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दो मासूमों को मरने के लिए छोड़ गया शराबी पिता, 5 दिन बाद बदबू आने से खुला राज

Sat, 27 Aug 2016 12:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 27 Aug 2016 12:00 PM IST
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father abandon two daughters, when they reaches almost to death rescued by delhi cops
समयपुर बादली के घर से न‌िकाली गई दोनों बच्च‌ियां - फोटो : अमर उजाला

समयपुर बादली में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। दो माह पूर्व एक महिला अपनी दो बेटियों को शराबी पति के सहारे छोड़कर चली गई। शराबी पति भी बच्चियों को अपने हाल पर छोड़कर फरार हो गया।

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एक बंद कमरे में करीब पांच दिनों तक बच्चियां भूखी प्यासी तड़पती रहीं। उस कमरे से बदबू आने पर पड़ोस में रहने वाले शख्स ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्चियों के साथ क्रूरता करने वाले परिजनों के खिलाफ जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उनकी तलाश की जा रही है।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गत 19 अगस्त को राधा विहार नेपाली कॉलोनी में रहने वाले संजय नाम के शख्स ने एक कमरे से बदबू आने की शिकायत की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजे पर लगे ताले को तोड़ा।

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बच्च‌ियों के स‌‌िर में घाव थे और उसमें कीड़े पड़ गए थे

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इसी बच्ची के स‌िर में पड़े थे कीड़े - फोटो : अमर उजाला

पुलिसकर्मियों ने जब कमरे में प्रवेश किया तो एक टूटी चारपाई पर दो बच्चियां एक दूसरे का हाथ पकड़कर मरणासन्न स्थिति में पड़ी मिली। उनके सिर में घाव थे और उसमें से कीड़े निकल रहे थे।

पुलिस ने तुरंत दोनों को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के प्रयास के बाद अब बच्चियों के सिर से कीड़ों का निकलना बंद हो गया है और स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।

बच्चियों को अपनाने के लिए लोगों का लगा तांता
पुलिस सूत्रों का कहना है कि बच्चियों की खबर मीडिया में आने के बाद इन्हें अपनाने के लिए लोगों का तांता लग गया है। लोग हर सुविधा बच्चियों को देने का दावा करके इन्हें अपनाने के लिए पुलिस से संपर्क कर रहे हैं।

पुलिस के अनुसार एक प्राइवेट स्कूल के टीचर ने पुलिस से संपर्क कर पंद्रह लाख रुपये देने की पेशकश की है। वहीं, कई कारोबारी भी बच्चियों को अपनाने के लिए पुलिस के पास पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं अस्पताल में भी लोग पहुंच रहे हैं और बच्चियों के लिए खाने पीने का सामान ला रहे हैं।

पीड़ित बच्चियों के माता-पिता का हुआ था प्रेम विवाह

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अस्पताल में चल रहा बच्च‌ियों का इलाज - फोटो : अमर उजाला

जांच में पता चला कि 8 साल की बच्ची अलका और तीन साल की ज्योति के माता-पिता रोजी और बबलू का प्रेम विवाह हुआ था। दोनों आठ साल से दिल्ली में रह रहे थे। दो साल से वह राधा विहार स्थित मकान में किराये पर रह रहे थे।

बबलू मजदूरी करता था और शराब पीने का आदी था। वह अकसर पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था। दो माह पूर्व बबलू की प्रताड़ना से तंग आकर रोजी अपनी दोनों बेटियों को पति के हवाले कर अपने पांच साल के बेटे को लेकर चली गई। बेटियों को लगातार ताने देने के बाद बबलू भी उन्हें अपने हाल पर छोड़कर 15 अगस्त को चला गया।

पुलिस को पता चला है कि बबलू मूलत: दिल्ली के सदर बाजार इलाके का रहने वाला है, वहीं उसकी पत्नी पश्चिम उत्तर प्रदेश की रहने वाली है। दोनों ने अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था। पुलिस के पास बबलू का फोटो नहीं है लेकिन पुलिस उसे तलाशने का प्रयास कर रही है।

बुजुर्ग दादी ने बच्चियों का रखने से किया इंकार  

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अस्पताल में पड़ी बच्ची - फोटो : अमर उजाला

जांच में पता चला कि बच्चियों की दादी है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस को इसमें कामयाबी भी मिली। लेकिन 86 वर्षीय राजेश्वरी देवी ने बच्चियों को अपने साथ रखने से इंकार कर दिया। दादी ने बताया कि बबलू ने उसे घर से निकाल दिया था। उसके बाद वह रैन बसेरा में रहती है।

पुलिसवाले अंकल के साथ रहना चाहती है बच्चियां
अस्पताल में भर्ती कराने के बाद बच्चियों की देखरेख के लिए दो सिपाहियों को तैनात किया गया है। अपनों का प्यार खो चुकी बच्चियां अब देखरेख करने वाले पुलिसकर्मियों के घर जाना चाहती है। वह पुलिसकर्मियों को कहती हैं कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह उनके साथ ही जाएंगी।

कमरे की स्थिति रोंगटे खड़ी वाली थी

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दोनों पीड़‌ित बच्च‌ियां - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस कमरे में बच्चियां कैद थीं, उस कमरे में हवा के आने जाने का कोई साधन नहीं था। भीषण गर्मी और घुटन वाले इस कमरे में मक्खी-मच्छर फैले हुए थे। खाने-पीने का कोई सामान नहीं था। भूख प्यास से बिलखती बच्चियां चारपाई पर पड़ी थी।

केंद्रीय बाल समिति को भेजी रिपोर्ट
पुलिस ने केंद्रीय बाल समिति को बच्चियों की हालत के बारे में रिपोर्ट भेजी है। जहां से जवाब मिला है कि पूरी तरह से स्वस्थ होने तक बच्चियों को अस्पताल में रखा जाए। उसके बाद उन्हें पूनर्वास केंद्र में भेज दिया जाएगा।
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