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Faridabad News: पशु रोग टीकाकरण अभियान का वीएलडीए कर्मचारियों ने किया बहिष्कार
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ओटीपी, आधार अनिवार्यता और डाटा एंट्री ऑपरेटर न मिलने पर जताया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में पशुपालन विभाग द्वारा सोमवार से शुरू किए गए पशु रोग टीकाकरण अभियान का जिले के सभी वीएलडीए कर्मचारियों ने बहिष्कार कर दिया। जिले की पशु चिकित्सा सेवाएं एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारी पांच नंबर स्थित पशुपालन उपनिदेशक कार्यालय पर एकत्रित हुए और मांगों को लेकर विरोध जताया।
कर्मचारियों ने उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र राठी और संयुक्त निदेशक डॉ. पुनीता पूनिया के समक्ष समस्याएं रखते हुए कहा कि भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार टीकाकरण से 15 दिन पहले पशुओं को पेट के कीड़ों की दवा देना, पशुपालकों से ओटीपी और आधार कार्ड लेना तथा पशुओं की फोटो अपलोड कर डाटा एंट्री करना अनिवार्य किया गया है। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजबेल देशवाल और जिला सचिव सुंदरलाल ने कहा कि विभाग ने इस कार्य के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर उपलब्ध नहीं करवाए हैं।
उनका कहना था कि फील्ड में घर-घर जाकर टीकाकरण करने वाले कर्मचारियों के लिए पशुपालकों से ओटीपी और आधार कार्ड लेना आसान नहीं है और इससे साइबर फ्रॉड का खतरा भी बना रहता है।कर्मचारियों ने मांग की कि ओटीपी और आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त की जाए तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक जिले में टीकाकरण अभियान का बहिष्कार जारी रहेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में पशुपालन विभाग द्वारा सोमवार से शुरू किए गए पशु रोग टीकाकरण अभियान का जिले के सभी वीएलडीए कर्मचारियों ने बहिष्कार कर दिया। जिले की पशु चिकित्सा सेवाएं एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारी पांच नंबर स्थित पशुपालन उपनिदेशक कार्यालय पर एकत्रित हुए और मांगों को लेकर विरोध जताया।
कर्मचारियों ने उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र राठी और संयुक्त निदेशक डॉ. पुनीता पूनिया के समक्ष समस्याएं रखते हुए कहा कि भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार टीकाकरण से 15 दिन पहले पशुओं को पेट के कीड़ों की दवा देना, पशुपालकों से ओटीपी और आधार कार्ड लेना तथा पशुओं की फोटो अपलोड कर डाटा एंट्री करना अनिवार्य किया गया है। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजबेल देशवाल और जिला सचिव सुंदरलाल ने कहा कि विभाग ने इस कार्य के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर उपलब्ध नहीं करवाए हैं।
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उनका कहना था कि फील्ड में घर-घर जाकर टीकाकरण करने वाले कर्मचारियों के लिए पशुपालकों से ओटीपी और आधार कार्ड लेना आसान नहीं है और इससे साइबर फ्रॉड का खतरा भी बना रहता है।कर्मचारियों ने मांग की कि ओटीपी और आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त की जाए तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक जिले में टीकाकरण अभियान का बहिष्कार जारी रहेगा।
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