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Faridabad News: किताबें और वर्दी अवैध रूप से बेचने के मामले में दो दुकानें सील
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कार्रवाई में शिक्षा विभाग के साथ बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी भी शामिल रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। स्कूलों के नाम छपी किताबें और वर्दी अवैध रूप से बेचने के मामले में शिक्षा विभाग ने दो दुकान संचालकों पर कार्रवाई की है। बुधवार को विभाग की टीम ने इन दो दुकानों को सील कर दिया है।
निदेशालय के आदेश के बाद भी विद्यालयों की मनमानी जारी है। इस कार्रवाई में बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी भी शामिल रहे। बता दें कि विभागों की ओर से दो विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान यह कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान दोनों विद्यालयों से उनके दस्तावेज मांगे गए, जिनको जमा करने के लिए विद्यालयों ने शाम तक का समय मांगा था। बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई को दो तीन दिन से 60 फिट रोड स्थित श्री राम मॉडर्न पब्लिक स्कूल और संजय एंक्लेव स्थित केपी पब्लिक स्कूल की शिकायत आ रही थी। इसके चलते उन्होंने विद्यालयों का निरीक्षण करने का फैसला किया। इसके बाद बाल कल्याण समिति से सुनील यादव और जिला बाल संरक्षण इकाई से प्रवीन और रचना के साथ जिला शिक्षा विभाग से केशव दत्त की टीम ने विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान विभागों की ओर से विद्यालयों से उनके दस्तावेज मांगे गए, जिसको लेकर श्रीराम स्कूल की ओर से दस्तावेज विभाग को सौंप दिए गए हैं। वहीं, केपी पब्लिक स्कूल की ओर से शाम तक दस्तावेज देने की मोहलत मांगी है। निरीक्षण के बाद विभाग की ओर से विद्यालय के बाहर चल रहीं दुकानों का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान पाया गया कि श्रीराम स्कूल और केपी पब्लिक स्कूल के पास वाली दुकानों पर विद्यालय के नाम कॉपी और किताबें बेची जा रही थीं। इसके बाद विभाग की ओर से कार्रवाई करते हुए श्रीराम स्कूल के पास वाली एक दुकान और केपी पब्लिक स्कूल के पास एक दुकान को सील कर दिया।
विद्यालय संचालकों से बातचीत
विद्यालय के बाहर मौजूद दुकानों से विद्यालय का कोई संबंध नहीं है। विद्यालय की ओर से शिक्षा विभाग की गाइडलाइन के अनुसार आठ से नौ फीसदी फीस की वृद्धि की गई है। इसके अलावा विद्यालय की ओर से 12वीं कक्षा की सालाना फीस में चार हजार और एक से आठवीं कक्षाओं में दो हजार रुपये कम किए गए हैं, जिससे अब अभिभावकों को कोई परेशानी नही होगी। बुधवार को हुई जांच के बाद विभाग की ओर से मांगे गए दस्तावेज विभाग को दे दिए गए हैं। - विक्रम सिंह राठौर, प्रबंधक, श्रीराम मॉडर्न पब्लिक स्कूल
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अभिभावकों से बातचीत
शिक्षा विभाग की ओर से खानापूर्ति की जा रही है। विभाग को सीबीएसई के छोटे स्कूलों की बजाय सभी बड़े स्कूलों की जांच करनी चाहिए। इसके साथ ही विभाग की टीम स्कूलों में जाकर बच्चों के बैग के वजन की जांच करे और बैग में रखी किताबों की भी जांच करें। - परमेश्वरी कासवान, अभिभावक
विभाग की ओर से विद्यालयों में यह भी जांच की जाए कि सीबीएसई के स्कूल संचालकों ने फाॅर्म 6 भरा है। अगर नहीं भरा गया है तो विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। - ओपी शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा अभिभावक एकता मंच
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वर्जन
