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Faridabad News: चालान नहीं होने से प्रतिबंधित प्लास्टिक का प्रयोग बढ़ा
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चालान नहीं होने से प्रतिबंधित प्लास्टिक का प्रयोग बढ़ा -12 जून से नगर निगम का चालान करने का कार्य है बंद
फोटो-तीन फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा पिछले महीने प्रतिबंधित प्लास्टिक, खुले में कूड़ा डालने और बल्क वेस्ट गारबेज समेत अन्य के चालान करने बंद कर दिए थे। इस कारण स्मार्ट सिटी में दुकानदार समेत अन्य लोग प्रतिबंधित प्लास्टिक का प्रयोग बिना डर के धड़ल्ले से कर रहे हैं।कर्मचारियों द्वारा चालान न करने के कारण निगम को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
नगर निगम की टीमें शहर में सफाई को लेकर बल्क वेस्ट गारबेज वालों का नोटिस देने के साथ चालान कर रहीं थीं। निगम कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद तीन जून से यह कार्य रुक गया। इसके बाद नगर निगम के कर्मचारी नेता नरेश शास्त्री ने चालान करने का मामला निगम आयुक्त जितेंद्र यादव के सामने उठाया। उनका कहना था कि कई बार सफाई कर्मचारियों को चालान करने के दौरान विरोध सहना पड़ता है और कभी -कभी मारपीट तक की नौबत भी आ जाती है। ऐसे में चालान नगर निगम के एसआई से कराया जाए, सफाई कर्मचारी इसके लिए उपयुक्त नहीं हैं। इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इससे क्षेत्र में कई प्रकार के चालान कार्य पूरी तरह ठप हैं। बाजारों में प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग बढ़ गया है। पहले बाजारों में दुकानदारों में चालान का भय रहता था लेकिन अब वह इसका खुलकर प्रयोग कर रहे हैं। नगर निगम पिछले साल एक जुलाई से प्रतिबंधित पॉलीथिन प्रयोग करने वालों पर चालान करने के लिए 41 टीमों का गठन किया था।
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पांच माह में 1632 लोगों का चालान
बाजारों और अन्य जगहों पर प्रतिबंधित प्लास्टिक के बढ़ते प्रयोग को देखते हुए निगम ने चालान करने के लिए टीम का गठन किया था। निगम 75 माइक्रोन के साथ 120 माइक्रोन तक के प्लास्टिक प्रयोग करने पर चालान करता है। जनवरी से मई तक 1632 लोगों का चालान किया गया। जनवरी में 423, फरवरी में 216, मार्च में 403, अप्रैल में 247 व मई में 343 लोगों का चालान किया। जून में चालान नहीं हुआ है।
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लोगों से बातचीत
शहर में प्रतिबंधित प्लास्टिक पर रोक नहीं लग पा रही है। दुकानों और रेहड़ी-पटरी वाले अब पहले की तरह प्लास्टिक का प्रयोग कर रहे हैं। इसे रोकने में निगम कारगर साबित नहीं हो पा रहा है। चालान नहीं होने से अब लोगों में जुर्माने का भी भय नहीं है।
-रमेश गुलिया, सामाजिक कार्यकर्ता ग्रेफ
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प्रतिबंधित प्लास्टिक का बीच में कम प्रयोग हुआ था, लेकिन अब दोबारा से प्रयोग बढ़ गया है। नगर निगम को इसे कड़ाई से लागू करना चाहिए। इससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
डॉ. आरएन सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष यमुना रक्षक दल
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चालान करते समय कई बार सफाई कर्मचारियों को परेशानी होती है। इसके लिए नगर निगम को एसआई से चालान कराना चाहिए। इस मामले को आयुक्त के सामने उठाया गया था। सफाईकर्मी इस काम के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
नरेश शास्त्री , प्रदेश अध्यक्ष नगर पालिका कर्मचारी संघ
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कर्मचारियों की मांग पर कुछ समय के लिए चालान करने का काम रुका हुआ है। इसे जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके अलावा निगम और प्रदूषण बोर्ड की एक टीम गठित की गई है, जो प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादन करने वालों पर कार्रवाई करेगी।
