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Faridabad News: औद्योगिक नगरी में सफाई व्यवस्था का मुद्दा विधानसभा में गूंजा
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विधायक सतीश फागना ने खामियों को लेकर सवाल खड़ा किया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में औद्योगिक नगरी फरीदाबाद की सफाई व्यवस्था और डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का मामला गूंजा। एनआईटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतीश फागना ने प्रश्नकाल में सफाई व्यवस्था की खामियों को लेकर सवाल खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि एनआईटी क्षेत्र में आबादी की तुलना में सफाई कर्मियों की संख्या काफी कम है, जिस कारण डोर-टू-डोर कूड़ा उठान सुचारु ढंग से नहीं हो पा रहा और कूड़ा सड़कों पर दिखाई देता है।
विधायक ने सरकार से सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की। इस पर जवाब देते हुए शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि वर्तमान में एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में 425 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, जेसीबी और डंपरों की मदद से नियमित सफाई करवाई जा रही है। मंत्री ने बताया कि सफाई की गुणवत्ता और तेजी को देखते हुए अतिरिक्त दो स्वीपिंग मशीनें भी लगाई गई हैं।
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विधानसभा में इस बहस से साफ है कि औद्योगिक नगरी में सफाई व्यवस्था अब भी चुनौती बनी हुई है। जहां एक ओर विधायक ने मौजूदा व्यवस्था को नाकाफी बताया, वहीं सरकार का दावा है कि पर्याप्त कर्मचारी और मशीनें लगाकर सफाई को व्यवस्थित किया जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में औद्योगिक नगरी फरीदाबाद की सफाई व्यवस्था और डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का मामला गूंजा। एनआईटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतीश फागना ने प्रश्नकाल में सफाई व्यवस्था की खामियों को लेकर सवाल खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि एनआईटी क्षेत्र में आबादी की तुलना में सफाई कर्मियों की संख्या काफी कम है, जिस कारण डोर-टू-डोर कूड़ा उठान सुचारु ढंग से नहीं हो पा रहा और कूड़ा सड़कों पर दिखाई देता है।
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विधायक ने सरकार से सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की। इस पर जवाब देते हुए शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि वर्तमान में एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में 425 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, जेसीबी और डंपरों की मदद से नियमित सफाई करवाई जा रही है। मंत्री ने बताया कि सफाई की गुणवत्ता और तेजी को देखते हुए अतिरिक्त दो स्वीपिंग मशीनें भी लगाई गई हैं।
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विधानसभा में इस बहस से साफ है कि औद्योगिक नगरी में सफाई व्यवस्था अब भी चुनौती बनी हुई है। जहां एक ओर विधायक ने मौजूदा व्यवस्था को नाकाफी बताया, वहीं सरकार का दावा है कि पर्याप्त कर्मचारी और मशीनें लगाकर सफाई को व्यवस्थित किया जा रहा है।