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Faridabad News: जासूसी में एक महिला समेत दो और गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत में
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मीरा के मोबाइल से मिले संवेदनशील इलाकों के सैकड़ों वीडियो, बाकी ने डिलीट किया डेटा
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद/फरीदाबाद। देश के खिलाफ जासूसी मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में मथुरा के सदर बाजार स्थित औरंगाबाद की रहने वाली मीरा ठाकुर और फरीदाबाद के तिगांव के नचौली गांव में रह रहा बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित हरचंदा गांव निवासी नौशाद अली शामिल है। मीरा शुरुआत से खुद को मुंबई पुलिस का मुखबिर बता रही थी। इनके अलावा एक नाबालिग लड़के को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। तीनों ने पूछताछ में दिल्ली व हरियाणा क्षेत्र में रेकी करने और फोटो-लोकेशन भेजने की बात स्वीकार की है। मीरा ठाकुर के मोबाइल फोन से संवेदनशील इलाकों की कई वीडियो भी मिले हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजकरन नैय्यर ने बताया कि 13 मार्च को देश की जासूसी करने वाले गिरोह के पकड़े जाने पर पूछताछ में मीरा ठाकुर और नौशाद अली का नाम सामने आया था। मीरा ठाकुर ने पूछताछ में एसआईटी को बताया कि वह सुहेल और नौशाद पहले से दोस्त थे। नौशाद से उसकी जान-पहचान फेसबुक के जरिए हुई थी। इसके बाद वह भी ग्रुप में जुड़ गई। एडिशनल सीपी ने बताया कि आरोपी मीरा को वर्ष 2025 में महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने असलहा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। वहीं नौशाद ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आरोपियों से जुड़ा था। पाकिस्तानी व्यक्ति सरदार उर्फ सरफराज से भी सीधे संपर्क में था। कई बार उससे बातचीत भी हुई थी। इस दौरान उसने दिल्ली व अन्य राज्यों में सुरक्षा बल ठिकाने व रेलवे स्टेशनों की रेकी की। उनके फोटो-वीडियो और जीपीएस लोकेशन भी विदेशी नंबर पर सरदार को भेजी थी। पुलिस के अनुसार वर्तमान में नौशाद को सरदार ने अलग-अलग काम सौंपे थे। इनमें कम उम्र के लड़कों को जाल में फंसाना मुख्य था। लड़के ऐसे ढूंढे जाने थे जो मोबाइल फोन व कंप्यूटर मैकेनिक और सीसीटीवी कैमरा ऑपरेटर हों। सबसे जरूरी सभी लड़के आर्थिक रूप से कमजोर होने थे। साथ ही ऐसे युवाओं को साथ लाना था जिनका आपराधिक इतिहास न हो। साथ ही हिंदू युवकों व महिलाओं को ग्रुप में जोड़ना था ताकि किसी को शक न हो। वहीं हिरासत में लिया गया नाबालिग आरोपी रेकी के लिए दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन भेजा गया था। कैमरा लगाने के दौरान भी आरोपी साथ में था।
मीरा के मोबाइल फोन में वीडियो, बाकी डाटा डिलीट
पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। सूत्रों के अनुसार मीरा के मोबाइल फोन से सैकड़ों वीडियो व फोटो मिले हैं। यह सभी देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित तमाम सैन्य व सुरक्षाबल ठिकानों, प्रमुख प्रतिष्ठान, सरकारी केंद्र, धार्मिक स्थल व अन्य स्थानों के थे। वहीं जब नौशाद और नाबालिग के मोबाइल फोन से डाटा डिलीट मिला है। इसे रिकवर करने के लिए फॉरेंसिक टीम व एएनआई की तकनीकि टीम काम कर रही है। अंदेशा जताया जा रहा है कि सुहेल गैंग की गिरफ्तारी का पता चलते ही आरोपियों ने बचाव के लिए मोबाइल फोन से डाटा किया होगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद/फरीदाबाद। देश के खिलाफ जासूसी मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में मथुरा के सदर बाजार स्थित औरंगाबाद की रहने वाली मीरा ठाकुर और फरीदाबाद के तिगांव के नचौली गांव में रह रहा बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित हरचंदा गांव निवासी नौशाद अली शामिल है। मीरा शुरुआत से खुद को मुंबई पुलिस का मुखबिर बता रही थी। इनके अलावा एक नाबालिग लड़के को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। तीनों ने पूछताछ में दिल्ली व हरियाणा क्षेत्र में रेकी करने और फोटो-लोकेशन भेजने की बात स्वीकार की है। मीरा ठाकुर के मोबाइल फोन से संवेदनशील इलाकों की कई वीडियो भी मिले हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजकरन नैय्यर ने बताया कि 13 मार्च को देश की जासूसी करने वाले गिरोह के पकड़े जाने पर पूछताछ में मीरा ठाकुर और नौशाद अली का नाम सामने आया था। मीरा ठाकुर ने पूछताछ में एसआईटी को बताया कि वह सुहेल और नौशाद पहले से दोस्त थे। नौशाद से उसकी जान-पहचान फेसबुक के जरिए हुई थी। इसके बाद वह भी ग्रुप में जुड़ गई। एडिशनल सीपी ने बताया कि आरोपी मीरा को वर्ष 2025 में महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने असलहा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। वहीं नौशाद ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आरोपियों से जुड़ा था। पाकिस्तानी व्यक्ति सरदार उर्फ सरफराज से भी सीधे संपर्क में था। कई बार उससे बातचीत भी हुई थी। इस दौरान उसने दिल्ली व अन्य राज्यों में सुरक्षा बल ठिकाने व रेलवे स्टेशनों की रेकी की। उनके फोटो-वीडियो और जीपीएस लोकेशन भी विदेशी नंबर पर सरदार को भेजी थी। पुलिस के अनुसार वर्तमान में नौशाद को सरदार ने अलग-अलग काम सौंपे थे। इनमें कम उम्र के लड़कों को जाल में फंसाना मुख्य था। लड़के ऐसे ढूंढे जाने थे जो मोबाइल फोन व कंप्यूटर मैकेनिक और सीसीटीवी कैमरा ऑपरेटर हों। सबसे जरूरी सभी लड़के आर्थिक रूप से कमजोर होने थे। साथ ही ऐसे युवाओं को साथ लाना था जिनका आपराधिक इतिहास न हो। साथ ही हिंदू युवकों व महिलाओं को ग्रुप में जोड़ना था ताकि किसी को शक न हो। वहीं हिरासत में लिया गया नाबालिग आरोपी रेकी के लिए दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन भेजा गया था। कैमरा लगाने के दौरान भी आरोपी साथ में था।
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मीरा के मोबाइल फोन में वीडियो, बाकी डाटा डिलीट
पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। सूत्रों के अनुसार मीरा के मोबाइल फोन से सैकड़ों वीडियो व फोटो मिले हैं। यह सभी देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित तमाम सैन्य व सुरक्षाबल ठिकानों, प्रमुख प्रतिष्ठान, सरकारी केंद्र, धार्मिक स्थल व अन्य स्थानों के थे। वहीं जब नौशाद और नाबालिग के मोबाइल फोन से डाटा डिलीट मिला है। इसे रिकवर करने के लिए फॉरेंसिक टीम व एएनआई की तकनीकि टीम काम कर रही है। अंदेशा जताया जा रहा है कि सुहेल गैंग की गिरफ्तारी का पता चलते ही आरोपियों ने बचाव के लिए मोबाइल फोन से डाटा किया होगा।
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