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Faridabad News: नई शिक्षा नीति लागू हुए तीन साल, बदले पाठ्यक्रम की किताबें अब भी नहीं मिलीं

Wed, 07 Oct 2026 11:10 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 11:10 PM IST
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Three years since the New Education Policy was implemented, revised textbooks have still not been received.
महाविद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित, शिक्षक और छात्र दोनों हो रहे परेशान
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उच्चतर शिक्षा विभाग को कई बार भेजा जा चुका है पत्र
सूरज कुमार
फरीदाबाद। जिले के महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू हुए तीन वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इसके तहत बदले गए पाठ्यक्रम की किताबें अब तक विद्यार्थियों को उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। किताबें नहीं मिलने के कारण छात्रों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है। वहीं, शिक्षक भी नए पाठ्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों को पढ़ाने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं।

महाविद्यालय प्रबंधन के अनुसार नई शिक्षा नीति के तहत पूरा पाठ्यक्रम नहीं बदला गया है। कुछ विषयों के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। इन्हीं बदले हुए विषयों की किताबें बाजार और महाविद्यालयों में उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में शिक्षक विद्यार्थियों को अन्य माध्यमों से पढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रबंधन की ओर से किताबें उपलब्ध कराने के लिए कई बार उच्चतर शिक्षा विभाग को पत्र भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
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ऑनलाइन शिक्षक सामग्री भी पूरी तरह विश्वसनीय नहीं

बदले हुए पाठ्यक्रम से जुड़ी सामग्री इंटरनेट पर उपलब्ध है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता को लेकर संशय रहता है। ऐसे में छात्रों को केवल ऑनलाइन सामग्री से पढ़ने की सलाह देना भी उचित नहीं है। पाठ्य सामग्री सत्यापित नहीं होती है, जिससे विद्यार्थियों को सही जानकारी मिलने में परेशानी हो सकती है। नई शिक्षा नीति के तहत एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे नए विषय भी पाठ्यक्रम में शामिल किए गए हैं, लेकिन इनकी किताबें अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।
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नई शिक्षा नीति के विषय समझने में परेशानी होती है। किताबें मिल जाएं तो पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकेंगे।-सूरज, छात्र
ऑनलाइन सामग्री से पढ़ाई करते समय सही जानकारी को लेकर असमंजस रहता है। कॉलेज में किताबें मिलने से काफी सहूलियत होगी।-साहिल मौर्य, छात्र
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