सर्दी से बेफिक्र किसान ने शरीर पर तिरंगा किया पेंट, बाहों और चेहरे पर लिखे नारे
कड़ाके की ठंड के बावजूद कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग पर डटे एक किसान ने अपने शरीर पर पेंट से तिरंगा, बांहों और चेहरे पर उत्तर प्रदेश के किसानों के नारे लिखे हुए थे। यूपी के कन्नौज क्षेत्र निवासी विकास यादव ने बताया कि हमारी बातों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, इसलिए मैंने विरोध के लिए यह तरीका अपनाया ताकि सरकार हमारी बातों को सुन सके। जब तक सरकार किसानों की मांगे पूरी नहीं करती है, रोजाना शरीर पर अलग अलग तरह की पेंटिंग और नारों से विरोध दर्ज करवाते रहेंगे।
पिछले करीब एक सप्ताह से यादव, सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन का हिस्सा बने हुए हैं, लेकिन चुपचाप रहते हुए जब कोई असर नहीं दिखा तो विरोध का नया तरीका अपनाया। सरकार की निष्क्रियता से निराश होने की बजाय किसान ने शरीर को कलर करवाने पर 200 रुपये खर्च किए। लेकिन शुकून है कि अपनी बातों को जताने का मौका मिला।
शरीर को चित्रित कर विकास ने किसानों की एकता और शक्ति को एक अलग अंदाज में प्रदर्शित किया। उन्होंने सर्द रातों से बेपरवाह किसान अपनी मांगों के समर्थन में घरों से दूर डटे हुए हैं, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं।
कुछ भी नहीं बदला, अगर हम मार भी जाते हैं तो किसे और क्यों फिक्र होगी। मैंने अपनी सरकार को दिखाने के लिए ऐसा किया है, मुझे किसी बात का डर नहीं है।
ठंड से परेशानी के बारे में पूछने पर जवाब दिया कि इस संघर्ष के सामने तो सर्दी कुछ भी नहीं है। प्रदर्शनकारी किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी की गारंटी नहीं होगी जबकि मंडी प्रणाली से दूरी से किसान बर्बाद हो जाएंगे। हालांकि सरकार ने फिर दोहराया है कि एमएसपी और मंडी प्रणाली बरकरार रहेगी और राजनीतिक दलों की तरफ से किसानों को गुमराह किया जा रहा है।
..सरकार से वार्ता के लिए किसानों का मंथन
पिछले 33 दिनों से कृषि कानूनों को निरस्त करने, एमएसपी की गारंटी की मांग पर डटे किसानों का संघर्ष जारी है। हालांकि केंद्र सरकार के साथ बुधवार की प्रस्तावित वार्ता में शामिल होने से पहले सभी पहलुओं पर किसान संगठनों की रात करीब नौ बजे तक बैठक चलती रही। सूत्रों के मुताबिक 30 दिसंबर को होने वाली वार्ता में किसानों के शामिल होने पर सहमति बन चुकी है। हालांकि, मंगलवार को एक बार फिर किसान संगठनों की बैठक के बाद वार्ता में शामिल होने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।