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Faridabad News: डॉक्टर भी हैं, संसाधन भी है... बस नहीं है तो इलाज

Fri, 18 Sep 2026 12:18 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2026 12:18 AM IST
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There are doctors, and there are resources too... the only thing missing is the treatment.
अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल कॉलेज में 8 महीने से शुरू नहीं हो पाई डेंटल चेयर
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संवाद न्यूज एजेंसी

बल्लभगढ़। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दांतों के उपचार की सुविधा शुरू होने का इंतजार कर रहे मरीजों को अभी भी निराशा हाथ लग रही है। अस्पताल में करीब 8 महीने पहले डेंटल चेयर पहुंच चुकी है, इसके बावजूद मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
डेंटल चेयर शुरू नहीं होने के कारण दांतों से संबंधित उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बीके अस्पताल या निजी केंद्रों पर रेफर किया जा रहा है। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में बेहतर और कम खर्च में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं लेकिन डेंटल सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें बाहर जाना पड़ता है। इससे मरीजों को अतिरिक्त खर्च के साथ समय की परेशानी भी उठानी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि डेंटल चेयर अस्पताल में आने के बाद भी अब तक इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इसे लेकर मरीजों और परिजनों की ओर से अस्पताल प्रशासन को कई बार शिकायत भी की जा चुकी है।
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मेडिकल कॉलेज में हर रोज करीब 50 से अधिक मरीज दांतों का उपचार करवाने के लिए आते हैं, जिसमें कई मरीजों में दांतों की सफाई, मसाला भरा व आदि कार्य होते हैं। यह सभी कार्य डेंटल चेयर के ऊपर मरीज को बैठाकर किए जाते हैं। मेडिकल कॉलेज में 4 दंत रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति होने के बावजूद मरीजों का सही से उपचार नहीं हो पा रहा है। मरीज निशा, पूजा, राज का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संसाधन पहुंचाए जा रहे हैं लेकिन उपकरण आने के बाद भी यदि उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है तो इसका सीधा नुकसान मरीजों को उठाना पड़ता है।
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वर्जन
चेयर को शुरू करने के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये का कोई उपकरण आना है। उपकरण के आने के बाद ही उस चेयर को शुरू किया जा सकता है। जेम्स पोर्टल पर अनुरोध डाला हुआ है लेकिन पोर्टल पर सामान उपलब्ध नहीं होने की वजह से देरी हो रही है। उच्च अधिकारियों से बात करेंगे। - डॉ देंवेद्र अटल, निदेशक
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