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Faridabad News: ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से थमा औद्योगिक शहर का पहिया
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दिल्ली बॉर्डर बंद होने से हाईवे पर फंसे हजारों ट्रक, कारोबार हुआ प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली बॉर्डर बंद होने और ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का असर जिले में साफ दिखाई दिया। राष्ट्रीय राजधानी से सटे औद्योगिक जिले में सुबह से ही हाईवे, बाईपास रोड और मंडियों का माहौल बदला-बदला नजर आया। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सराय टोल प्लाजा के पास ट्रांसपोर्टरों ने प्रदर्शन किया। डबुआ और बल्लभगढ़ सब्जी मंडियों में सामान्य दिनों से कहीं अधिक भीड़ उमड़ी।
दिल्ली से सटे होने के कारण फरीदाबाद की अर्थव्यवस्था रोजाना होने वाली माल ढुलाई पर काफी हद तक निर्भर है। जिले से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के लिए औद्योगिक सामान, फल-सब्जियां और निर्माण सामग्री लेकर निकलते हैं। ऐसे में करीब 25 हजार ट्रकों को प्रवेश नहीं मिलने का असर स्थानीय कारोबार और आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ा।
हाईवे किनारे ढाबों, पेट्रोल पंपों और सर्विस स्टेशनों पर भी दिनभर ट्रक चालकों की भीड़ रही। कुछ चालकों ने बताया कि उन्हें समय पर डिलीवरी नहीं होने पर आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है। दूसरी ओर स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का कहना है कि बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
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मंडियों में बढ़ी ट्रकों की आवक, सब्जियों के दाम में हल्की नरमी
दिल्ली नहीं पहुंच पाने वाले फल और सब्जियों से भरे ट्रकों का रुख फरीदाबाद की मंडियों की ओर हो गया। डबुआ और बल्लभगढ़ मंडियों में सुबह से ही असामान्य चहल-पहल रही। व्यापारियों के मुताबिक सामान्य दिनों में करीब 500 ट्रक मंडियों में पहुंचते हैं लेकिन शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर करीब 700 तक पहुंच गई। मंडियों में जगह कम पड़ने लगी और कई ट्रकों को सड़क किनारे खड़ा करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति राहत और परेशानी दोनों लेकर आई। एक ओर हरी सब्जियों के दामों में मामूली नरमी देखने को मिली वहीं दूसरी ओर मंडियों में भीड़ बढ़ने से खरीदारी प्रभावित रही। टमाटर, खीरा, लौकी, भिंडी और हरी मिर्च जैसी जल्दी खराब होने वाली सब्जियां सामान्य से कुछ कम कीमतों पर बिकीं। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो सप्लाई चेन और अधिक प्रभावित हो सकती है, जिससे बाद में कीमतें फिर बढ़ सकती हैं।
औद्योगिक इकाइयों पर भी दिखने लगा असर
फरीदाबाद हरियाणा का बड़ा औद्योगिक केंद्र माना जाता है जहां हजारों छोटी-बड़ी फैक्टरियां ऑटो पार्ट्स, मशीनरी, इलेक्ट्रिकल उपकरण और निर्माण सामग्री तैयार करती हैं। इनमें से बड़ी संख्या में इकाइयां कच्चे माल और तैयार सामान की ढुलाई के लिए ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पर निर्भर हैं। उद्योग संचालकों का कहना है कि हड़ताल लंबी खिंचने पर उत्पादन और सप्लाई दोनों प्रभावित हो सकते हैं। कई फैक्टरियों में बाहर भेजा जाने वाला माल गोदामों में ही अटक गया।
जिले के लोगों के बीच दिनभर यही चर्चा रही कि यदि हड़ताल अगले कुछ दिनों तक जारी रही तो दूध, फल-सब्जियों और रोजमर्रा के अन्य सामान की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है। खासतौर पर दिल्ली पर निर्भर व्यापारियों और थोक बाजारों में चिंता बढ़ने लगी है।
ऑल फरीदाबाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान सुरेश शर्मा ने कहा कि मांगों पर अभी सहमति नहीं बनी है और समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं मंडी व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति संभली हुई है लेकिन हड़ताल लंबी चली तो जिले की सप्लाई व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।
हड़ताल के चलते कारोबार पर असर पड़ रहा है। बड़े वाहनों के न चलने के कारण माल मंगाने व भेजने में परेशानी हो रही है।- दिगंबर सिंह, उद्योगपति
अगर हड़ताल लंबी चली तो मंडी में काम प्रभावित होगा। अभी स्थिति खराब नहीं हुई है।- रणवीर सिंह
अभी हम लोग पहले से ही कई तरह की समस्या से जूझ रहे हैं। अभी आम लोगों को राहत देने की जरूरत है। इसपर ध्यान दिया जाना चाहिए।- गणेश यादव, सेक्टर-37
