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Faridabad News: देशव्यापी हड़ताल का जिले में नहीं दिखा असर, खुले रहे मेडिकल स्टोर
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- ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में कई राज्यों में बंद रहीं दुकानें, लेकिन शहर में सामान्य रही व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में बुधवार को बुलाई गई देशव्यापी केमिस्ट हड़ताल का असर जिले में देखने को नहीं मिला। शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर सामान्य दिनों की तरह खुले रहे और मरीजों को बिना किसी परेशानी के दवाइयां मिलती रहीं। अस्पतालों के आसपास स्थित मेडिकल स्टोरों पर भी रोजाना की तरह भीड़ नजर आई।
केमिस्ट संगठनों की ओर से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने और नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग उठाई जा रही है। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट देकर पारंपरिक मेडिकल स्टोर कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं। एसोसिएशन के अनुसार, सामान्य तौर पर मेडिकल स्टोर संचालकों को 18 से 20 प्रतिशत तक का मार्जिन मिलता है, जबकि ऑनलाइन कंपनियां 30 प्रतिशत तक की छूट देकर बाजार पर कब्जा कर रही हैं। इससे छोटे और मध्यम स्तर के केमिस्ट आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
हरियाणा स्टेट ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मनजीत शर्मा ने कहा कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इन कंपनियों के पास सभी आवश्यक लाइसेंस हैं या नहीं। वहीं, कई जिलों की केमिस्ट एसोसिएशनों ने हड़ताल से दूरी बनाई। पंचकूला केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान मनोज गुलाटी ने बताया कि कुछ आंतरिक कारणों के चलते उन्होंने हड़ताल में शामिल नहीं होने का फैसला लिया। गुरुग्राम और महेंद्रगढ़ की एसोसिएशनों ने भी हड़ताल का समर्थन नहीं किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में बुधवार को बुलाई गई देशव्यापी केमिस्ट हड़ताल का असर जिले में देखने को नहीं मिला। शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर सामान्य दिनों की तरह खुले रहे और मरीजों को बिना किसी परेशानी के दवाइयां मिलती रहीं। अस्पतालों के आसपास स्थित मेडिकल स्टोरों पर भी रोजाना की तरह भीड़ नजर आई।
केमिस्ट संगठनों की ओर से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने और नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग उठाई जा रही है। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट देकर पारंपरिक मेडिकल स्टोर कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं। एसोसिएशन के अनुसार, सामान्य तौर पर मेडिकल स्टोर संचालकों को 18 से 20 प्रतिशत तक का मार्जिन मिलता है, जबकि ऑनलाइन कंपनियां 30 प्रतिशत तक की छूट देकर बाजार पर कब्जा कर रही हैं। इससे छोटे और मध्यम स्तर के केमिस्ट आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
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हरियाणा स्टेट ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मनजीत शर्मा ने कहा कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इन कंपनियों के पास सभी आवश्यक लाइसेंस हैं या नहीं। वहीं, कई जिलों की केमिस्ट एसोसिएशनों ने हड़ताल से दूरी बनाई। पंचकूला केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान मनोज गुलाटी ने बताया कि कुछ आंतरिक कारणों के चलते उन्होंने हड़ताल में शामिल नहीं होने का फैसला लिया। गुरुग्राम और महेंद्रगढ़ की एसोसिएशनों ने भी हड़ताल का समर्थन नहीं किया।
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