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Faridabad News: 17 लोकसभा चुनावों से आज तक कोई भी निर्दलीय नहीं चढ़ पाया संसद की सीढ़ियां

Thu, 18 Apr 2024 11:21 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद Updated Thu, 18 Apr 2024 11:21 PM IST
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Till date no independent has been able to climb the stairs of Parliament
- तीन लोकसभा चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने दी थी कांटे की टक्कर
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- उम्मीदवार के बजाए पार्टी के नाम पर लोगों ने दिया अपना कीमती वोट
हेमलता रावत
फरीदाबाद। 10952 से लेकर 17वें लोकसभा चुनाव तक फरीदाबाद लोकसभा (पहले गुरुग्राम) सीट के लिए आज तक कोई भी निर्दलीय उम्मीदवार जनता का चहेता नहीं बन पाया है। लोगों ने निर्दलीय उम्मीदवारों के बजाए पार्टी के नाम पर वोट दिया। इसके अलावा साल 1957, साल 1971 और साल 1977 में निर्दलीय उम्मीदवारों ने विजयी उम्मीदवारों को कांटे की टक्कर देकर दूसरा स्थान हासिल किया।
साल 1952 से लेकर साल 2019 तक 17 लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। अबतक कुल 274 उम्मीदवारों ने विभिन्न पार्टियों से चुनाव लड़कर अपनी किस्मत को अजमाया। उसमें से 148 उम्मीदवार ऐसे भी थे जोकि निर्दलीय लड़े। उन उम्मीदवारों में से तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने विजेता उम्मीदवार को कांटे की टक्कर दी। साल 1952 में पहले लोकसभा चुनाव के दौरान छह उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। इसमें से चार निर्दलीय थे। इस चुनाव में पहले स्थान पर कांग्रेस के उम्मीदवार ठाकुर दास 45 प्रतिशत वोट हासिल कर विजयी रहे। दूसरे स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवार जीवन खान ने 14.5 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। वर्ष 1971 की 5वें लोकसभा चुनाव में कुल 12 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। इसमें कांग्रेस के तैय्यब हुसैन ने 50 प्रतिशत वोट हासिल किए और सांसद बने। दूसरे स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवार नरेंद्र ने 33 प्रतिशत वोट हासिल किए।
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फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र वर्ष 1977 में अस्तित्व में आया। इससे पहले यह गुड़गांव क्षेत्र का हिस्सा था। वर्ष 1977 के चुनाव में सात उम्मीदवार सांसद की कुर्सी पाने के लिए मैदान में उतरे थे। इसमें धर्मवीर वशिष्ठ ने 44.30 फीसदी मतों के साथ 1.85 लाख वोट प्राप्त किए थे। दूसरे नंबर निर्दलीय उम्मीदवार खुर्शीद अहमद रहे। उन्हें करीब 37.75 फीसदी यानी करीब 1.57 लाख मत मिले थे। अन्य लोक सभा चुनाव में किसी भी निर्दलीय उम्मीदवार को दो प्रतिशत से ज्यादा मत नहीं मिले थे। इसी वजह से जिले के लोगों ने निर्दलीय उम्मीदवार के बजाए पार्टी के नाम पर वोट दिए।
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41 में से 33 थे निर्दलीय
साल 1996 में कुल 41 उम्मीदवार लोक चुनाव के मैदान में उतरे थे, जिसमें से 33 निर्दलीय उम्मीदवार अपनी किस्मत को आजमाने के लिए उतरे। उन सभी निर्दलीय उम्मीदवारों को एक प्रतिशत से कम वोट मिले थे। वहीं, साल 1984 में 21 उम्मीदवारों में से 19 और साल 1989 में 18 में से 12 निर्दलीय थे।

साल उम्मीदवार निर्दलीय उम्मीदवार
1952 6 4
1957 3 1
1962 6 3
1967 9 3
1971 12 9
1977 7 4
1980 10 6
1984 21 19
1989 18 12
1991 23 7
1996 41 33
1998 15 6
1999 12 8
2004 14 5
2009 23 10
2014 27 11
2019 27 7
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