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Faridabad News: हाईवे पर कैमरे लगाने के लिए रात में चल रहा काम

Thu, 03 Sep 2026 10:54 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 10:54 PM IST
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Work is underway at night to install cameras on the highway.
करीब एक किलोमीटर की दूरी पर लगाए जा रहे कैमरे
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अगस्त में ओवरस्पीडिंग के 6,889 चालान कटे

संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। दिल्ली-आगरा हाईवे पर तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों पर अब एआई कैमरों से नजर रखी जाएगी। एनएचएआई ने हाईवे पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) लगाने का काम शुरू कर दिया है।
बुधवार रात को भी कंपनी के कर्मचारी हाईवे के मुजेसर कट पर कैमरे लगाने का काम करते नजर आए। दो माह के अंदर यहां काम पूरा होने की उम्मीद है। फरीदाबाद के एनएचपीसी टोल प्लाजा से आगरा के सिकंदरा चौक तक करीब 180 किलोमीटर लंबे हिस्से में 215 से 285 एआई कैमरे लगाए जा रहे हैं। कैमरों के जरिए वाहनों की गति की स्वचालित निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ऑनलाइन ई-चालान की कार्रवाई की जा सकेगी। हाईवे पर करीब एक किलोमीटर के अंतराल पर कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य पूरे मार्ग पर लगातार निगरानी रखना और किसी भी हिस्से को ब्लाइंड स्पॉट बनने से रोकना है। कैमरे लगाने के लिए जगह-जगह पोल और अन्य आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर से बल्लभगढ़ अनाज मंडी तक कई जगह पोल लगाए भी जा चुके हैं। कैमरों की क्षमता कम से कम 100 मीटर तक होगी।
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एएनपीआर से होगी वाहनों की पहचान

एआई कैमरों में ऑटोमैटिक स्पीड डिटेक्शन की सुविधा होगी। इसके साथ एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे वाहनों की नंबर प्लेट की पहचान कर निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार वाले वाहनों की जानकारी जुटाई जा सकेगी। इसके आधार पर ऑनलाइन ई-चालान जारी करने में मदद मिलेगी। यातायात नियमों के अन्य उल्लंघनों पर भी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा सकेगी।
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हादसे और जाम की भी मिलेगी जानकारी

एटीएमएस के तहत लगाए जा रहे कैमरों से दुर्घटना और जाम की स्थिति की जानकारी भी नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाई जा सकेगी। हादसा होने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के साथ एंबुलेंस और क्रेन भेजने में मदद मिलेगी। दुर्घटना संभावित स्थानों पर भी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी, जिससे आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। कैमरों की रिकॉर्डिंग 180 दिन तक सुरक्षित रखी जाएगी। एनएचएआई ने इस परियोजना को दिसंबर 2026 से पहले पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा है। सिस्टम के सक्रिय होने के बाद हाईवे पर वाहनों की गति की निगरानी, नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान और हादसे-जाम की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।

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6,889 चालान किए गए अगस्त में
57,994 चालान काटे गए हैं जनवरी से अगस्त तक
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