वाली गतिविधियों को शामिल किया है, जिससे विद्यार्थी आसानी से गणित की परिकल्पना को प्रारंभिक स्तर पर ही आसानी से समझ सकें। निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में रोजाना इन गतिविधियों को कराया जाए।
शिक्षा निदेशालय का मानना है कि सरकारी स्कूलों के पहली से 5वीं तक के बच्चों की गणित सीखने की क्षमताओं को मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए गणित के पाठ्यक्रम में कुछ आसान गतिविधियों को जोड़ा गया है। इससे वह गणित की बारीकियों को आसानी से समझ सकेंगे। इन गतिविधियों को कक्षा के स्तर के अनुसार बनाया गया है। 100 तक की संख्या के नाम पहचानने के लिए भी गतिविधियों को सुझाया गया है।
संख्याओं के नाम सिखाने के लिए ऐसी गतिविधियां करानी हैं, जिसमें विद्यार्थियों को गिनने का अवसर मिले। वहीं, रोज किए जाने वाले व्यायाम से भी संख्याओं के नाम सिखाए जा सकते हैं। जमा के चिह्न के विषय में बताने के लिए ट्रेन बनाने की गतिविधि, घटा के चिह्न के लिए डिब्बा खाली गतिविधि कराई जाएगी। बच्चों को संख्या जोड़ और दोगुना के विषय में समझाने के लिए उंगलियों को मोड़ना गतिविधि से समझाया जाएगा। इसी तरह दोगुने के विषय में जुड़वां बहनों की कहानी से परिचय कराया जाएगा। निदेशालय का मानना है कि आम जीवन की गतिविधियों को गणित में शामिल करने से विद्यार्थी गणित को पढ़ने में बोरियत भी महसूस नहीं करेंगे और आसानी से सीख जाएंगे।