गैस व पेट्रोल ने पहले ही कमर तोड़ रखी है। अब अगर किसी भी स्थिति में बदलाव होता है तो परेशानी और बढ़ जाएगी।- दुष्यंत, तिगांव
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली बॉर्डर बंद होने और ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का असर जिले में साफ दिखाई दिया। राष्ट्रीय राजधानी से सटे औद्योगिक जिले में सुबह से ही हाईवे, बाईपास रोड और मंडियों का माहौल बदला-बदला नजर आया। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सराय टोल प्लाजा के पास ट्रांसपोर्टरों ने प्रदर्शन किया। डबुआ और बल्लभगढ़ सब्जी मंडियों में सामान्य दिनों से कहीं अधिक भीड़ उमड़ी।
दिल्ली से सटे होने के कारण फरीदाबाद की अर्थव्यवस्था रोजाना होने वाली माल ढुलाई पर काफी हद तक निर्भर है। जिले से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के लिए औद्योगिक सामान, फल-सब्जियां और निर्माण सामग्री लेकर निकलते हैं। ऐसे में करीब 25 हजार ट्रकों को प्रवेश नहीं मिलने का असर स्थानीय कारोबार और आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ा।
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हाईवे किनारे ढाबों, पेट्रोल पंपों और सर्विस स्टेशनों पर भी दिनभर ट्रक चालकों की भीड़ रही। कुछ चालकों ने बताया कि उन्हें समय पर डिलीवरी नहीं होने पर आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है। दूसरी ओर स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का कहना है कि बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
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मंडियों में बढ़ी ट्रकों की आवक, सब्जियों के दाम में हल्की नरमी
दिल्ली नहीं पहुंच पाने वाले फल और सब्जियों से भरे ट्रकों का रुख फरीदाबाद की मंडियों की ओर हो गया। डबुआ और बल्लभगढ़ मंडियों में सुबह से ही असामान्य चहल-पहल रही। व्यापारियों के मुताबिक सामान्य दिनों में करीब 500 ट्रक मंडियों में पहुंचते हैं लेकिन शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर करीब 700 तक पहुंच गई। मंडियों में जगह कम पड़ने लगी और कई ट्रकों को सड़क किनारे खड़ा करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति राहत और परेशानी दोनों लेकर आई। एक ओर हरी सब्जियों के दामों में मामूली नरमी देखने को मिली वहीं दूसरी ओर मंडियों में भीड़ बढ़ने से खरीदारी प्रभावित रही। टमाटर, खीरा, लौकी, भिंडी और हरी मिर्च जैसी जल्दी खराब होने वाली सब्जियां सामान्य से कुछ कम कीमतों पर बिकीं। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो सप्लाई चेन और अधिक प्रभावित हो सकती है, जिससे बाद में कीमतें फिर बढ़ सकती हैं।
औद्योगिक इकाइयों पर भी दिखने लगा असर
फरीदाबाद हरियाणा का बड़ा औद्योगिक केंद्र माना जाता है जहां हजारों छोटी-बड़ी फैक्टरियां ऑटो पार्ट्स, मशीनरी, इलेक्ट्रिकल उपकरण और निर्माण सामग्री तैयार करती हैं। इनमें से बड़ी संख्या में इकाइयां कच्चे माल और तैयार सामान की ढुलाई के लिए ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पर निर्भर हैं। उद्योग संचालकों का कहना है कि हड़ताल लंबी खिंचने पर उत्पादन और सप्लाई दोनों प्रभावित हो सकते हैं। कई फैक्टरियों में बाहर भेजा जाने वाला माल गोदामों में ही अटक गया।
जिले के लोगों के बीच दिनभर यही चर्चा रही कि यदि हड़ताल अगले कुछ दिनों तक जारी रही तो दूध, फल-सब्जियों और रोजमर्रा के अन्य सामान की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है। खासतौर पर दिल्ली पर निर्भर व्यापारियों और थोक बाजारों में चिंता बढ़ने लगी है।
ऑल फरीदाबाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान सुरेश शर्मा ने कहा कि मांगों पर अभी सहमति नहीं बनी है और समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं मंडी व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति संभली हुई है लेकिन हड़ताल लंबी चली तो जिले की सप्लाई व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।
हड़ताल के चलते कारोबार पर असर पड़ रहा है। बड़े वाहनों के न चलने के कारण माल मंगाने व भेजने में परेशानी हो रही है।- दिगंबर सिंह, उद्योगपति
अगर हड़ताल लंबी चली तो मंडी में काम प्रभावित होगा। अभी स्थिति खराब नहीं हुई है।- रणवीर सिंह
अभी हम लोग पहले से ही कई तरह की समस्या से जूझ रहे हैं। अभी आम लोगों को राहत देने की जरूरत है। इसपर ध्यान दिया जाना चाहिए।- गणेश यादव, सेक्टर-37
गैस व पेट्रोल ने पहले ही कमर तोड़ रखी है। अब अगर किसी भी स्थिति में बदलाव होता है तो परेशानी और बढ़ जाएगी।- दुष्यंत, तिगांव