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बीस हजार रूपए देकर कराते थे बच्चों का धर्म परिवर्तन-

Thu, 23 Sep 2021 11:11 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 11:11 PM IST
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They used to get the children converted to religion by paying twenty thousand rupees.
फरीदाबाद (कैलाश गठवाल)। सेक्टर-17 में दर्ज हुए जबरन धर्म परिवर्तन मामले में पुलिस की जांच शुरू हो गई है। इसमें सामने आया है कि बीस हजार रुपये देकर बच्चों का धर्म परिवर्तन कराया जाता था। पुलिस ने मौलाना कलीम सिद्दीकी सहित 6 पर मामला दर्ज किया है। दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
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शुरुआत जांच में पता चला है कि बच्चों को इस्लाम कबूल करवाने के लिए बाकायदा कक्षाएं लगाई जाती थीं। इसमें बाहर से आए कुछ मौलवी व जमात के लोग अलग-अलग तरह से किशोर और बच्चों को बहलाने का काम करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि बच्चों का ब्रेनवॉश करने के लिए उन्हें दंगों और इस्लाम की बेहतर बातों पर बनाई गई वीडियो भी दिखाई जाती थी। उन्हें बताया जाता कि कैसे वो धर्म बदल कर हमेशा के लिए नर्क जाने से बच सकते हैं।
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कमीशन भी दिया जाता था
धर्म परिवर्तन मामले की जांच में एक बात यह भी सामने आई है कि बातें बनाने में माहिर युवकों को इस्लाम के बारे में प्रचार करने के लिए चुना जाता था। उन्हें दूसरे शहरों में क्लास लगाने के लिए भेजा जाता था। इसके लिए उन्हें पैसे भी मिलते थे। एक दूसरे को जोड़कर ज्यादा लोगों से धर्म बदलवाने पर अलग से कमीशन दिया जाता था। धर्म का प्रचार करने वालों को जमाती कहा जाता है। ये लोग इस्लाम का प्रचार करते हैं। शिकायतकर्ता ने भी पुलिस को बताया है कि उसे धर्म परिवर्तन के लिए बीस हजार रुपये मिले थे। उसे बाहर भी भेजा जाता था। आरोपी पीड़ित के आसपास के ही रहने वाले हैं। ये ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। इनमें से कुछ कबाड़ का काम करते हैं और कुछ सिलाई मशीन का। पुलिस जांच कर रही है कि ये अब तक कितने लोगों का धर्म परिवर्तन करवा चुके हैं।
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कुछ महीनों पहले भी एटीएस लखनऊ की टीम ने की थी पूछताछ
जबरन धर्म परिवर्तन मामले में 28 जून को लखनऊ एटीएस की दो टीमें शहर के एनआईटी पांच इलाके में पहुंची और एक महिला से पूछताछ की। महिला ने करीब पांच साल पहले एक मुस्लिम युवक से प्रेम विवाह किया था। टीम के सदस्य एम ब्लॉक स्थित महिला के घर में पहुंचेऔर पूछताछ शुरू की। एटीएस के एक अधिकारी ने रजिस्टर में दर्ज जानकारी से महिला के नाम व पते का मिलान किया और उससे उसकी शादी के बारे में जानकारी ली थी।
महिला ने बताया कि करीब पांच साल पहले उसने एक मुस्लिम युवक के साथ प्रेम विवाह किया था। शरीयत कोर्ट में पंजीकरण के बावजूद वह अपने पति के साथ नहीं रही। इसी तरह से एनआईटी एक स्थित ए ब्लॉक में रह रहे एक परिवार से भी पूछताछ हुई थी। यहां रह रहे युवक का परिवार साल 2014 में हिंदू धर्म को छोड़ चुका है। हालांकि युवक अपनी पुरानी पहचान को भी साथ ही रखे हुए है। युवक साल 2014 से पहले अपने नाम के पीछे सेठी लगाता था। उसके बाद से सेठी खान लिखने लगा। केंद्रीय स्तर की एक जांच एजेंसी के अधिकारियों ने उससे पूछताछ की थी।

उमर गौतम से भी हुई थी युवक की मुलाकात
एनआईटी निवासी युवक से पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि उत्तर प्रदेश की एटीएस टीम द्वारा काबू किये गए आरोपी उमर गौतम से भी एनआईटी एक निवासी युवक मिल चुका है। उमर धौज के एक गांव में चल रही इस्लामिक एनजीओ का सदस्य भी है। वह यहां एक दो बार आया भी है। उमर ही दिल्ली में इस्लामिक दावा सेंटर को चला रहा था। एनआईटी निवासी युवक के पास जो धर्म परिवर्तन के दस्तावेज हैं उन पर उमर गौतम के हस्ताक्षर हैं। (संवाद)
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