जिला बाल संरक्षण इकाई को मिली शिकायत के आधार पर स्कूलों का निरीक्षण करने का फैसला लिया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों के पास दो दुकानें मिलीं, जिनके पास विद्यालय से संबंधित कॉपी, किताबें पाई गईं। इस कारण दुकानों को सील कर दिया गया है। - अजीत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। स्कूलों के नाम छपी किताबें और वर्दी अवैध रूप से बेचने के मामले में शिक्षा विभाग ने दो दुकान संचालकों पर कार्रवाई की है। बुधवार को विभाग की टीम ने इन दो दुकानों को सील कर दिया है।
निदेशालय के आदेश के बाद भी विद्यालयों की मनमानी जारी है। इस कार्रवाई में बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी भी शामिल रहे। बता दें कि विभागों की ओर से दो विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान यह कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान दोनों विद्यालयों से उनके दस्तावेज मांगे गए, जिनको जमा करने के लिए विद्यालयों ने शाम तक का समय मांगा था। बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई को दो तीन दिन से 60 फिट रोड स्थित श्री राम मॉडर्न पब्लिक स्कूल और संजय एंक्लेव स्थित केपी पब्लिक स्कूल की शिकायत आ रही थी। इसके चलते उन्होंने विद्यालयों का निरीक्षण करने का फैसला किया। इसके बाद बाल कल्याण समिति से सुनील यादव और जिला बाल संरक्षण इकाई से प्रवीन और रचना के साथ जिला शिक्षा विभाग से केशव दत्त की टीम ने विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान विभागों की ओर से विद्यालयों से उनके दस्तावेज मांगे गए, जिसको लेकर श्रीराम स्कूल की ओर से दस्तावेज विभाग को सौंप दिए गए हैं। वहीं, केपी पब्लिक स्कूल की ओर से शाम तक दस्तावेज देने की मोहलत मांगी है। निरीक्षण के बाद विभाग की ओर से विद्यालय के बाहर चल रहीं दुकानों का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान पाया गया कि श्रीराम स्कूल और केपी पब्लिक स्कूल के पास वाली दुकानों पर विद्यालय के नाम कॉपी और किताबें बेची जा रही थीं। इसके बाद विभाग की ओर से कार्रवाई करते हुए श्रीराम स्कूल के पास वाली एक दुकान और केपी पब्लिक स्कूल के पास एक दुकान को सील कर दिया।
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विद्यालय संचालकों से बातचीत
विद्यालय के बाहर मौजूद दुकानों से विद्यालय का कोई संबंध नहीं है। विद्यालय की ओर से शिक्षा विभाग की गाइडलाइन के अनुसार आठ से नौ फीसदी फीस की वृद्धि की गई है। इसके अलावा विद्यालय की ओर से 12वीं कक्षा की सालाना फीस में चार हजार और एक से आठवीं कक्षाओं में दो हजार रुपये कम किए गए हैं, जिससे अब अभिभावकों को कोई परेशानी नही होगी। बुधवार को हुई जांच के बाद विभाग की ओर से मांगे गए दस्तावेज विभाग को दे दिए गए हैं। - विक्रम सिंह राठौर, प्रबंधक, श्रीराम मॉडर्न पब्लिक स्कूल
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अभिभावकों से बातचीत
शिक्षा विभाग की ओर से खानापूर्ति की जा रही है। विभाग को सीबीएसई के छोटे स्कूलों की बजाय सभी बड़े स्कूलों की जांच करनी चाहिए। इसके साथ ही विभाग की टीम स्कूलों में जाकर बच्चों के बैग के वजन की जांच करे और बैग में रखी किताबों की भी जांच करें। - परमेश्वरी कासवान, अभिभावक
विभाग की ओर से विद्यालयों में यह भी जांच की जाए कि सीबीएसई के स्कूल संचालकों ने फाॅर्म 6 भरा है। अगर नहीं भरा गया है तो विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। - ओपी शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा अभिभावक एकता मंच
वर्जन
जिला बाल संरक्षण इकाई को मिली शिकायत के आधार पर स्कूलों का निरीक्षण करने का फैसला लिया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों के पास दो दुकानें मिलीं, जिनके पास विद्यालय से संबंधित कॉपी, किताबें पाई गईं। इस कारण दुकानों को सील कर दिया गया है। - अजीत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी