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Faridabad News: घर के पुराने सामान से महिलाएं बना रहीं आकर्षक गमले
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में सेक्टर-21 की महिलाएं नई मिसाल पेश कर रही हैं। अनुपयोगी सामग्री का रचनात्मक इस्तेमाल कर वे गार्डनिंग के लिए आकर्षक और टिकाऊ गमले तैयार कर रही हैं। पुराने प्लास्टिक कंटेनर, बोतलें, टायर और टूटे बर्तनों को सजाकर महिलाएं उन्हें सुंदर गमलों में बदल रही हैं। इससे कचरे की समस्या कम हो रही है और घरों में हरियाली भी बढ़ रही है।
दो महिलाएं मिलकर घर में खराब पुराने सामन से ऐसे गमले तैयार कर रही हैं और उन्हें बेचकर आय अर्जित कर रही हैं। इस पहल से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। महिलाओं की यह रचनात्मक सोच पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में स्वच्छता और पुन: उपयोग की भावना को मजबूत कर रही है।
बेकार समझी जाने वाली चीजों को नया जीवन देकर मैं पर्यावरण की रक्षा भी कर रही हूं और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। - शांति
छोटे-छोटे रचनात्मक प्रयासों से बड़ा बदलाव संभव है, कचरे को संसाधन बनाकर हम हरियाली और स्वच्छता को बढ़ावा दे सकते हैं। - सुष्मिता
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फरीदाबाद। पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में सेक्टर-21 की महिलाएं नई मिसाल पेश कर रही हैं। अनुपयोगी सामग्री का रचनात्मक इस्तेमाल कर वे गार्डनिंग के लिए आकर्षक और टिकाऊ गमले तैयार कर रही हैं। पुराने प्लास्टिक कंटेनर, बोतलें, टायर और टूटे बर्तनों को सजाकर महिलाएं उन्हें सुंदर गमलों में बदल रही हैं। इससे कचरे की समस्या कम हो रही है और घरों में हरियाली भी बढ़ रही है।
दो महिलाएं मिलकर घर में खराब पुराने सामन से ऐसे गमले तैयार कर रही हैं और उन्हें बेचकर आय अर्जित कर रही हैं। इस पहल से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। महिलाओं की यह रचनात्मक सोच पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में स्वच्छता और पुन: उपयोग की भावना को मजबूत कर रही है।
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बेकार समझी जाने वाली चीजों को नया जीवन देकर मैं पर्यावरण की रक्षा भी कर रही हूं और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। - शांति
छोटे-छोटे रचनात्मक प्रयासों से बड़ा बदलाव संभव है, कचरे को संसाधन बनाकर हम हरियाली और स्वच्छता को बढ़ावा दे सकते हैं। - सुष्मिता