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Faridabad News: भूमि न मिलने से अटका माइक्रो एसटीपी लगाने का काम
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दो वर्ष पूर्व स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 8 माइक्रो एसटीपी लगाने की तैयार की थी योजना, तीन बने
बारिश और सीवर ओवरफ्लो होने से 50 हजार लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में जमीन न मिलने के कारण माइक्रो एसटीपी लगाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। दो साल में आठ में से केवल तीन सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) ही लग पाए हैं। जिस कारण 50 हजार से अधिक लोगों को सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालत डबुआ कॉलोनी, प्याली चौक, सीही गांव और झाड़सेंतली में बनी हुई है।
स्मार्ट सिटी सीवर ओवरफ्लो और जाम की भारी समस्या है। पुरानी लाइनों की क्षमता कम होने के कारण लोगों को ओवरफ्लो की समस्या से जूझना पड़ रहा है। आये दिन लोग नगर निगम के बाहर प्रदर्शन करते है। पिछले दिनों नंगला रोड भड़ाना चौक पर सीवर मेनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। वहीं, दो साल पहले शहरवासियों को सीवर ओवरफ्लो की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम ने मिलकर आठ अलग-अलग जगहों पर सीवर शोधन संयंत्र लगाने की योजना तैयार की थी। योजना के तहत संयंत्र लगाने का पैसा स्मार्ट सिटी लिमिटेड दे रहा है, जबकि जगह नगर निगम की है। इसके लिए 64 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया। योजना के तहत दो साल में केवल 3 माइक्रो एसटीपी ही लग पाए हैं। पांच के लिए जमीन नहीं मिली है। इस कारण एसटीपी का काम अधर में लटक गया है।
एसटीपी का पानी पार्कों में होगा इस्तेमाल
माइक्रो एसटीपी से शोधित हाेने वाले पानी को आसपास लगे पार्क, सड़कों पर पानी के छिड़काव आदि के लिए प्रयोग किया जाएगा। नगर निगम प्रशासन के अनुसार ये एसटीपी दो से तीन एमएलडी क्षमता के बनाए जाएंगे। एसटीपी फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लगाकर नगर निगम को देगा। नगर निगम की जिम्मेदारी उसके मेंटिनेंस की होगी।
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तीन संयंत्र के सहारे 26 लाख की आबादी
शहर के सीवर को शोधित करने के लिए तीन बड़े सीवर शोधन संयंत्र लगे हैं। तीनों संयंत्रों की क्षमता काफी कम है। इस कारण अक्सर सीवर ओवरफ्लो की समस्या रहती है। सबसे ज्यादा समस्या जवाहर कॉलोनी, पर्वतिया कॉलोनी, संजय कॉलोनी, सेक्टर-55, एनआईटी व बल्लभगढ़ क्षेत्र की रहती है। घरेलू सीवर करीब 259 एमएलडी पैदा होता है। इसके लिए बादशाहपुर में 45 एमएलडी, प्रतापगढ़ में 50 और मिर्जापुर गांव में 45 एमएलडी का एसटीपी है। इससे अभी करीब 157 एमएलडी पानी शोधित हो रहा है। इसे देखते हुए निगम की ओर से आठ जगहों पर एसटीपी बनाए जाने है। इसकी क्षमता एक से 15 एमएलडी तक रहेगी।
यहां बनेंगे एसटीपी
प्याली चौक 5 एमलएडी
गोल्फ कोर्स रोड 1.5 एमएलडी
सेक्टर-45 2 एमएलडी
सेक्टर-33 15 एमएलडी
एनएचपीसी चौक 1 एमएलडी
टाउन पार्क सेक्टर12 1 एमएलडी
सीही गांव- 1 एमएलडी
झाडसेंतली- 2 एमएलडी
वर्जन
नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड को मिलकर 8 एसटीपी लगाने है। इनमें से तीन लगाए दिए गए है। पांच के लिए जमीन नहीं मिल रही है। इस कारण काम रुका हुआ है। - ओमवीर सिंह, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम
