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Faridabad News: किडनी प्रत्यारोपण में अब नहीं होगी देरी, एचएलए टेस्ट की सुविधा होगी शुरू

Sun, 04 May 2025 07:37 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 04 May 2025 07:37 PM IST
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There will be no delay in kidney transplantation, HLA test facility will be started
किडनी प्रत्यारोपण में अब नहीं होगी देरी, एचएलए टेस्ट की सुविधा होगी शुरू
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ईएसआईसी अस्पताल में ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पूरी होने के लिए बाहर लैब में भेजने पड़ते हैं सैंपल
संवाद न्यूज ऐजंसी
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण के मरीजों के लिए ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन (एचएलए) टेस्ट की सुविधा उपलब्ध होगी। यह टेस्ट जल्द से शुरू कर दिया जाएगा, जिससे किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जरूरी मैचिंग प्रक्रिया में तेजी आएगी और मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

ईएसआईसी अस्पताल में रोजाना ओपीडी में 100 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हर सप्ताह करीब दो ट्रांसप्लांट किए जाते हैं। ट्रांसप्लांट से पहले मरीजों की किडनी मैचिंग के लिए एचएलए टेस्ट कराया जाता है। अभी तक यह सुविधा अस्पताल में उपलब्ध नहीं थी। इसके कारण मरीजों के सैंपल निजी लैब में भेजने पड़ते थे। इससे रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन का समय लगता था, जिससे ट्रांसप्लांट में भी देरी होती है। मरीजों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब यह जांच अस्पताल में ही हो सकेगी और रिपोर्ट मात्र एक दिन में प्राप्त हो जाएगी। इससे ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में तेजी आएगी।
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जिले में किडनी के करीब 3.50 लाख मरीज

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, जिले में करीब 3.50 लाख किडनी के मरीज हैं। किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया, जिले में 16 फीसदी लोग किसी न किसी रूप में किडनी की बीमारी से ग्रसित हैं। इसमें चिंताजनक बात डायबिटीज और बीपी के मरीजों का बढ़ना है। इससे किडनी के मरीजों में इजाफा हो रहा है।
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अस्पताल में अब रोबोटिक सर्जरी की मदद से किडनी प्रत्यारोपण किया जा रहा है। इस अत्याधुनिक तकनीक से सर्जरी अधिक सटीक और सुरक्षित हो गई है। पारंपरिक सर्जरी की तुलना में रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन के दौरान कम कट लगता है, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाता है। विशेषज्ञों ने कहा कि सर्जरी के बाद रिकवरी तेजी से होती है और मरीज कम समय में अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है।

वर्जन

भविष्य में प्रत्यारोपण की सफलता दर को और बेहतर बनाने के लिए उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। जल्द ही अस्पताल में अन्य प्रत्यारोपण सुविधाओं को बढ़ाने की योजना बनाई गई है, जिससे मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। - डॉ. संदीप कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआईसी अस्पताल
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