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‘जब गांव अवैध था, तो मोटी रकम लेकर कनेक्शन क्यों दिया’

Sat, 26 Jun 2021 11:10 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 26 Jun 2021 11:10 PM IST
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'When the village was illegal, why was the connection given with a hefty amount'
फरीदाबाद। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर अरावली वन क्षेत्र में अवैध रूप से बसे खोरी गांव में तोड़फोड़ कभी भी की जा सकती है। इसके लिए जिला प्रशासन और नगर निगम पूरी तैयारी में हैं। वहीं स्थानीय लोगों में सरकार के खिलाफ भारी रोष है। लोगों का कहना कि जब गांव में बसावट हो रही थी और बिजली-पानी जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही थी। तब प्रशासन और सरकार ने सुध क्यों नहीं ली। अगर गांव अवैध था, तो बिजली अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर कनेक्शन क्यों दिया था। उनकी मांग है कि तोड़फोड़ से पहले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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सुप्रीम कोर्ट सात जून को आदेश जारी कर अरावली के वन क्षेत्र में अवैध रूप से बसाए गए गांव में बने करीब दस हजार मकानों को तोड़ने के आदेश जारी किएं है। नगर निगम के अनुसार कोर्ट ने कार्रवाई के बाद जवाब देने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है। ऐसे में धीरे-धीरे मकानों को तोड़ा जाएगा, क्योंकि एक दिन में इतने अधिक मकानों को तोड़ना संभव नहीं है। तोड़ने से पहले गांव वासियों को घरों को खाली करने के लिए कहा गया है। इसके लिए नगर निगम की ओर से गांव में लगातार मुनादी करवाई जा रही है। कुछ लोग अपने घरों को खाली कर रहे हैं, जबकि अनेक लोग अभी भी अपनी जमीन को छोड़कर जाने को तैयार नहीं है। तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए शुक्रवार को मंडलायुक्त जी अनुपमा और नगर निगम आयुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने गांव का दौरा किया था। इस दौरान गांव की स्थिति के बारे में जाना। कहा जो रहा है कि तोड़फोड़ की कार्रवाई कभी भी शुरू की जा सकती है।
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‘सारी सुविधाएं देकर फिर तोड़ने का आदेश न्यायसंगत नहीं’
गांव खोरी निवासी सपना, दीपाली, प्रियंका ने बताया कि तोड़फोड़ को लेकर लोगों में डर के साथ सरकार के खिलाफ भारी रोष है। लोगों ने कहा कि 40 साल पहले जब कॉलोनी बसी थी, तब सरकार सो रही थी। जो लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवा रही थी। बिजली और पानी की सुविधा दी गई। लोगों का आरोप है कि इसकी एवज में वन विभाग, नगर निगम और बिजली निगम अधिकारियों ने उनसे मोटी रकम वसूली। गांव में ट्रांसफार्मर लगाया गया। नई तारे खींची गई थीं। हजारों खंभे लगाए गए। अब एकाएक सुप्रीम कोर्ट ने गांव को खाली करने के आदेश दे दिए। जो बिल्कुल भी न्याय संगत नहीं है। वहीं खोरी कालोनी के लोगों का कहना है कि सरकार तोड़फोड़ से पहले उनके लिए वैकल्पिक जगह की व्यवस्था करे।
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