9 साल बाद मिला खोया बेटा, पिता लगातार करता रहा उसकी तलाश
अपने बच्चे को खोजने की एक पिता की कोशिश 9 साल बाद रंग लाई। जहांगीरपुरी से लापता बच्चे को पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर से बरामद कर लिया गया है। संतान नहीं होने के कारण बच्चे को डेढ़ साल की उम्र में एक दंपति ने ही में जगजीवन राम अस्पताल से अगवा किया था।
तब से पीड़ित पिता अपने बच्चे को लगातार खोज रहा था। पुलिस ने बच्चे का अपहरण करने वाले दंपति के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। दंपति की पहचान मोहम्मद शमीम और नरगिस के रूप में हुई है।
पुलिस उपायुक्त ऋषिपाल के मुताबिक बच्चा नौ साल पहले जहांगीरपुरी के जगजीवन राम अस्पताल से लापता हुआ था। तब से उसके पिता अफसर उसकी तलाश में जुटे थे। वह लापता बेटे की फोटो अपने पास रखते थे।
कुछ समय पहले एक शादी में उन्होंने वह तस्वीर अपने एक जानकार को दिखाई। जानकार ने फोटो देखकर बताया कि उन्होंने बच्चे को पुराना सीलमपुर में अपने पड़ोस में एक दंपति के पास देखा है।
जानकार को भी शक था कि यह बच्चा दंपति का नहीं है। दंपति भी लोगों को बताता था कि उनका बच्चा गांव में था वो उसे डेढ़ साल बाद लेकर आए हैं।
सरकारी स्कूल में दिखा था गुम बच्चा
पीड़ित पिता ने बीते मई में इसकी सूचना कृष्णानगर पुलिस को दी। पुलिस ने टीम बनाकर जांच शुरू की तो पता चला कि दंपति पुराना सीलमपुर में किराये पर रहते थे, अब कहीं और चले गए हैं।
पुलिस ने आस-पास के स्कूलों में बच्चे की तलाश शुरू कर दी। पुलिस को बीते 22 अगस्त को पुराना सीलमपुर स्थित नगर निगम के स्कूल में साढ़े दस साल का एक बच्चा मिला जिसका हुलिया फोटो से मिलता जुलता था। पुलिस बच्चे के साथ घर पहुंची।
पुलिस की शुरूआती पूछताछ में आरोपी मो. शमीम और नरगिस उसे अपना बच्चा बताते रहे, लेकिन पुलिस के सामने थोड़ी देर बाद उन्होंने सच कुबूल लिया।
चुराने से पहले की थी रेकी
मामला 2007 का है। पीड़ित पिता अफसर की पत्नी फरीदा 2007 में गर्भवती थी। वह डेढ़ साल के अपने बच्चे के साथ अस्पताल गई थी। वह डॉक्टर को दिखाने के लिए लाइन में लगी थी, तभी बच्चे को नींद आ गई।
फरीदा ने उसे बेंच पर लिटा दिया। नंबर आने पर बच्चे को वहीं छोड़कर अंदर डॉक्टर के पास चली गई। वापस लौटी तो बच्चा गायब था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी शमीम ने बताया कि उन्होंने कई अस्पताल की रेकी की थी जिससे पता चल सके की कहां से आसानी से बच्चा चुराया जा सकता है।