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तीन गुना हुए संक्रमित, रिकवरी दर में तीन प्रतिशत गिरावट
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फरीदाबाद। कोरोना संक्रमण के कारण उपचाराधीन मरीज तीन गुना हो गए हैं। मौजूदा समय में जिले में तीन हजार संक्रमित उपचाराधीन हैं। वहीं, रिकवरी दर में तीन फीसदी गिरावट आई है। हर दिन नए मरीजों में इजाफा हो रहा है। बुधवार तक जिले में कोरोना के उपचाराधीन मरीजों की दर (एक्टिव केस) 5.9 प्रतिशत हो गई। एक सप्ताह पहले जिले में 1235 मरीज उपचाराधीन थे। वहीं, बुधवार तक मरीजों की संख्या बढ़कर 3034 हो गई है।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर 380 हो गई। बीते तीन माह में उपचाराधीन मरीजों की संख्या बेहद मामूली थी, जो अप्रैल माह में तेजी से बढ़ी है। मात्र 14 दिनों में ही जिले में 4198 नए मरीज चिन्हित किए गए हैं। वहीं, स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या घटने लगी है। इस कारण रिकवरी दर में गिरावट आई है। मार्च माह की शुरुआत में जिले में 99 प्रतिशत रिकवरी दर थी। यह बीते सप्ताह 96.6 प्रतिशत रह गई, वहीं बुधवार को रिकवरी दर में गिरावट आने के बाद जिले में 93.3 प्रतिशत रिकवरी दर दर्ज की गई।
संक्रमण की दर काफी तीव्र है। लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। दिल्ली में साप्ताहिक कर्फ्यू के हालात हैं। ऐसे में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए मास्क और दो गज की दूरी का पालन करना चाहिए। पहले भी जिले में ऐसी स्थिति का सामना किया है, उससे कई लोगों पर विपरीत प्रभाव पड़ा। ‘दवाई भी कड़ाई भी’ के नियमों का पालन करते हुए मास्क और दो गज की दूरी का पालन करें। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार अपने प्रयास तेज कर रही है। लोग लापरवाह होते ही तमाम सबक को भूल जाते हैं। लोग जागरूक नहीं हुए तो सारी तैयारी धरी रह जाएंगी। कई विपरीत परिणाम सामने आ सकते हैं।
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- डॉ. रणदीप सिंह पुनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
मैं खुद संक्रमित हुआ। इसके बावजूद लोगों के लिए दिन रात एक किया। संक्रमण के दौरान घर से काम किया। ऐसी स्थिति है कि स्वास्थ्य विभाग का एक-एक कर्मचारी अपने सारे प्रयास कर रहा है। यदि लोग नहीं समझे तो सारी व्यवस्थाएं चौपट हो जाएंगी। संक्रमण काल में लोगों की जागरूकता ही एक मात्र उपाय है।
- डॉ. रमेश, टीकाकरण, नोडल अधिकारी
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अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर 380 हो गई। बीते तीन माह में उपचाराधीन मरीजों की संख्या बेहद मामूली थी, जो अप्रैल माह में तेजी से बढ़ी है। मात्र 14 दिनों में ही जिले में 4198 नए मरीज चिन्हित किए गए हैं। वहीं, स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या घटने लगी है। इस कारण रिकवरी दर में गिरावट आई है। मार्च माह की शुरुआत में जिले में 99 प्रतिशत रिकवरी दर थी। यह बीते सप्ताह 96.6 प्रतिशत रह गई, वहीं बुधवार को रिकवरी दर में गिरावट आने के बाद जिले में 93.3 प्रतिशत रिकवरी दर दर्ज की गई।
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संक्रमण की दर काफी तीव्र है। लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। दिल्ली में साप्ताहिक कर्फ्यू के हालात हैं। ऐसे में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए मास्क और दो गज की दूरी का पालन करना चाहिए। पहले भी जिले में ऐसी स्थिति का सामना किया है, उससे कई लोगों पर विपरीत प्रभाव पड़ा। ‘दवाई भी कड़ाई भी’ के नियमों का पालन करते हुए मास्क और दो गज की दूरी का पालन करें। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार अपने प्रयास तेज कर रही है। लोग लापरवाह होते ही तमाम सबक को भूल जाते हैं। लोग जागरूक नहीं हुए तो सारी तैयारी धरी रह जाएंगी। कई विपरीत परिणाम सामने आ सकते हैं।
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- डॉ. रणदीप सिंह पुनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
मैं खुद संक्रमित हुआ। इसके बावजूद लोगों के लिए दिन रात एक किया। संक्रमण के दौरान घर से काम किया। ऐसी स्थिति है कि स्वास्थ्य विभाग का एक-एक कर्मचारी अपने सारे प्रयास कर रहा है। यदि लोग नहीं समझे तो सारी व्यवस्थाएं चौपट हो जाएंगी। संक्रमण काल में लोगों की जागरूकता ही एक मात्र उपाय है।
- डॉ. रमेश, टीकाकरण, नोडल अधिकारी