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बारिश और सीवर ओवरफ्लो होने से 50 हजार लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में जमीन न मिलने के कारण माइक्रो एसटीपी लगाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। दो साल में आठ में से केवल तीन सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) ही लग पाए हैं। जिस कारण 50 हजार से अधिक लोगों को सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालत डबुआ कॉलोनी, प्याली चौक, सीही गांव और झाड़सेंतली में बनी हुई है।
स्मार्ट सिटी सीवर ओवरफ्लो और जाम की भारी समस्या है। पुरानी लाइनों की क्षमता कम होने के कारण लोगों को ओवरफ्लो की समस्या से जूझना पड़ रहा है। आये दिन लोग नगर निगम के बाहर प्रदर्शन करते है। पिछले दिनों नंगला रोड भड़ाना चौक पर सीवर मेनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। वहीं, दो साल पहले शहरवासियों को सीवर ओवरफ्लो की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम ने मिलकर आठ अलग-अलग जगहों पर सीवर शोधन संयंत्र लगाने की योजना तैयार की थी। योजना के तहत संयंत्र लगाने का पैसा स्मार्ट सिटी लिमिटेड दे रहा है, जबकि जगह नगर निगम की है। इसके लिए 64 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया। योजना के तहत दो साल में केवल 3 माइक्रो एसटीपी ही लग पाए हैं। पांच के लिए जमीन नहीं मिली है। इस कारण एसटीपी का काम अधर में लटक गया है।
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एसटीपी का पानी पार्कों में होगा इस्तेमाल
माइक्रो एसटीपी से शोधित हाेने वाले पानी को आसपास लगे पार्क, सड़कों पर पानी के छिड़काव आदि के लिए प्रयोग किया जाएगा। नगर निगम प्रशासन के अनुसार ये एसटीपी दो से तीन एमएलडी क्षमता के बनाए जाएंगे। एसटीपी फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लगाकर नगर निगम को देगा। नगर निगम की जिम्मेदारी उसके मेंटिनेंस की होगी।
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तीन संयंत्र के सहारे 26 लाख की आबादी
शहर के सीवर को शोधित करने के लिए तीन बड़े सीवर शोधन संयंत्र लगे हैं। तीनों संयंत्रों की क्षमता काफी कम है। इस कारण अक्सर सीवर ओवरफ्लो की समस्या रहती है। सबसे ज्यादा समस्या जवाहर कॉलोनी, पर्वतिया कॉलोनी, संजय कॉलोनी, सेक्टर-55, एनआईटी व बल्लभगढ़ क्षेत्र की रहती है। घरेलू सीवर करीब 259 एमएलडी पैदा होता है। इसके लिए बादशाहपुर में 45 एमएलडी, प्रतापगढ़ में 50 और मिर्जापुर गांव में 45 एमएलडी का एसटीपी है। इससे अभी करीब 157 एमएलडी पानी शोधित हो रहा है। इसे देखते हुए निगम की ओर से आठ जगहों पर एसटीपी बनाए जाने है। इसकी क्षमता एक से 15 एमएलडी तक रहेगी।
यहां बनेंगे एसटीपी
प्याली चौक 5 एमलएडी
गोल्फ कोर्स रोड 1.5 एमएलडी
सेक्टर-45 2 एमएलडी
सेक्टर-33 15 एमएलडी
एनएचपीसी चौक 1 एमएलडी
टाउन पार्क सेक्टर12 1 एमएलडी
सीही गांव- 1 एमएलडी
झाडसेंतली- 2 एमएलडी
वर्जन
नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड को मिलकर 8 एसटीपी लगाने है। इनमें से तीन लगाए दिए गए है। पांच के लिए जमीन नहीं मिल रही है। इस कारण काम रुका हुआ है। - ओमवीर सिंह, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम