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Faridabad News: यमुना की रेती सोलर सिस्टमों पर हुई जमा
Fri, 21 Jul 2023 10:33 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Fri, 21 Jul 2023 10:33 PM IST
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फोटो कैप्शन: सोलन सिस्टम पर यमुना का पानी उतरने के बाद जमा रेती
- किसानों को हो रहा काफी नुकसान, सरकार से की भरपाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। यमुना में आई बाढ़ का पानी तो उतर गया, लेकिन खेतों में लगे सोलर सिस्टम व ट्यूबवेलों पर इतनी रेत जमा हो गई है कि वे चलने बंद हो गए हैं। ऐसे में किसानों को यमुना की रेत जमने से लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। यमुना के पास अधिक भरने से ट्यूबवेलों के बोर भी जमीन में नीचे धंस गए हैं। ऐसे में फिर से बोरिंग कराने पर भी किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़गा। किसानों ने इसके लिए सरकार से मांग की है कि ट्यूबवेलों के लिए फिर से बोर कराने तथा सोलर सिस्टम के हुए नुकसान की भी भरपाई की जाए।
पिछले दिनों हथिनी कुंड बैराज से यमुना में तीन लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने के बाद जिले के करीब 30 गांवों में बाढ़ आई। बाढ़ का पानी घरों के अंदर तथा खेतों में घुस गया। इससे खेतों में लगे ट्यूबवेल पूरी तरह से पानी में डूब गए तथा उनके लिए किए हुए बोर जमीन में इस कदर धंस गए कि ट्यूबवेल पंप भी नहीं दिखाई दे रहे। वहीं ट्यूबवेल चलाने के लिए किसानों द्वारा लगाए हुए सोलर सिस्टम भी पूरी तरह से खराब हो गए हैं। अब पानी उतरने के बाद भी सोलर सिस्टम चलाना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि सोलर सिस्टम पर दो से तीन फुट रेती चढ़ी हुई है। इससे सोलर के द्वारा ट्यूबवेल चलाना बेहद कठिन है।
किसान राम सिंह, हर गोपाल, सुरेंद्र, मनोहर तथा मेहरचंद का कहना है कि सरकार इस तरफ ध्यान दे और अपने खर्चे पर किसानों के बोर ठीक से कराए तथा सोलर सिस्टम को दुरुस्त कराने पर आने वाला खर्च भी सरकार वहन करे।
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- किसानों को हो रहा काफी नुकसान, सरकार से की भरपाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। यमुना में आई बाढ़ का पानी तो उतर गया, लेकिन खेतों में लगे सोलर सिस्टम व ट्यूबवेलों पर इतनी रेत जमा हो गई है कि वे चलने बंद हो गए हैं। ऐसे में किसानों को यमुना की रेत जमने से लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। यमुना के पास अधिक भरने से ट्यूबवेलों के बोर भी जमीन में नीचे धंस गए हैं। ऐसे में फिर से बोरिंग कराने पर भी किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़गा। किसानों ने इसके लिए सरकार से मांग की है कि ट्यूबवेलों के लिए फिर से बोर कराने तथा सोलर सिस्टम के हुए नुकसान की भी भरपाई की जाए।
पिछले दिनों हथिनी कुंड बैराज से यमुना में तीन लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने के बाद जिले के करीब 30 गांवों में बाढ़ आई। बाढ़ का पानी घरों के अंदर तथा खेतों में घुस गया। इससे खेतों में लगे ट्यूबवेल पूरी तरह से पानी में डूब गए तथा उनके लिए किए हुए बोर जमीन में इस कदर धंस गए कि ट्यूबवेल पंप भी नहीं दिखाई दे रहे। वहीं ट्यूबवेल चलाने के लिए किसानों द्वारा लगाए हुए सोलर सिस्टम भी पूरी तरह से खराब हो गए हैं। अब पानी उतरने के बाद भी सोलर सिस्टम चलाना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि सोलर सिस्टम पर दो से तीन फुट रेती चढ़ी हुई है। इससे सोलर के द्वारा ट्यूबवेल चलाना बेहद कठिन है।
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किसान राम सिंह, हर गोपाल, सुरेंद्र, मनोहर तथा मेहरचंद का कहना है कि सरकार इस तरफ ध्यान दे और अपने खर्चे पर किसानों के बोर ठीक से कराए तथा सोलर सिस्टम को दुरुस्त कराने पर आने वाला खर्च भी सरकार वहन करे।
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