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एक दिन की कार्रवाई के बाद अवैध फार्म हाउसों पर कार्रवाई रुकी
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फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र में बने अवैध फार्म हाउसों पर नगर निगम द्वारा और वन विभाग द्वारा एक दिन तोड़फोड़ के बाद बृहस्पतिवार को कार्रवाई रोक दी गई। शहीदी दिवस पर छुट्टी होने के कारण फार्म हाउस संचालकों को एक दिन की राहत दी गई, जिससे वह खुद से खाली कर सकें।
अरावली में वन विभाग की करीब पांच सौ हेक्टेयर जमीन पर अवैध निर्माण हैं। इनमें लगभग 140 फार्म हाउस, शिक्षण संस्थान, होटल व कॉलोनियां शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम और वन विभाग की ओर से दो माह से तोड़फोड़ की जा रही है। लेकिन यह कार्रवाई नाम मात्र तक सीमित हैं। निगम की ओर से अब तक 13 फार्म हाउस को तोड़ा जा चुका है। इनमें चार फार्म हाउसों में तोड़फोड़ कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद बुधवार को शामिल की थी। दूसरी ओर, बृहस्पतिवार को अरावली वन क्षेत्र में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 27 सितंबर को होनी है।
इसे लेकर अधिकारियों के हाथ-पांच फूले हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट में 20 सितंबर को हुई सुनवाई में कोर्ट ने साफ लहजे में नगर निगम और हरियाणा सरकार से कहा है कि क्या अरावली में अवैध फार्म हाउस ढहाने के लिए बार-बार कहा जाएगा। कोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद बुधवार को नगर निगम और वन विभाग ने 15 फार्म हाउसों को ढहाने की योजना बनाई थी। वह भी केवल चार तक सीमित रह गई है। बेहद धीमी गति से की जा रही इस तोड़फोड़ कार्रवाई पर निगम को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट की फटकार का सामना करना पड़ सकता है।
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अवकाश की वजह से अरावली में अवैध फार्म हाउसों के खिलाफ तोड़फोड़ कार्रवाई नहीं की गई। शुक्रवार को एक बार फिर बड़ी तोड़फोड़ कार्रवाई निगम की ओर से की जाएगी। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
-रामजी लाल, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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अरावली में वन विभाग की करीब पांच सौ हेक्टेयर जमीन पर अवैध निर्माण हैं। इनमें लगभग 140 फार्म हाउस, शिक्षण संस्थान, होटल व कॉलोनियां शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम और वन विभाग की ओर से दो माह से तोड़फोड़ की जा रही है। लेकिन यह कार्रवाई नाम मात्र तक सीमित हैं। निगम की ओर से अब तक 13 फार्म हाउस को तोड़ा जा चुका है। इनमें चार फार्म हाउसों में तोड़फोड़ कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद बुधवार को शामिल की थी। दूसरी ओर, बृहस्पतिवार को अरावली वन क्षेत्र में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 27 सितंबर को होनी है।
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इसे लेकर अधिकारियों के हाथ-पांच फूले हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट में 20 सितंबर को हुई सुनवाई में कोर्ट ने साफ लहजे में नगर निगम और हरियाणा सरकार से कहा है कि क्या अरावली में अवैध फार्म हाउस ढहाने के लिए बार-बार कहा जाएगा। कोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद बुधवार को नगर निगम और वन विभाग ने 15 फार्म हाउसों को ढहाने की योजना बनाई थी। वह भी केवल चार तक सीमित रह गई है। बेहद धीमी गति से की जा रही इस तोड़फोड़ कार्रवाई पर निगम को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट की फटकार का सामना करना पड़ सकता है।
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अवकाश की वजह से अरावली में अवैध फार्म हाउसों के खिलाफ तोड़फोड़ कार्रवाई नहीं की गई। शुक्रवार को एक बार फिर बड़ी तोड़फोड़ कार्रवाई निगम की ओर से की जाएगी। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
-रामजी लाल, मुख्य अभियंता, नगर निगम