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ईएमआई कार्ड बनवाने का झांसा देकर करते थे ठगी, तीन गिरफ्तार
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फरीदाबाद। पुलिस ने दिल्ली के तिलक नगर में छापा मारकर फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी बजाज फिनसर्व कंपनी का ईएमआई कार्ड बनवाने का झांसा देते थे। इसके बाद फर्जी लिंक भेजकर और क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर ठगी का शिकार बनाते थे। आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी गौरव, अभिषेक व पवन के रूप में हुई है। सभी एक निजी बैंक में रिकवरी एजेंट का काम करते थे। आरोपियों ने फरीदाबाद समेत देशभर के करीब 86 लोगों को ठगा है। ठगी में 59 मोबाइल का इस्तेमाल किया गया। पुलिस को आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन व 1.45 लाख रुपये बरामद हुए हैं। टीम ने 28 मार्च को फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया था। उसके बाद एक-एक कर आरोपियों को पकड़ा।
डीसीपी हेडक्वार्टर नीतीश अग्रवाल ने बताया कि आजकल लोग महंगी वस्तुओं की खरीदारी का भुगतान मासिक किस्त (ईएमआई) के आधार पर करते हैं। इसके लिए बैंक द्वारा क्रेडिट कार्ड व ईएमआई कार्ड बनाया जाता है। गिरफ्तार सभी आरोपी एक निजी बैंक में रिकवरी एजेंट थे। ऐसे में इनके पास संबंधित बैंक के क्रेडिट कार्ड धारकों के फोन नंबर भी उपलब्ध होते थे। आरोपी क्रेडिट कार्ड धारकों को फोन करके बजाज कंपनी के ईएमआई कार्ड पर उपलब्ध लुभावने ऑफर्स का लालच देते थे। लालच में फंसे लोगों को एक लिंक भेजा जाता था। लिंक के माध्यम से लोगों से क्रेडिट कार्ड का नंबर, एक्सपायरी डेट, सीवीवी कोड, घर का पता, मोबाइल , स्टेटमेंट आदि मंगवा कर क्रेडिट कार्ड में बची हुई लिमिट की जानकारी जुटाते थे और ठगी का शिकार बनाते थे।
खाते में पैसे कर लेते थे ट्रांसफर
आरोपियों ने 99acres.com वेबसाइट पर एक फर्जी अकाउंट बना रखा था। झांसे में लिए गए व्यक्तियों के क्रेडिट कार्ड से उस वेबसाइट पर लेनदेन करते थे। ट्रांजेक्शन को पूरा करने के लिए कार्डधारक को बहला-फुसलाकर ओटीपी की भी जानकारी लेते थे। क्रेडिट कार्ड में बची हुई लिमिट तक का सारा पैसा वेबसाइट के वॉलेट में लेकर उसे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेते थे।
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ऐसे किया गिरोह का पर्दाफाश
डीसीपी नीतीश अग्रवाल के अनुसार आरोपियों ने फरीदाबाद के सेक्टर 7 निवासी कवीश से भी करीब 1.21 लाख की ठगी की थी। पीड़ित ने शिकायत पर साइबर थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की जांच के लिए साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत के नेतृत्व में टीम गठित की गई। एसआई भूपेंद्र ने सबसे पहले 99acres के लीगल हेड से संपर्क कर आरोपियों की ट्रांजेक्शन को फ्रीज करवा दिया। टीम ने 28 मार्च को सबसे पहले दिल्ली के तिलक नगर में चलाए जा रहे फर्जी कॉल सेंटर का पता लगाया।
59 मोबाइल फोन से दिया अंजाम