-डॉ. प्रभजोत कौर, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम
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फोटो-तीन फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा पिछले महीने प्रतिबंधित प्लास्टिक, खुले में कूड़ा डालने और बल्क वेस्ट गारबेज समेत अन्य के चालान करने बंद कर दिए थे। इस कारण स्मार्ट सिटी में दुकानदार समेत अन्य लोग प्रतिबंधित प्लास्टिक का प्रयोग बिना डर के धड़ल्ले से कर रहे हैं।कर्मचारियों द्वारा चालान न करने के कारण निगम को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
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नगर निगम की टीमें शहर में सफाई को लेकर बल्क वेस्ट गारबेज वालों का नोटिस देने के साथ चालान कर रहीं थीं। निगम कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद तीन जून से यह कार्य रुक गया। इसके बाद नगर निगम के कर्मचारी नेता नरेश शास्त्री ने चालान करने का मामला निगम आयुक्त जितेंद्र यादव के सामने उठाया। उनका कहना था कि कई बार सफाई कर्मचारियों को चालान करने के दौरान विरोध सहना पड़ता है और कभी -कभी मारपीट तक की नौबत भी आ जाती है। ऐसे में चालान नगर निगम के एसआई से कराया जाए, सफाई कर्मचारी इसके लिए उपयुक्त नहीं हैं। इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इससे क्षेत्र में कई प्रकार के चालान कार्य पूरी तरह ठप हैं। बाजारों में प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग बढ़ गया है। पहले बाजारों में दुकानदारों में चालान का भय रहता था लेकिन अब वह इसका खुलकर प्रयोग कर रहे हैं। नगर निगम पिछले साल एक जुलाई से प्रतिबंधित पॉलीथिन प्रयोग करने वालों पर चालान करने के लिए 41 टीमों का गठन किया था।
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पांच माह में 1632 लोगों का चालान
बाजारों और अन्य जगहों पर प्रतिबंधित प्लास्टिक के बढ़ते प्रयोग को देखते हुए निगम ने चालान करने के लिए टीम का गठन किया था। निगम 75 माइक्रोन के साथ 120 माइक्रोन तक के प्लास्टिक प्रयोग करने पर चालान करता है। जनवरी से मई तक 1632 लोगों का चालान किया गया। जनवरी में 423, फरवरी में 216, मार्च में 403, अप्रैल में 247 व मई में 343 लोगों का चालान किया। जून में चालान नहीं हुआ है।
लोगों से बातचीत
शहर में प्रतिबंधित प्लास्टिक पर रोक नहीं लग पा रही है। दुकानों और रेहड़ी-पटरी वाले अब पहले की तरह प्लास्टिक का प्रयोग कर रहे हैं। इसे रोकने में निगम कारगर साबित नहीं हो पा रहा है। चालान नहीं होने से अब लोगों में जुर्माने का भी भय नहीं है।
-रमेश गुलिया, सामाजिक कार्यकर्ता ग्रेफ
प्रतिबंधित प्लास्टिक का बीच में कम प्रयोग हुआ था, लेकिन अब दोबारा से प्रयोग बढ़ गया है। नगर निगम को इसे कड़ाई से लागू करना चाहिए। इससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
डॉ. आरएन सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष यमुना रक्षक दल
चालान करते समय कई बार सफाई कर्मचारियों को परेशानी होती है। इसके लिए नगर निगम को एसआई से चालान कराना चाहिए। इस मामले को आयुक्त के सामने उठाया गया था। सफाईकर्मी इस काम के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
नरेश शास्त्री , प्रदेश अध्यक्ष नगर पालिका कर्मचारी संघ
कर्मचारियों की मांग पर कुछ समय के लिए चालान करने का काम रुका हुआ है। इसे जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके अलावा निगम और प्रदूषण बोर्ड की एक टीम गठित की गई है, जो प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादन करने वालों पर कार्रवाई करेगी।
-डॉ. प्रभजोत कौर, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम