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Faridabad News: नीमका जेल में विचाराधीन कैदी ने फंदा लगाकर दी जान
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चोर को पीट-पीटकर मारने का था आरोपी, बेल रद्द होने के बाद से था हताश
कुल सात आरोपियों को सदर थाना पुलिस ने किया था गिरफ्तार, एक को मिल चुकी है जमानत
अमर उजाला ब्यूरो
बल्लभगढ़। चोरी के आरोप में पकड़े गए युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में जेल में बंद विचाराधीन कैदी ने बल्लभगढ़ की नीमका जेल में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक की शिनाख्त प्रमोद कुमार (38) के रूप में हुई है। सदर थाना पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
पिछले करीब साढ़े तीन माह से प्रमोद हत्या के आरोप में जेल में बंद था। 28 अक्तूबर को अदालत में उसकी जमानत की अर्जी भी लगाई गई थी, जिसको कोर्ट ने रद्द कर दिया था। इसके बाद से प्रमोद काफी हताश था। पुलिस आशंका जता रही है कि इसी वजह से उसने मौत को गले लगा लिया। मामले की जांच जारी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम परिजनों को सौंप दिया है। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम ने जेल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं। प्रमोद के बाकी साथियों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से भरतपुर, राजस्थान का रहने वाला प्रमोद अपने परिवार के साथ रोशन कॉलोनी, असावटी, पलवल में रहता था। इसके परिवार में पत्नी रीना के अलावा चार बेटियां, एक बेटा, मां मीरी कुमार व तीन भाई हैं। प्रमोद रेलवे में ट्रैक मैन की नौकरी करता था। 17 जुलाई 2024 को चार युवक चोरी के इरादे से काॅलोनी के मकान में घुस गए। लोगों ने एक युवक पीयूष को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी जिससे उसकी मौत हो गई। इसमें प्रमोद का भी नाम सामने आया। पुलिस ने 18 जुलाई को पीयूष की हत्या के मामले में हत्या, भीड़ द्वारा हमला करने की धारा जोड़कर प्रमोद व छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तभी से वह जेल में बंद था। परिजन उसे बेगुनाह बताते थे।
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शनिवार शाम प्रमोद की जेल से फोन पर पत्नी रीना के अलावा भाई राम विनोद से बात हुई थी। प्रमोद ने बताया था कि उसे अलग कमरे में बंद किया गया है। इस बीच शनिवार देर रात करीब तीन बजे परिवार को जेल से कॉल आई और उन्हें जेल बुलाया। वहां पहुंचने पर प्रमोद की आत्महत्या करने की बात पता चली। परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन व बाकी कैदी प्रमोद को परेशान कर रहे थे। उसकी मौत पर परिवार ने संदेह जताया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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परिवार के लोग प्रमोद को बता रहे बेकसूर
प्रमोद के भाई राम विनोद का आरोप है कि जिस दिन वारदात हुई, उस दिन प्रमोद घटना स्थल से काफी दूर था। चोर को पीटा गया तो वह उसको देखने जरूर गया था, लेकिन उसकी पिटाई में प्रमोद का कोई हाथ था। पुलिस ने हत्या के दो दिन बाद जांच-पड़ताल के दौरान प्रमोद का पकड़ा था। परिवार का आरोप है कि प्रमोद के खिलाफ पुलिस के पास कोई सबूत नहीं है। पिटाई का जो वीडियो भी मौजूद है, उसमें प्रमोद नहीं दिख रहा। जमानत के लिए लगाई गई अर्जी में इसका जिक्र किया गया था, लेकिन अदालत ने किसी वजह से उसकी बेल को रद्द कर दिया। परिवार ऊंची अदालत में उसकी जमानत अर्जी की तैयारी कर रहा था।
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जेल में बंद बाकी आरोपी धमका रहे थे
परिवार का आरोप है कि पीयूष की हत्या के मामले में बंद बाकी आरोपी प्रमोद को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। शनिवार को जब उसने कॉल की थी तो उसने भाई रामा विनोद को यह बात बताई थी। जेल प्रशासन को जब इसका पता चला तो उन्होंने प्रमोद को अलग सेल में बंद कर दिया था। परिवार ने प्रमोद के साथ कुछ अनहोनी की आशंका जताई है। प्रमोद की मौत के बाद से उसके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी रीना को यह चिंता सताए जा रही है कि अब उसके बच्चों का क्या होगा। परिवार में चार बेटियां व एक छोटा बेटा है। प्रमोद के भाई ने मामले की जांच कराने की मांग की है।
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कुल सात आरोपियों को सदर थाना पुलिस ने किया था गिरफ्तार, एक को मिल चुकी है जमानत
अमर उजाला ब्यूरो
बल्लभगढ़। चोरी के आरोप में पकड़े गए युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में जेल में बंद विचाराधीन कैदी ने बल्लभगढ़ की नीमका जेल में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक की शिनाख्त प्रमोद कुमार (38) के रूप में हुई है। सदर थाना पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
पिछले करीब साढ़े तीन माह से प्रमोद हत्या के आरोप में जेल में बंद था। 28 अक्तूबर को अदालत में उसकी जमानत की अर्जी भी लगाई गई थी, जिसको कोर्ट ने रद्द कर दिया था। इसके बाद से प्रमोद काफी हताश था। पुलिस आशंका जता रही है कि इसी वजह से उसने मौत को गले लगा लिया। मामले की जांच जारी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम परिजनों को सौंप दिया है। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम ने जेल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं। प्रमोद के बाकी साथियों से भी पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस के मुताबिक मूलरूप से भरतपुर, राजस्थान का रहने वाला प्रमोद अपने परिवार के साथ रोशन कॉलोनी, असावटी, पलवल में रहता था। इसके परिवार में पत्नी रीना के अलावा चार बेटियां, एक बेटा, मां मीरी कुमार व तीन भाई हैं। प्रमोद रेलवे में ट्रैक मैन की नौकरी करता था। 17 जुलाई 2024 को चार युवक चोरी के इरादे से काॅलोनी के मकान में घुस गए। लोगों ने एक युवक पीयूष को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी जिससे उसकी मौत हो गई। इसमें प्रमोद का भी नाम सामने आया। पुलिस ने 18 जुलाई को पीयूष की हत्या के मामले में हत्या, भीड़ द्वारा हमला करने की धारा जोड़कर प्रमोद व छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तभी से वह जेल में बंद था। परिजन उसे बेगुनाह बताते थे।
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शनिवार शाम प्रमोद की जेल से फोन पर पत्नी रीना के अलावा भाई राम विनोद से बात हुई थी। प्रमोद ने बताया था कि उसे अलग कमरे में बंद किया गया है। इस बीच शनिवार देर रात करीब तीन बजे परिवार को जेल से कॉल आई और उन्हें जेल बुलाया। वहां पहुंचने पर प्रमोद की आत्महत्या करने की बात पता चली। परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन व बाकी कैदी प्रमोद को परेशान कर रहे थे। उसकी मौत पर परिवार ने संदेह जताया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार के लोग प्रमोद को बता रहे बेकसूर
प्रमोद के भाई राम विनोद का आरोप है कि जिस दिन वारदात हुई, उस दिन प्रमोद घटना स्थल से काफी दूर था। चोर को पीटा गया तो वह उसको देखने जरूर गया था, लेकिन उसकी पिटाई में प्रमोद का कोई हाथ था। पुलिस ने हत्या के दो दिन बाद जांच-पड़ताल के दौरान प्रमोद का पकड़ा था। परिवार का आरोप है कि प्रमोद के खिलाफ पुलिस के पास कोई सबूत नहीं है। पिटाई का जो वीडियो भी मौजूद है, उसमें प्रमोद नहीं दिख रहा। जमानत के लिए लगाई गई अर्जी में इसका जिक्र किया गया था, लेकिन अदालत ने किसी वजह से उसकी बेल को रद्द कर दिया। परिवार ऊंची अदालत में उसकी जमानत अर्जी की तैयारी कर रहा था।
जेल में बंद बाकी आरोपी धमका रहे थे
परिवार का आरोप है कि पीयूष की हत्या के मामले में बंद बाकी आरोपी प्रमोद को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। शनिवार को जब उसने कॉल की थी तो उसने भाई रामा विनोद को यह बात बताई थी। जेल प्रशासन को जब इसका पता चला तो उन्होंने प्रमोद को अलग सेल में बंद कर दिया था। परिवार ने प्रमोद के साथ कुछ अनहोनी की आशंका जताई है। प्रमोद की मौत के बाद से उसके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी रीना को यह चिंता सताए जा रही है कि अब उसके बच्चों का क्या होगा। परिवार में चार बेटियां व एक छोटा बेटा है। प्रमोद के भाई ने मामले की जांच कराने की मांग की है।