आरोपी अभिषेक को 28 मार्च को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया था जबकि दो आरोपियों से 16 अप्रैल को गिरफ्तार कर अदालत से चार दिन के रिमांड पर लिया था। पुलिस के अनुसार फर्जी कॉल सेंटर का मालिक आरोपी गौरव है। करीब आठ महीने से साइबर ठगी कर रहा था। अभिषेक फोन करता था व ईएमआई कार्ड बनवाने का लालच देता था। आरोपी पवन उस व्यक्ति को फोन पर फर्जी बजाज कंपनी की वेबसाइट का लिंक भेजता था और कार्डधारक की सारी जानकारी लेता था। ठगी के लिए आरोपियों ने 59 मोबाइल व सिम कार्ड का इस्तेमाल किया। बुधवार को दोनों को जेल भेज दिया गया है जबकि मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी की तलाश की जा रही है।
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डीसीपी हेडक्वार्टर नीतीश अग्रवाल ने बताया कि आजकल लोग महंगी वस्तुओं की खरीदारी का भुगतान मासिक किस्त (ईएमआई) के आधार पर करते हैं। इसके लिए बैंक द्वारा क्रेडिट कार्ड व ईएमआई कार्ड बनाया जाता है। गिरफ्तार सभी आरोपी एक निजी बैंक में रिकवरी एजेंट थे। ऐसे में इनके पास संबंधित बैंक के क्रेडिट कार्ड धारकों के फोन नंबर भी उपलब्ध होते थे। आरोपी क्रेडिट कार्ड धारकों को फोन करके बजाज कंपनी के ईएमआई कार्ड पर उपलब्ध लुभावने ऑफर्स का लालच देते थे। लालच में फंसे लोगों को एक लिंक भेजा जाता था। लिंक के माध्यम से लोगों से क्रेडिट कार्ड का नंबर, एक्सपायरी डेट, सीवीवी कोड, घर का पता, मोबाइल , स्टेटमेंट आदि मंगवा कर क्रेडिट कार्ड में बची हुई लिमिट की जानकारी जुटाते थे और ठगी का शिकार बनाते थे।
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खाते में पैसे कर लेते थे ट्रांसफर
आरोपियों ने 99acres.com वेबसाइट पर एक फर्जी अकाउंट बना रखा था। झांसे में लिए गए व्यक्तियों के क्रेडिट कार्ड से उस वेबसाइट पर लेनदेन करते थे। ट्रांजेक्शन को पूरा करने के लिए कार्डधारक को बहला-फुसलाकर ओटीपी की भी जानकारी लेते थे। क्रेडिट कार्ड में बची हुई लिमिट तक का सारा पैसा वेबसाइट के वॉलेट में लेकर उसे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेते थे।
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ऐसे किया गिरोह का पर्दाफाश
डीसीपी नीतीश अग्रवाल के अनुसार आरोपियों ने फरीदाबाद के सेक्टर 7 निवासी कवीश से भी करीब 1.21 लाख की ठगी की थी। पीड़ित ने शिकायत पर साइबर थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की जांच के लिए साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत के नेतृत्व में टीम गठित की गई। एसआई भूपेंद्र ने सबसे पहले 99acres के लीगल हेड से संपर्क कर आरोपियों की ट्रांजेक्शन को फ्रीज करवा दिया। टीम ने 28 मार्च को सबसे पहले दिल्ली के तिलक नगर में चलाए जा रहे फर्जी कॉल सेंटर का पता लगाया।
59 मोबाइल फोन से दिया अंजाम
आरोपी अभिषेक को 28 मार्च को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया था जबकि दो आरोपियों से 16 अप्रैल को गिरफ्तार कर अदालत से चार दिन के रिमांड पर लिया था। पुलिस के अनुसार फर्जी कॉल सेंटर का मालिक आरोपी गौरव है। करीब आठ महीने से साइबर ठगी कर रहा था। अभिषेक फोन करता था व ईएमआई कार्ड बनवाने का लालच देता था। आरोपी पवन उस व्यक्ति को फोन पर फर्जी बजाज कंपनी की वेबसाइट का लिंक भेजता था और कार्डधारक की सारी जानकारी लेता था। ठगी के लिए आरोपियों ने 59 मोबाइल व सिम कार्ड का इस्तेमाल किया। बुधवार को दोनों को जेल भेज दिया गया है जबकि मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी की तलाश की जा रही है।